लोमस ऋषि आश्रम से 9 लोग सुरक्षित बाहर, महादेव घाट विसर्जन कुंड बंद, महानदी में बहती आई शराब को लूटने पुल पर जुटे लोग, नगर सेना ने किया 102 लोगों का रेस्क्यू

Nine people safely rescued from Lomas Rishi Ashram; Mahadev Ghat immersion pond closed; people gathered on the bridge to scramble for liquor floating down the Mahanadi River; Civil Defence rescued 102 people.

लोमस ऋषि आश्रम से 9 लोग सुरक्षित बाहर, महादेव घाट विसर्जन कुंड बंद, महानदी में बहती आई शराब को लूटने पुल पर जुटे लोग, नगर सेना ने किया 102 लोगों का रेस्क्यू

अभनपुर विधायक इन्द्र कुमार साहू ने किया दौरा
नवापारा : गोबरा नवापारा क्षेत्र में जलभराव और बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने कैबिनेट मंत्री टंक राम वर्मा जी और अभनपुर विधायक इन्द्र कुमार साहू ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया. इस दौरान दोनों जनप्रतिनिधियों ने बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और उन्हें राहत सामग्री का वितरण किया.
उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देशित किया कि जलभराव वाले क्षेत्रों से पानी की जल्द से जल्द निकासी सुनिश्चित की जाए. साथ ही, बाढ़ से हुए मकान, फसल व अन्य संपत्तियों के नुकसान का तत्काल सर्वे कर मुआवजा प्रकरण तैयार करने और स्वास्थ्य सुरक्षा के दृष्टिगत दवा का छिड़काव एवं मेडिकल कैंप लगाने के निर्देश दिए गए.
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राहत लेकर पहुंचा मुस्लिम समाज, जरूरतमंद परिवारों में बांटी खाद्य सामग्री
नवापारा : लगातार हो रही भारी बारिश और जलभराव से प्रभावित परिवारों के बीच राहत और मदद का सिलसिला जारी है. मुश्किल हालात में जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचाने के लिए नवापारा मुस्लिम समाज की टीम नवापारा राजिम के बारिश प्रभावित इलाकों में पहुंची और परिवारों को आवश्यक खाद्य एवं राहत सामग्री वितरित की.
मुस्लिम समाज के लोगों टीम ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनकी जरूरतों की जानकारी ली और उन्हें यथासंभव सहायता उपलब्ध कराई। राहत सामग्री में दूध, चाय, बिस्किट, मिक्सचर, भोजन और पीने का पानी सहित रोजमर्रा में काम आने वाली अन्य आवश्यक सामग्री शामिल थी. टीम ने प्रभावित लोगों के बीच पहुंचकर उन्हें भरोसा दिलाया कि संकट की इस घड़ी में वे अकेले नहीं हैं.
टीम के सदस्यों ने प्रभावित परिवारों तक राहत सामग्री पहुंचाने के साथ उनकी परेशानियों को भी जाना और जरूरत के मुताबिक मदद उपलब्ध कराने का प्रयास किया. भारी बारिश और जलभराव के बीच प्रभावित परिवारों तक पहुंची यह पहल सामाजिक सहयोग और मानवीय संवेदना का संदेश दे रही है. राहत कार्य का उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों को मुश्किल समय में आवश्यक सहायता उपलब्ध कराना और उन्हें भरोसा दिलाना है कि संकट की घड़ी में समाज उनके साथ खड़ा है.

महानदी में बहती आई शराब को लूटने पुल पर जुटे लोग
रायपुर/नवापारा : महानदी में आई बाढ़ के बीच एक अलग ही नजारा देखने को मिला. धमतरी जिले की तरफ से तेज बहाव के साथ प्लास्टिक की बोतलों में भरकर शराब पानी में बहते हुए गोबरा नवापारा की तरफ पहुंचने की खबर के बाद लोगों की भीड़ सोमवारी बाजार पुल पर लग गई. रायपुर और धमतरी जिले को जोड़ने वाले इस पुल पर लोग नदी के बहाव पर नजरें टिकाए शराब की बोतलों को पकड़ने की कोशिश करते नजर आए.
