गरियाबंद में तकनीकी सहायकों का नियमितीकरण और स्थायीकरण की मांग पर हल्लाबोल, दो दिन जिला स्तर पर हड़ताल, फिर रायपुर में प्रदेशव्यापी रैली
Protest in Gariaband demanding the regularization and permanent status of technical assistants; a two-day district-level strike followed by a state-wide rally in Raipur.
गरियाबंद : छत्तीसगढ़ में विकसित भारत जी-राम-जी (VB-G RAM G) योजना के अंतर्गत कार्यरत तकनीकी सहायक कर्मचारी अपनी लंबित मांगों को लेकर आंदोलन की राह पर हैं. नियमितीकरण, सेवा सुरक्षा, वेतन वृद्धि और कार्यों के अनावश्यक दबाव से राहत की मांग को लेकर छत्तीसगढ़ तकनीकी सहायक कर्मचारी संघ ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उपमुख्यमंत्री एवं पंचायत मंत्री विजय शर्मा को ज्ञापन सौंपकर समस्याओं के निराकरण की मांग की है. संघ ने मांगों पर सकारात्मक फैसले नहीं होने की स्थिति में 13 और 14 अक्टूबर को जिला स्तर पर सांकेतिक हड़ताल तथा 15 अक्टूबर को राजधानी रायपुर में प्रदेश स्तरीय रैली निकालने की घोषणा की है.
दो दशक की सेवा के बाद भी भविष्य की चिंता
संघ के मुताबिक, तकनीकी सहायक कर्मचारी पिछले लगभग 20 साल से मनरेगा के तहत कई तकनीकी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते आ रहे हैं. लंबे समय तक सेवाएं देने के बावजूद नियमितीकरण और स्थायी सेवा सुरक्षा का लाभ नहीं मिलने से कर्मचारियों में असंतोष है. संघ का कहना है कि नौकरी की अनिश्चितता और सामाजिक सुरक्षा के अभाव में कर्मचारी अपने भविष्य तथा परिवार की जिम्मेदारियों को लेकर चिंतित हैं.
कर्मचारियों का तर्क है कि योजनाओं के क्रियान्वयन में अहम भूमिका निभाने वाले तकनीकी सहायकों को भी सम्मानजनक सेवा शर्तें, नियमित वेतन और सुरक्षित भविष्य मिलना चाहिए.
नियमित पद सृजन और कनिष्ठ अभियंता बनाने की मांग
तकनीकी सहायक कर्मचारी संघ ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत कार्यरत सभी तकनीकी सहायकों के लिए नियमित पद सृजित कर समायोजन किए जाने की मांग प्रमुखता से उठाई है. संघ चाहता है कि नियमितीकरण की प्रक्रिया पूरी होने तक कर्मचारियों के लिए स्थायी सेवा शर्तों से संबंधित नियमावली तत्काल लागू की जाए.
इसके साथ ही तकनीकी सहायक पद का नाम बदलकर कनिष्ठ अभियंता (VB-G RAM G) किए जाने की मांग भी रखी गई है. संघ का कहना है कि तकनीकी कार्यों और निर्माण कार्यों के मूल्यांकन की जिम्मेदारी निभाने वाले कर्मचारियों के पदनाम और सेवा शर्तों में उनके कार्य के अनुरूप सुधार किया जाना चाहिए.
लक्ष्य का दबाव और अतिरिक्त जिम्मेदारियों से परेशान कर्मचारी
ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि मांग आधारित रोजगार योजना के कार्यों को लक्ष्य आधारित तरीके से संचालित किए जाने के कारण तकनीकी सहायकों पर अतिरिक्त दबाव बढ़ रहा है. निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करने की जिम्मेदारी कर्मचारियों पर डालने और मूल दायित्वों के अतिरिक्त अन्य कार्य सौंपने से मानसिक एवं शारीरिक परेशानियां बढ़ रही हैं.
संघ ने शासन से मांग की है कि कर्मचारियों के कार्यों और जिम्मेदारियों का स्पष्ट निर्धारण किया जाए. ताकि तकनीकी कार्य प्रभावित न हों और कर्मचारियों को अनावश्यक दबाव का सामना नहीं करना पड़े.
