2027 चुनाव से पहले BJP में खलबली! दिल्ली प्रोटेस्ट में जाने वाले नेताओं की बन रही लिस्ट, जंतर-मंतर छात्र आंदोलन में रील बनाने पर मणिका राणा पदमुक्त
Stir within the BJP ahead of the 2027 elections! A list is being compiled of leaders attending the Delhi protest; Manika Rana has been removed from her post for making a 'Reel' during the student protest at Jantar Mantar.
दिल्ली के जंतर-मंतर पर उत्तराखंड के युवाओं और नेताओं का विरोध प्रदर्शन अब भारतीय जनता पार्टी (BJP) के लिए बड़ी सिरदर्दी बनता जा रहा है. वर्ष 2027 में होने वाले उत्तराखंड विधानसभा चुनावों से ठीक पहले इस तरह के जन-आक्रोश ने पार्टी आलाकमान की नींद उड़ा दी है. यही वजह है कि पार्टी ने अब उन कार्यकर्ताओं और नेताओं की सख्त मॉनिटरिंग शुरू कर दी है, जो पार्टी का हिस्सा होते हुए भी दिल्ली में चल रहे इस प्रोटेस्ट में शामिल हो रहे हैं या इसका समर्थन कर रहे हैं.
मणिका राणा को पद से हटाया, शुभम नेगी बने नए अध्यक्ष
इसी कड़ी में पार्टी ने पहला बड़ा कड़ा कदम उठाते हुए भाजयुमो (BJYMO) की नई टिहरी मंडल अध्यक्ष मणिका राणा को उनके पद से मुक्त कर दिया है. मणिका राणा ने हाल ही में दिल्ली पहुंचकर प्रदर्शन का हिस्सा बनते हुए सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया था. जिसमें उन्होंने वहां के हालात बयां किए थे. वीडियो सामने आते ही पार्टी ने तुरंत संज्ञान लिया और उन्हें पद से हटाकर उनकी जगह शुभम नेगी को नई टिहरी मंडल की जिम्मेदारी सौंप दी.
सोशल मीडिया और संदिग्धों पर BJP की पैनी नजर
पार्टी नेतृत्व अब किसी भी तरह का अंदरूनी भीतरघात या अनुशासनहीनता बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है. सूत्रों के मुताबिक, उत्तराखंड से दिल्ली प्रदर्शन में शामिल होने वाले लोगों की पहचान की जा रही है. इसके अलावा सोशल मीडिया पर लगातार आ रहे वीडियो और पोस्ट की भी कड़ी निगरानी (मॉनिटरिंग) की जा रही है. पार्टी एक पूरी लिस्ट तैयार कर रही है ताकि उन लोगों की पहचान हो सके जो गाहे-बगाहे इस आंदोलन को हवा दे रहे हैं.
वहीं, इस मामले पर भाजपा प्रदेश महामंत्री कुंदन परिहार ने स्पष्ट किया कि पार्टी इस पूरी स्थिति की वजह तलाश रही है. उन्होंने कहा, ‘प्रदर्शन में शामिल होने वाले तमाम लोगों से पूछा जाएगा कि आखिर ऐसे क्या कारण रहे कि वे वहां गए.’
‘जवाबदेही तय हो’ आंदोलनकारियों की मांग और कांग्रेस का हमला
दूसरी तरफ, देहरादून से दिल्ली प्रदर्शन में शामिल होने पहुंची युवा शेरिन ने अपना रुख साफ करते हुए कहा, ‘हम सिर्फ पेपर लीक मामले में सरकार और व्यवस्था की जवाबदेही चाहते हैं. युवाओं के भविष्य के लिए कहीं से तो शुरुआत करनी ही होगी. इसीलिए हम इस प्रोटेस्ट का हिस्सा बने हैं.’ वहीं, इस मुद्दे पर राजनीति भी गरमा गई है.
कांग्रेस प्रवक्ता शीशपाल बिष्ट ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा, ‘जब पार्टी के अपने ही लोग और कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करने को मजबूर हैं, तो भाजपा को समझना चाहिए कि कहीं न कहीं कुछ गंभीर गड़बड़ है. अपने ही लोगों पर कार्रवाई करने का यह दांव भाजपा को आगामी चुनावों में उल्टा (बैकफायर) पड़ेगा.’
2027 के चुनाव और यूथ वोटबैंक बचाने की चुनौती
उत्तराखंड में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों के मद्देनजर भाजपा के लिए यह स्थिति बेहद नाजुक मानी जा रही है. खुद को हमेशा युवाओं की हिमायती बताने वाली बीजेपी किसी भी कीमत पर अपना ‘यूथ वोटबैंक’ छिटकने नहीं देना चाहती. यही वजह है कि अंदरखाने माहौल खराब करने वालों और पार्टी के खिलाफ नैरेटिव बनाने वालों पर इस वक्त पूरी तरह पैनी नजर रखी जा रही है.
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