रायपुर में 8 महीने की शादी, गर्भवती बहू की संदिग्ध मौत, दहेज प्रताड़ना के बाद हत्या का आरोप, पीड़ित परिवार ने SP से लगाई इंसाफ की गुहार
8 months old marriage in Raipur, pregnant daughter-in-law died under suspicious circumstances, allegation of murder after dowry harassment, victim's family appealed to SP for justice
रायपुर : राजधानी रायपुर के टिकरा बड़ा थाना क्षेत्र के अंतर्गत मोती नगर इलाके से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. जहाँ एक नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. 24 वर्षीय दीपाली साहू का शव मंगलवार, 13 अगस्त को उसके ससुराल में फांसी पर लटका मिला. मृतिका के मायके वालों ने इसे खुदकुशी नहीं, बल्कि दहेज के लिए की गई हत्या करार दिया है. उन्होंने पति समेत ससुराल के चार लोगों के खिलाफ दहेज प्रताड़ना और हत्या का गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है.
मिली जानकारी के मुताबिक उड़ीसा के सदरगढ़ जिले के कुतरा गांव के निवासी अशोक साहू ने अपनी बेटी दीपाली साहू ( डॉली) उम्र 26 साल का विवाह पिछले साल 22 नवंबर 2024 को रायपुर के मोती नगर निवासी अंकित गुप्ता पिता राजकुमार गुप्ता के साथ धूमधाम से किया था.
पिता अशोक साहू का आरोप है कि शादी के महज एक महीने बाद ही उनकी बेटी का स्वभाव बदल गया था और वह सहमी-सहमी रहने लगी थी. पूछने पर दीपाली ने बताया कि उसके पति अंकित गुप्ता, ससुर राजकुमार गुप्ता, सास संजु गुप्ता और ननद अंकिता गुप्ता दहेज की मांग को लेकर उसे शारीरिक और मानसिक रुप से प्रताड़ित कर रहे हैं.
परिजनों ने अपनी शिकायत में बताया कि दीपाली 2-3 महीने से गर्भवती थी. ससुराल पक्ष उस पर यह बात मायके वालों से छिपाने का दबाव बना रहा था. क्योंकि उन्हें लड़के की चाह थी. जब दीपाली ने अपनी मां को अपनी गर्भावस्था के बारे में बताया. तो ससुराल वालों का अत्याचार और बढ़ गया. आरोप है कि दीपाली के भाई-बहनों के साथ भी ससुराल में अपमानजनक व्यवहार किया जाता था और उन्हें ताने मारे जाते थे.
घटना से पहले दीपाली ने अपने चाचा को व्हाट्सऐप पर मैसेज भेजकर घर आने से मना किया था. उसने लिखा था कि अगर आप लोग घर आएंगे तो मेरी प्रताड़ना और बढ़ जाएगी और उसने अपनी मां को फोन कर रोते हुए बताया था कि उसके साथ “जादू-टोना” किया गया है और गर्भवती होने की बात सास को पता चलने पर उसे फिर से प्रताड़ित किया गया है.
13 अगस्त को पति अंकित गुप्ता ने दीपाली के पिता अशोक साहू को फोन कर उसकी मौत की खबर दी. खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया.
मृतिका के पिता अशोक साहू का साफ कहना है कि उनकी बेटी खुदकुशी नहीं कर सकती. बल्कि यह दहेज के लिए की गई एक सोची-समझी हत्या है. उन्होंने रायपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) से गुहार लगाते हुए मामले में दहेज हत्या का मामला दर्ज कर दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने की मांग की है. ताकि उनकी बेटी को इंसाफ मिल सके.
इस घटना पर छत्तीसगढ़ शौंडिक समाज के प्रदेश अध्यक्ष शिवरतन गुप्ता ने गहरी निंदा व्यक्त करते हुए कहा कि, “यह समाज के लिए एक शर्मनाक घटना है. हम इस जघन्य कृत्य की कड़ी निंदा करते हैं और पुलिस प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की मांग करते हैं. समाज पीड़ित परिवार के साथ खड़ा है और उन्हें हर संभव मदद का आश्वासन देता है.”
फिलहाल टिकरापारा थाना टीआई ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरु कर दी है. पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों के बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
यह घटना फिर से उस कड़वी सच्चाई को सामने लाती है कि दहेज और पारिवारिक प्रताड़ना जैसी सामाजिक बुराइयाँ आज भी मासूम जिंदगियाँ निगल रही हैं. कभी एक बेटी, तो कभी उसकी कोख में पलता भविष्य..
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