बताया जा रहा है कि महानदी के तेज बहाव में प्लास्टिक की बोतलों में भरी शराब बहकर आ रही थी. जैसे ही लोगों को इसकी जानकारी मिली, मौके पर भीड़ बढ़ती गई. कुछ लोग बांस में जाली लगाकर तो कुछ अन्य स्थानीय जुगाड़ के जरिए नदी के किनारे और पुल के आसपास बहकर आ रही बोतलों को निकालने की कोशिश करते दिखाई दिए. इस दौरान शराब की बोतलें पकड़ने की होड़ में लोग अपनी जान तक जोखिम में डालते नजर आए. महानदी का बहाव तेज होने के बावजूद मदिरा प्रेमी पुल के ऊपर चढ़कर बोतलें निकालने की कोशिश करते रहे.
थोड़ी सी लापरवाही पड़ सकती है भारी
बाढ़ के बीच इस तरह की लापरवाही कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है. बाढ़ के कारण महानदी इस समय उफान पर है और पानी का बहाव काफी तेज है. इसके बावजूद शराब की बोतलें पकड़ने के लिए लोगों का नदी के बेहद करीब तक पहुंचना हादसे को न्योता दे रहा है. सोमवारी बाजार पुल पर काफी देर तक लोगों की भीड़ जमा रही और नदी में बहकर आ रही बोतलों को लेकर लोगों के बीच चर्चा होती रही. इधर महानदी में बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन लगातार लोगों से नदी, पुल और तेज बहाव वाले स्थानों से दूरी बनाए रखने की अपील कर रहा है. बाढ़ की स्थिति में थोड़ी सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है.
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कमर से ऊपर पानी में 1 KM अंदर पहुंची नगर सेना, बुधराम साहू को बचाया, राजिम के रावण गांव से 50 और अमलीपदर से 102 लोगों का रेस्क्यू
गरियाबंद : गरियाबंद जिले में लगातार हो रही बारिश के बीच राजिम क्षेत्र में बाढ़ का असर दिखाई दे रहा है. राजिम के रावण गांव और नवापारा सोमवरी बाजार का इलाका पानी से घिर गया. इस दौरान एक घर में लोग फंस गए. जबकि रावण के एक मोहल्ले में भी बड़ी तादाद में लोग बाढ़ के बीच फंसे हुए थे. खबर मिलने पर नगर सेना गरियाबंद की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और बचाव अभियान शुरू किया.
चारों तरफ पानी ही पानी, घर में फंसे थे बुधराम
ग्राम रावड़, थाना राजिम निवासी बुधराम साहू बाढ़ के पानी के बीच अपने घर में फंस गए थे. घर के चारों तरफ पानी भर चुका था और जलस्तर कमर से ज्यादा होने की वजह से बाहर निकलना जोखिम भरा हो गया था. खबर मिलने के बाद नगर सेना की टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया.
टीम ने बाढ़ के पानी के बीच करीब एक किलोमीटर तक पहुंचकर बुधराम साहू को सुरक्षित बाहर निकाला और उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया. रेस्क्यू अभियान सफलतापूर्वक पूरा होने के बाद राहत की सांस ली गई.
एक घर में फंसे लोगों को भी सुरक्षित निकाला
राजिम क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति के बीच एक घर में लोगों के फंसे होने की खबर मिली. इसके बाद रेस्क्यू टीम ने मौके पर पहुंचकर उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला. वहीं रावण गांव के करीब एक किलोमीटर के क्षेत्र में स्थित मोहल्ले में भी पानी भरने से लोग प्रभावित हुए थे. टीम ने यहां पहुंचकर करीब 50 लोगों को सुरक्षित निकाला और उचित स्थान पर शिफ्ट किया.
शाम 5 बजे शुरू हुआ रेस्क्यू, दो घंटे तक चला अभियान
राजिम के रावण गांव और आसपास के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में शाम करीब 5 बजे रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया. करीब दो घंटे तक चले अभियान में नगर सेना की टीम ने लगातार बचाव कार्य किया. बाढ़ के पानी के बीच फंसे लोगों को सुरक्षित निकालकर उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया.
इन जवानों ने संभाला रेस्क्यू अभियान
रेस्क्यू ऑपरेशन में नगर सेना गरियाबंद के जवानों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अभियान में हवलदार उमेंद्र सिन्हा, कुलेश्वर साहू, नायक वासुदेव निषाद, लांस नायक गोपीचंद ठाकुर, सैनिक मोहन निषाद, भुनेश्वर वर्मा, पन्ना पटेल, दिलीप ठाकुर, दर्शन ठाकुर, सुरेंद्र यादव, सोहन कंवर और नारायण ध्रुव शामिल रहे।.
