गरीबों के निवाले पर डाका, 32 लाख का राशन गायब, चावल-शक्कर और नमक में बड़ी कमी. संचालन एजेंसी की अध्यक्ष और सचिव गिरफ्तार, चार फरार
The poor robbed of their food: rations worth ₹32 lakh missing, with significant shortfalls in rice, sugar, and salt. The chairperson and secretary of the operating agency have been arrested, while four others remain at large.
रायगढ़ : गरीब और जरूरतमंद परिवारों के हक के राशन पर सेंधमारी का बड़ा मामला सामने आया है. रायगढ़ जिले में धरमजयगढ़ विकासखंड के ससकोबा और गनपतपुर की शासकीय उचित मूल्य दुकानों में खाद्य विभाग की जांच के दौरान लाखों रुपये के चावल, शक्कर और नमक का हिसाब गायब मिला. आरोप है कि कई हितग्राहियों से ई-पॉस मशीन में अंगूठा लगवाने के बाद भी उन्हें राशन नहीं दिया गया. जांच रिपोर्ट के आधार पर रैरूमाखुर्द पुलिस ने दोनों मामलों में ई.सी. एक्ट की धारा 3 और 7 के तहत जुर्म दर्ज कर कार्रवाई शुरु कर दी है.
ससकोबा में 12.89 लाख के राशन की कमी
खाद्य विभाग ने 3 सितंबर को ग्राम ससकोबा स्थित शासकीय उचित मूल्य दुकान क्रमांक 412009078 का निरीक्षण किया. भौतिक सत्यापन के दौरान दुकान में 499.65 क्विंटल चावल, 5.37 क्विंटल शक्कर और 8.03 क्विंटल नमक कम पाया गया. इन खाद्यान्नों की कुल कीमत करीब 12 लाख 89 हजार 375 रुपये आंकी गई है.
फिंगरप्रिंट लगवाने के बावजूद नहीं मिला राशन
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि, अगस्त में कुछ हितग्राहियों से ई-पॉस मशीन में फिंगरप्रिंट लगवाने के बावजूद उन्हें राशन का वितरण नहीं किया गया. खाद्य विभाग ने इसे सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश 2016 के प्रावधानों का उल्लंघन मानते हुए आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3 एवं 7 के तहत कार्रवाई की अनुशंसा की.
फरार आरोपी की तलाश जारी
मामले में सरोज स्व सहायता समूह की अध्यक्ष उमाबाई राठिया उम्र 45 साल और सचिव माधुरी बाई राठिया उम्र 44 साल दोनों निवासी ससकोबा और विक्रेता बिहारी राठिया को आरोपी बनाया गया है. रैरूमाखुर्द पुलिस ने उमाबाई राठिया और माधुरी बाई राठिया को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है. जबकि विक्रेता बिहारी राठिया फरार है और उसकी तलाश की जा रही है.
गनपतपुर में 18.86 लाख के खाद्यान्न का हिसाब नहीं
दूसरा मामला ग्राम गनपतपुर स्थित शासकीय उचित मूल्य दुकान क्रमांक 412009080 का है. यहां भी खाद्य विभाग की जांच में भारी तादाद में राशन की कमी सामने आई. भौतिक सत्यापन में 704.93 क्विंटल चावल, 15.34 क्विंटल शक्कर और 31.98 क्विंटल नमक कम मिला। इनकी कुल कीमत करीब 18 लाख 86 हजार 345 रुपये बताई गई है.
गनपतपुर PDS दुकान में भी लाखों के खाद्यान्न का गबन
जांच में दुकान का संचालन जननी महिला स्व सहायता समूह की अध्यक्ष रूबीना खान, सचिव शाहिन खान और विक्रेता शहनवाज खान द्वारा किया जाना पाया गया. खाद्य विभाग के जांच प्रतिवेदन और पंचनामा के आधार पर शासकीय खाद्यान्न के गबन और सार्वजनिक वितरण प्रणाली के नियमों के उल्लंघन को लेकर पुलिस ने वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है. इस मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी अभी बाकी है.
दो मामलों में जुर्म दर्ज, आरोपियों की तलाश जारी
दोनों मामलों को लेकर पुलिस चौकी रैरूमाखुर्द (थाना धरमजयगढ़) में जुर्म दर्ज किए गए हैं. दोनों मामलों में धारा 3 और 7 आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत जुर्म दर्ज कर जांच की जा रही है. ससकोबा मामले में फरार आरोपी विक्रेता बिहारी राठिया की तलाश जारी है.
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