कर्ज चुकाने के चक्कर में छापा 12.5 लाख के नकली नोट, गांधी जी देख वापस लेने वाले का ठनका माथा, जाली करेंसी के साथ दो आरोपी गिरफ्तार
To pay off debts, they printed counterfeit notes worth ₹12.5 lakh; the recipient grew suspicious upon noticing the depiction of Gandhi, leading to the arrest of two individuals with the fake currency.
सक्ती : छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में नकली नोटों के कथित कारोबार को लेकर हसौद पुलिस की बड़ी कार्रवाई सामने आई है. पुलिस ने जाली करेंसी तैयार करने और उसे बाजार में खपाने की तैयारी करने के आरोप में कहरापारा निवासी नरेश कुमार आदित्य उम्र 36 साल और संजय आदित्य उम्र 30 साल को गिरफ्तार किया है. पुलिस कार्रवाई में 500 और 100 रुपये के कुल 17,500 रुपये के नकली नोट बरामद होने की जानकारी दी गई है. इसके साथ ही कलर प्रिंटर, नोट छापने का फ्रेम, कागज, कटर और एक एक्टिवा भी जब्त की गई है.
500 और 100 रुपये के नकली नोट बरामद
मिली जानकारी के मुताबिक हसौद पुलिस ने नकली नोट तैयार करने के मामले में कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को पकड़ा है. दोनों आरोपी सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के कोसीर गांव के निवासी बताए जा रहे हैं. उनके कब्जे से 500 और 100 रुपये के मूल्यवर्ग के जाली नोट बरामद किए गए हैं. बरामद नकली नोटों का कुल अंकित मूल्य 17,500 रुपये है. आशंका जताई गई है कि आरोपियों की योजना इन नोटों को बाजार में खपाने की थी.
कलर प्रिंटर से तैयार हो रही थी जाली करेंसी
इस कार्रवाई में नकली नोटों के अलावा पुलिस ने छपाई से संबंधित कई सामान भी जब्त किए हैं. जब्त सामग्रियों में कलर प्रिंटर, नोट छापने में इस्तेमाल होने वाला फ्रेम, कागज और कटर शामिल हैं. जांच में जानकारी मिली है कि आरोपी प्रिंटर की मदद से नकली करेंसी तैयार कर रहे थे. जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपियों ने नोट तैयार करने के लिए आवश्यक सामग्री कहां से हासिल की और क्या इस गतिविधि में अन्य लोग भी शामिल थे. बरामद उपकरणों और सामग्रियों की जांच से मामले से जुड़े अतिरिक्त तथ्य सामने आ सकते हैं.
कोसीर के रहने वाले हैं दोनों आरोपी, एक्टिवा भी जब्त
गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों का संबंध सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के कोसीर क्षेत्र से बताया जा रहा है. पुलिस ने उनके कब्जे से एक एक्टिवा वाहन भी जब्त किया है. वाहन का उपयोग किस उद्देश्य से किया जा रहा था और नकली नोटों के परिवहन में उसकी कोई भूमिका थी या नहीं, यह जांच का विषय है. फिलहाल आरोपियों के नाम, उम्र और उनके खिलाफ दर्ज धाराओं का विस्तृत आधिकारिक विवरण उपलब्ध नहीं है. ऐसे में पुलिस की आगे की जांच और आधिकारिक जानकारी के आधार पर ही पूरे घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.
क्या बाजार में पहले भी खपाए गए नकली नोट?
इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या आरोपियों ने इससे पहले भी नकली नोट तैयार करके बाजार में चलाए थे. पुलिस इस संभावना की जांच कर रही है कि आरोपियों की गतिविधियां सिर्फ नकली करेंसी तैयार करने तक सीमित थीं या उनका कोई वितरण नेटवर्क भी था. अगर पहले से नकली नोट बाजार में पहुंचाए जाने के प्रमाण मिलते हैं तो जांच का दायरा बढ़ सकता है. हालांकि अभी तक किसी बड़े नेटवर्क, अन्य जिलों में सप्लाई या लंबे समय से चल रहे संगठित गिरोह की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
अदालत में पेशी के बाद न्यायिक हिरासत
हसौद पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद अदालत में पेश किया. अदालत के आदेश के बाद दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. पुलिस मामले से जुड़े दस्तावेजों, बरामद नकली नोटों और छपाई में इस्तेमाल उपकरणों की जांच कर रही है. इस कार्रवाई के बाद अब यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि जाली करेंसी तैयार करने के पीछे आरोपियों की असल प्लान क्या थी.
नकली नोट मिलने पर आम लोग क्या करें?
नकली करेंसी से जुड़ी घटनाओं के बीच आम लोगों को नकद लेनदेन करते समय सतर्क रहने की जरूरत है. विशेष रूप से 500 रुपये के नोट स्वीकार करते समय सुरक्षा धागे, वॉटरमार्क, छपाई की स्पष्टता और अन्य सुरक्षा विशेषताओं की जांच की जा सकती है. अगर कोई नोट संदिग्ध लगे तो उसे आगे किसी दूसरे व्यक्ति को देने की कोशिश नहीं करनी चाहिए. ऐसी हालत में संबंधित बैंक या पुलिस को जानकारी देना सही है. भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से जारी मुद्रा संबंधी जानकारी का उपयोग करके भी असली नोटों की सुरक्षा विशेषताओं को समझा जा सकता है.
नकली करेंसी के संभावित नेटवर्क की जांच जारी
हसौद पुलिस की कार्रवाई में नकली नोट और छपाई की सामग्री बरामद होने की जानकारी सामने आने के बाद मामला चर्चा में है. पुलिस अब जब्त उपकरणों, वाहन और अन्य सबूतों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है। इस मामले में आरोपियों की वास्तविक भूमिका और संभावित अन्य संपर्कों का खुलासा जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा. फिलहाल दो आरोपियों की गिरफ्तारी और 17,500 रुपये के कथित नकली नोटों की बरामदगी इस कार्रवाई का प्रमुख आधार है. पुलिस मामले में आगे की जांच कर रही है.
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