अमलीपदर में भी 102 लोगों को सुरक्षित निकाला
इधर अमलीपदर क्षेत्र में भी बाढ़ की स्थिति के बीच नगर सेना गरियाबंद की रेस्क्यू टीम ने अभियान चलाया. यहां करीब 102 लोगों को बाढ़ प्रभावित इलाकों से निकालकर उचित स्थान पर शिफ्ट किया गया. लगातार बारिश के कारण क्षेत्र में जलस्तर बढ़ने से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम किया गया.
राजिम और अमलीपदर में 152 लोगों का रेस्क्यू
राजि म क्षेत्र में करीब 50 और अमलीपदर क्षेत्र में करीब 102 लोगों को मिलाकर कुल करीब 152 लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया. बारिश के बीच नगर सेना की रेस्क्यू टीम लगातार प्रभावित क्षेत्रों में बचाव कार्य में जुटी रही. बाढ़ प्रभावित इलाकों में प्रशासन और बचाव दल की सक्रियता से लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने का अभियान जारी है.
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लोमस ऋषि आश्रम से 9 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया
धमतरी/मगरलोड : पुलिस अधीक्षक धमतरी श्रीमती भावना पांडेय,के निर्देशन एवं एएसपी,एवं एसडीओपी कुरूद के मार्गदर्शन में करेलीबड़ी चौकी पुलिस ने बाढ़ की विषम परिस्थितियों में अदम्य साहस और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय देते हुए लोमस ऋषि आश्रम एवं गौशाला में फंसे 9 लोगों को सुरक्षित बाहर निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। रेस्क्यू किए गए लोगों में 3 मासूम बच्चे, महिलाएं, बुजुर्ग साधु एवं एक मानसिक रूप से विक्षिप्त व्यक्ति शामिल थे.
रात 10 बजे मिली खबर
मिली जानकारी के मुताबिक 25 सितंबर 2026 की रात करीब 10 बजे नवागांव के ग्रामीणों से खबर मिली कि कुलेश्वर महादेव मंदिर के पास स्थित लोमस ऋषि आश्रम और गौशाला में कई लोग बाढ़ के पानी से घिर गए हैं. खबर की गंभीरता को देखते हुए चौकी प्रभारी सउनि राधेश्याम बंजारे पुलिस बल के साथ तत्काल मौके के लिए रवाना हुए.
3 किलोमीटर पैदल और 200 मीटर गहरे पानी को तैरकर पार किया
मगरलोड-राजिम मुख्य मार्ग से कुलेश्वर महादेव मंदिर के पास तक बाढ़ का पानी तेजी से बढ़ चुका था. आश्रम तक पहुंचने का सीधा रास्ता पूरी तरह बाधित होने के बावजूद पुलिस टीम ने हिम्मत नहीं हारी। जवानों ने नवागांव की तरफ से नदी किनारे करीब 3 किलोमीटर का कच्चा रास्ता पैदल तय किया।
इसके बाद चौकी प्रभारी राधेश्याम बंजारे, आरक्षक अनिल कुमार साहू एवं स्थानीय ग्रामीण नंदेश ध्रुव ने करीब 200 मीटर गहरे बाढ़ के पानी को तैरकर पार किया। टीम ने दो बार फेरे लगाकर आश्रम में फंसे लोगों तक पहुंच बनाई और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने की कार्यवाही शुरू की.
रात करीब 1 बजे तक चला साहसिक रेस्क्यू ऑपरेशन
लगातार बढ़ते जलस्तर और अंधेरे के बीच पुलिस टीम ने अत्यंत सावधानी से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। कड़ी मशक्कत के बाद देर रात करीब 1 बजे तक सभी 9 लोगों को सकुशल बाहर निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया.
