जल जीवन मिशन के नल में उतरा करंट, आंगनबाड़ी सहायिका के डेढ़ वर्षीय बेटे की मौत, इलाके में पसरा मातम, ग्रामीणों में भरी आक्रोश, सख्त कार्रवाई की मांग
A water supply service (JJM) tap was electrocuted, resulting in the death of an Anganwadi worker's one-and-a-half-year-old son. The area was filled with grief and villagers were outraged, demanding strict action.
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही : जिले के गौरेला थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत रानीझाप में रविवार को एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया. जहां जल जीवन मिशन के तहत लगाए गए सार्वजनिक नल के पास करंट फैलने से डेढ़ साल के मासूम बच्चे की मौत हो गई. हादसे के बाद पूरे गांव में मातम का माहौल है. वहीं ग्रामीणों में जिम्मेदार अधिकारियों और पंचायत प्रतिनिधियों के खिलाफ भारी नाराजगी देखी जा रही है.
मिली जानकारी के मुताबिक ग्राम रानीझाप निवासी आंगनबाड़ी सहायिका अनुष्का का डेढ़ साल के बेटी पार्थ अपने पिता के साथ सार्वजनिक नल में नहाने गया था. बताया जा रहा है कि नल के आसपास लगे लोहे के फ्रेम में अचानक विद्युत करंट प्रवाहित हो रहा था. नहाने के दौरान मासूम पार्थ करंट की चपेट में आ गया. परिजन और आसपास मौजूद ग्रामीण उसे फौरन बचाने का प्रयास करते हुए अस्पताल लेकर पहुंचे. लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी. चिकित्सकों ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया.
ग्रामीणों का आरोप है कि जल जीवन मिशन के इस नल में पहले भी कई बार करंट उतरने की शिकायत सामने आ चुकी थी. गांव के लोगों ने पंचायत और संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों को इस बारे में कई बार अवगत कराया था. लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया. ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते शिकायतों पर ध्यान दिया जाता तो आज एक मासूम की जान नहीं जाती.
घटना के बाद गांव में शोक और आक्रोश दोनों का माहौल है. लोगों का कहना है कि सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में बरती जा रही लापरवाही अब जानलेवा साबित होने लगी है. ग्रामीणों ने हादसे की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है.
खबर मिलते ही गौरेला पुलिस मौके पर पहुंची और मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है. पुलिस घटना के सभी पहलुओं की जांच कर रही है. वहीं विद्युत विभाग और संबंधित एजेंसियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ सकती है.
इस दर्दनाक हादसे ने जल जीवन मिशन के तहत स्थापित व्यवस्थाओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. एक तरफ सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है. वहीं दूसरी तरफ सुरक्षा मानकों की अनदेखी आम लोगों की जिंदगी पर भारी पड़ रही है.
ग्रामीणों ने मृतक बच्चे के परिवार को उचित मुआवजा, जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई और गांव के सभी सार्वजनिक जल स्रोतों की तत्काल सुरक्षा जांच कराने की मांग की है. फिलहाल पूरे गांव में मासूम पार्थ की असमय मौत को लेकर गहरा शोक व्याप्त है.
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/CvTzhhITF4mGrrt8ulk6CI?mode=gi_t



