महासमुंद में करोड़ों की 87 टन LPG गैस हेराफेरी का खुलासा, होटल में छिपे फरार संतोष-सार्थक ठाकुर महाराष्ट्र से गिरफ्तार, होंगे और कई बड़े खुलासे

87 tonnes of LPG gas worth crores of rupees has been siphoned off in Mahasamund. Santosh and Sarthak Thakur, who were absconding from a hotel, have been arrested in Maharashtra. More revelations are expected.

महासमुंद में करोड़ों की 87 टन LPG गैस हेराफेरी का खुलासा, होटल में छिपे फरार संतोष-सार्थक ठाकुर महाराष्ट्र से गिरफ्तार, होंगे और कई बड़े खुलासे

महासमुंद : छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में करोड़ों रुपये की एलपीजी गैस हेराफेरी मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है. मामले के मुख्य आरोपी संतोष सिंह ठाकुर और उसके बेटे सार्थक सिंह ठाकुर को महाराष्ट्र के कोल्हापुर से गिरफ्तार किया गया है. दोनों आरोपी लंबे समय से फरार चल रहे थे और लगातार ठिकाने बदल रहे थे.
पुलिस की कई राज्यों में दबिश
महासमुंद पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार ने प्रेसवार्ता में बताया कि आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमों को रायपुर, कवर्धा, छुईखदान, कान्हा-किसली, कोलकाता, पुणे, मुंबई और कोल्हापुर भेजा गया था. सैकड़ों सीसीटीवी फुटेज, टोल प्लाजा डेटा और तकनीकी जांच के बाद दोनों आरोपियों का लोकेशन महाराष्ट्र के कोल्हापुर में मिला.
होटल में छिपे मिले आरोपी
पुलिस को खबर मिली कि दोनों आरोपी कोल्हापुर के न्यू चालुक्य होटल में छिपकर रह रहे हैं. इसके बाद स्थानीय पुलिस की मदद से दबिश देकर संतोष सिंह ठाकुर उम्र 57 साल और उसके बेटे सार्थक सिंह ठाकुर उम्र 27 साल को गिरफ्तार किया गया. पुलिस ने आरोपी के पास से 20 हजार रुपये नकद भी जब्त किए हैं.
पूछताछ में हुआ बड़ा खुलासा
मुख्य आरोपी संतोष ठाकुर ने पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं. आरोपी ने बताया कि सौदा पहले 1 करोड़ 30 लाख रुपये में तय होना था. लेकिन बाद में 90 लाख रुपये में समझौता हुआ. इसमें पहले 45 लाख और फिर 15 लाख रुपये नगद दिए गए. जबकि बाकी 30 लाख रुपये ऑनलाइन सिक्योरिटी के रूप में ट्रांसफर किए गए थे.
87 टन LPG गैस की हुई थी हेराफेरी
मिली जानकारी के मुताबिक सिंघोड़ा थाना में दर्ज अपराध क्रमांक 96/25 के तहत 24 दिसंबर 2025 को 6 एलपीजी गैस से भरे कैप्सूल ट्रकों को जब्त किया गया था. बाद में सुरक्षा कारणों से जिला प्रशासन के निर्देश पर इन ट्रकों को ठाकुर पेट्रो केमिकल्स, उरला रायपुर के संचालक संतोष सिंह ठाकुर को सुपुर्द किया गया था. जांच में सामने आया कि पांच कैप्सूल ट्रकों में भरी करीब 87 टन एलपीजी गैस की हेराफेरी की गई. जिसकी कीमत करीब 77 लाख रुपये आंकी गई है.
पुलिस अधीक्षक महासमुंद बताया कि
इस मामले में पहले ही अजय यादव समेत पंकज चंद्राकर, मनीष चौधरी और निखिल वैष्णव की गिरफ्तारी हो चुकी है. अब मुख्य आरोपी पिता-पुत्र की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को और बड़े खुलासों की उम्मीद है.
महासमुंद के इस करोड़ों के एलपीजी गबन मामले ने अब सरकारी सिस्टम और निजी नेटवर्क की मिलीभगत पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं फिलहाल पुलिस की जांच जारी है… और माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में कई और नाम सामने आ सकते हैं.
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