सुरक्षित निकाले गए लोगों में-
– दुर्गेशचंद्र प्रधान (38 वर्ष), पत्नी पूनम प्रधान (30 वर्ष), उपासना (10 वर्ष), अघनी (6 वर्ष) एवं अंश प्रधान (2 वर्ष) – निवासी सुकली भाठा, देवभोग, जिला गरियाबंद।
– नेहरू राम साहू (54 वर्ष) – निवासी झाझर झोरी, नवापारा, जिला रायपुर।
– श्री धारानंद महात्मा (81 वर्ष) – निवासी झबरा, जिला मैनपुरी, उत्तर प्रदेश।
– श्री फकलूरम महानंद (77 वर्ष) – निवासी पैण्ड्रावन, जिला नुवापाड़ा, ओडिशा।
– एक मानसिक रूप से विक्षिप्त व्यक्ति (उम्र लगभग 55 वर्ष)।
पुलिस एवं ग्रामीणों की संयुक्त मेहनत से सफल हुआ रेस्क्यू
इस साहसिक रेस्क्यू अभियान में चौकी प्रभारी सउनि.राधेश्याम बंजारे, प्रआर. लोकेश नेताम, प्रआर. हरिश सोरी, आरक्षक अनिल कुमार साहू, विश्वजीत वर्मा, यशवंत लहरी सहित ग्रामीण नंदेश साहू (34 वर्ष), निवासी भेण्डरी एवं सरपंच पति अवधराम साहू (40 वर्ष), निवासी नवागांव की अहम भूमिका रही.
बाढ़ की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में पुलिस जवानों एवं ग्रामीणों की टीम ने समन्वय, साहस और तत्परता का परिचय देते हुए सभी फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। समय पर की गई इस कार्यवाही से 9 लोगों की जान सुरक्षित बचाई जा सकी. स्थानीय ग्रामीणों ने धमतरी पुलिस की इस साहसिक एवं मानवीय पहल की सराहना करते हुए पुलिस टीम के प्रति आभार व्यक्त किया।
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महादेव घाट विसर्जन कुंड बंद
रायपुर : रायपुर के महादेवघाट के समीप नगर निगम रायपुर के विसर्जन कुण्ड स्थल पर खारून नदी के जल का स्तर लगातार बढ़ने के कारण नागरिकों की सुरक्षा की दृष्टि से प्रशासन द्वारा वहाँ मूर्ति विसर्जन की प्रक्रिया को बंद किया जा रहा है.
सभी नागरिकों से विनम्र अपील की गयी है कि वे महादेवघाट के समीप विसर्जन कुण्ड में मूर्ति विसर्जन करने आवें और प्रशासन को स्थिति सामान्य होते तक सहयोग देने का इसमें कष्ट करें। खारून नदी के जल का स्तर सामान्य होते ही प्रशासन द्वारा विसर्जन कुण्ड में महादेवघाट के समीप मूर्ति विसर्जन की प्रक्रिया पुनः प्रारम्भ कर दी जाएगी.
महानदी में बहती आई शराब को लूटने पुल पर जुटे लोग
रायपुर/नवापारा : महानदी में आई बाढ़ के बीच एक अलग ही नजारा देखने को मिला. धमतरी जिले की तरफ से तेज बहाव के साथ प्लास्टिक की बोतलों में भरकर शराब पानी में बहते हुए गोबरा नवापारा की तरफ पहुंचने की खबर के बाद लोगों की भीड़ सोमवारी बाजार पुल पर लग गई. रायपुर और धमतरी जिले को जोड़ने वाले इस पुल पर लोग नदी के बहाव पर नजरें टिकाए शराब की बोतलों को पकड़ने की कोशिश करते नजर आए.
बताया जा रहा है कि महानदी के तेज बहाव में प्लास्टिक की बोतलों में भरी शराब बहकर आ रही थी. जैसे ही लोगों को इसकी जानकारी मिली, मौके पर भीड़ बढ़ती गई. कुछ लोग बांस में जाली लगाकर तो कुछ अन्य स्थानीय जुगाड़ के जरिए नदी के किनारे और पुल के आसपास बहकर आ रही बोतलों को निकालने की कोशिश करते दिखाई दिए. इस दौरान शराब की बोतलें पकड़ने की होड़ में लोग अपनी जान तक जोखिम में डालते नजर आए. महानदी का बहाव तेज होने के बावजूद मदिरा प्रेमी पुल के ऊपर चढ़कर बोतलें निकालने की कोशिश करते रहे.