प्रधानमंत्री आवास योजना का अतिरिक्त बोझ देने पर आपत्ति
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के कार्यों को लेकर भी संघ ने अपनी समस्याएं रखी हैं. ज्ञापन के मुताबिक आवास निर्माण के लिए अलग प्रशासनिक व्यवस्था होने के बावजूद तकनीकी सहायकों को आवास पूर्ण कराने के साप्ताहिक लक्ष्य दिए जाते हैं. लक्ष्य पूरा नहीं होने की स्थिति में वेतन रोकने, वेतन काटने और सेवा से हटाने जैसी कार्रवाई की आशंका जताए जाने से कर्मचारियों में मानसिक तनाव बढ़ रहा है.
संघ का कहना है कि तकनीकी सहायकों की मूल जिम्मेदारियों को ध्यान में रखते हुए कार्यों का उचित विभाजन होना चाहिए. आवास निर्माण से संबंधित जिम्मेदारियों और जवाबदेही को स्पष्ट करते हुए कर्मचारियों पर अनुचित दबाव से राहत दी जानी चाहिए.
तकनीकी काम करने के बाद भी कार्रवाई की चेतावनी मिलने का आरोप
ज्ञापन में तकनीकी सहायकों ने VGPP, युक्तधारा, सिक्योर और ई-एमबी जैसी तकनीकी प्रणालियों के जरिए काम करने का उल्लेख किया है. निर्माण कार्यों का मूल्यांकन ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से निर्धारित समयसीमा में किए जाने की बात भी कही गई है.
इसके बावजूद, संघ ने आरोप लगाया है कि कर्मचारियों को मूल तकनीकी कार्यों के अतिरिक्त दूसरे काम सौंपे जाते हैं और बाद में काम नहीं करने के आरोप लगाकर कार्रवाई की चेतावनी दी जाती है. ज्ञापन में कारण बताओ नोटिस, वेतन रोकने, समय पर भुगतान नहीं करने और गोपनीय चरित्रावली (सीआर) में प्रतिकूल टिप्पणी की आशंका जैसी समस्याएं भी उठाई गई हैं.
समय पर वेतन, वार्षिक वृद्धि और यात्रा भत्ते की मांग
महंगाई के बीच सीमित वेतन में काम कर रहे तकनीकी सहायकों ने वार्षिक वेतन वृद्धि सुनिश्चित करने की मांग की है. संघ के मुताबिक कई बार कर्मचारियों को दो से चार महीने तक वेतन नहीं मिल पाता. जिससे परिवार के खर्च और अन्य आवश्यकताओं को पूरा करने में परेशानी होती है.
संघ ने हर महिना समय पर वेतन भुगतान, महंगाई के अनुरूप वार्षिक वेतन वृद्धि और फील्ड में कार्य करने वाले कर्मचारियों को नियमानुसार यात्रा भत्ता देने की मांग भी की है.
रायपुर में प्रदेश स्तरीय रैली निकालने की तैयारी
छत्तीसगढ़ तकनीकी सहायक कर्मचारी संघ ने अपने ज्ञापन में साफ किया है कि मांगों का समाधान नहीं होने पर 13 और 14 अक्टूबर 2026 को जिला स्तर पर सांकेतिक हड़ताल की जाएगी. इसके बाद 15 अक्टूबर को राजधानी रायपुर में प्रदेश स्तरीय रैली निकालकर शासन के सामने अपनी मांगें रखी जाएंगी.
संघ ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री एवं पंचायत मंत्री विजय शर्मा तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मांगों पर गंभीरता से विचार कर जल्द फैसला लेने का आग्रह किया है.
अब निगाहें शासन के फैसले पर
तकनीकी सहायक कर्मचारियों की प्रमुख मांगें नियमितीकरण, स्थायी सेवा सुरक्षा, पदनाम परिवर्तन, समय पर वेतन और कार्यभार का उचित निर्धारण हैं. कर्मचारियों को उम्मीद है कि शासन उनकी समस्याओं पर सकारात्मक पहल करेगा। वहीं, प्रस्तावित आंदोलन और ज्ञापन में उठाए गए आरोपों पर शासन एवं संबंधित विभाग की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी.