थोड़ी सी लापरवाही पड़ सकती है भारी
बाढ़ के बीच इस तरह की लापरवाही कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है. बाढ़ के कारण महानदी इस समय उफान पर है और पानी का बहाव काफी तेज है. इसके बावजूद शराब की बोतलें पकड़ने के लिए लोगों का नदी के बेहद करीब तक पहुंचना हादसे को न्योता दे रहा है. सोमवारी बाजार पुल पर काफी देर तक लोगों की भीड़ जमा रही और नदी में बहकर आ रही बोतलों को लेकर लोगों के बीच चर्चा होती रही. इधर महानदी में बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन लगातार लोगों से नदी, पुल और तेज बहाव वाले स्थानों से दूरी बनाए रखने की अपील कर रहा है. बाढ़ की स्थिति में थोड़ी सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है.
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रातभर भारी बारिश के बीच डटे रहे जवान, फंसे रहे सैकड़ों यात्री,सुबह 6 बजे पंटोरा का पानी उतरा, खुल गया बंद पड़ा रास्ता
गरियाबंद : गरियाबंद जिले में लगातार चार दिनों से हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। नदी-नाले उफान पर हैं और कई मार्गों पर पानी भरने से आवागमन प्रभावित हुआ। इसी बीच पैंटोरा नाला में पानी आने के कारण रायपुर-गरियाबंद मुख्य मार्ग पर भी यातायात पूरी तरह थम गया था। शुक्रवार दोपहर करीब 12 से 1 बजे के बीच मार्ग बंद होने के बाद जिला मुख्यालय के दोनों ओर सैकड़ों यात्री और वाहन फंस गए थे.
लगातार बारिश और नदी-नालों में बढ़े जलस्तर के कारण पैंटोरा क्षेत्र में सड़क पर पानी का दबाव बढ़ गया था। सुरक्षा को देखते हुए वाहनों की आवाजाही रोक दी गई थी और मौके पर जवानों की तैनाती की गई थी। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार पैंटोरा में पानी भरने के कारण रायपुर-गरियाबंद मार्ग पर वाहनों की कतार लग गई थी और पुलिसकर्मी मौके पर मुस्तैद थे.
रातभर डटे रहे जवान, सुबह आई राहत की खबर
भारी बारिश के बीच पुलिस और सुरक्षा में लगे जवानों ने रातभर मोर्चा संभाले रखा। बारिश रुकने के बाद धीरे-धीरे पैंटोरा नाला का पानी कम हुआ और शनिवार सुबह करीब 6 बजे मार्ग से पानी उतरने के बाद आवागमन फिर से शुरू कर दिया गया.
करीब 16 घंटे तक बंद रहे मार्ग के खुलने से रायपुर और गरियाबंद की ओर जाने वाले यात्रियों ने राहत की सांस ली। सुबह से ही सड़क पर वाहनों की आवाजाही सामान्य होने लगी.
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चार दिन से अंधेरे में बोराई क्षेत्र, बिजली गई तो पानी और नेटवर्क भी ठप
धमतरी/नगरी/बोराई : बारिश के बीच नगरी विकासखंड का बोराई क्षेत्र इन दिनों बुनियादी सुविधाओं के संकट से जूझ रहा है। बोराई, बुडरा, मैनपुर, घुटकेल बनियाडीही, लिखमा, कोटपार, कारीपानी सहित आसपास के गांवों में पिछले चार दिनों से बिजली व्यवस्था ठप है। ग्रामीणों के मुताबिक कई स्थानों पर बिजली के खंभे टूट गए हैं, तार क्षतिग्रस्त हैं और विद्युत आपूर्ति बहाल नहीं हो पाई है.
बिजली बंद होने का असर केवल रोशनी तक सीमित नहीं है। नल-जल योजना की मोटरें नहीं चलने से पानी की टंकियां नहीं भर पा रही हैं। इसके चलते ग्रामीणों को पेयजल के लिए वैकल्पिक स्रोतों पर निर्भर होना पड़ रहा है। दूसरी ओर विद्युत आपूर्ति बाधित होने से मोबाइल नेटवर्क टावर भी प्रभावित बताए जा रहे हैं। कई गांवों में मोबाइल सेवा कमजोर या पूरी तरह बंद होने से ग्रामीणों के लिए आपात स्थिति में संपर्क करना मुश्किल हो गया है.
एक समस्या ने खड़ी कर दी कई मुश्किलें
चार दिन से जारी बिजली संकट के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित है और शाम होते ही गांवों में अंधेरा छा जाता है। मोबाइल चार्ज नहीं होने से संपर्क व्यवस्था बाधित है। बुजुर्गों, बीमार लोगों और महिलाओं को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के कारण ग्रामीण सड़कों पर जलभराव होने से आवागमन की समस्या अलग बनी हुई है.
ग्रामीणों का कहना है कि बोराई क्षेत्र में मानसून के दौरान बिजली व्यवस्था प्रभावित होना कोई नई बात नहीं है। इसके बावजूद हर वर्ष ऐसी स्थिति से निपटने के लिए स्थायी या वैकल्पिक व्यवस्था नहीं बन पाती। उनका सवाल है कि जब क्षेत्र में प्राकृतिक परिस्थितियों की जानकारी पहले से है, तो आपदा की स्थिति में विद्युत, पेयजल और संचार जैसी जरूरी सेवाओं को बनाए रखने की तैयारी क्यों नहीं की जाती।
30 किमी दूर मुख्यालय, फिर भी चार दिन तक खबर नहीं?
नगरी ब्लॉक मुख्यालय से करीब 30 किलोमीटर दूर बोराई क्षेत्र में चार दिनों से जारी संकट ने प्रशासनिक निगरानी पर भी सवाल खड़े किए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि नेटवर्क बंद होने के कारण शिकायत करना भी मुश्किल है। ऐसे में दूरस्थ गांवों की स्थिति की जानकारी प्रशासन को स्वयं लेकर मरम्मत और राहत दल भेजना चाहिए।
ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि विकास की योजनाओं का वास्तविक लाभ दूरस्थ वनांचल गांवों तक पहुंचना जरूरी है.
24 घंटे का अल्टीमेटम, नहीं तो घेराव
लगातार चार दिनों से बिजली, पानी और संचार संकट झेल रहे ग्रामीणों ने अब आंदोलन की चेतावनी दी है। ग्रामीणों के अनुसार यदि 24 घंटे के भीतर विद्युत आपूर्ति बहाल नहीं की गई और पेयजल व्यवस्था सुचारू नहीं हुई, तो नगरी जनपद पंचायत और विद्युत विभाग कार्यालय का घेराव किया जाएगा।
ग्रामीणों ने कलेक्टर धमतरी और विद्युत विभाग के कार्यपालन अभियंता से प्रभावित गांवों में तत्काल टीम भेजकर क्षतिग्रस्त विद्युत व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग की है। उनका कहना है कि दूरस्थ क्षेत्र में रहना बुनियादी सुविधाओं से वंचित रहने की मजबूरी नहीं बनना चाहिए।
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बारिश ने खोली आंगनबाड़ी की पोल: जर्जर छत के नीचे 18 बच्चों की पढ़ाई, करंट का भी खतरा
खैरागढ़ : खैरागढ़ लगातार बारिश ने जहां लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत दी है, वहीं जिला मुख्यालय से महज 10 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत पाण्डुका में आंगनबाड़ी भवन की बदहाल स्थिति सामने आई है। जर्जर भवन की छत बारिश में टपकने लगती है। कई जगह प्लास्टर उखड़ चुका है और सरिया दिखाई देने लगी है। प्लास्टर के टुकड़े गिरने से बच्चों पर हादसे का खतरा बना हुआ है।
सरपंच, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और ग्रामीणों के अनुसार भवन करीब दो वर्षों से इसी हालत में है। महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों से कई बार मरम्मत की मांग की गई, लेकिन अब तक न मरम्मत हुई और न ही वैकल्पिक व्यवस्था की गई। केंद्र में 18 बच्चों की दर्ज संख्या है, जिन्हें जोखिम के बीच पढ़ना पड़ रहा है।
भवन की छत से विद्युत लाइन भी गुजर रही है, जिससे बारिश के दौरान शॉर्ट सर्किट का खतरा बढ़ गया है। जिला पंचायत सीईओ प्रेम कुमार पटेल ने कहा कि ग्राम पंचायत से चर्चा कर मरम्मत तक वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी। वीबीजी राम जी के तहत प्राप्त राशि से भवन की मरम्मत का प्रयास किया जाएगा।
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