जमीन बंटवारे से नाराज पोते ने पेट्रोल डालकर दादा को जिंदा जलाया, इलाके में दहशत का माहौल, पुलिस ने कराया सीन रिक्रिएट
Angry over land division, grandson poured petrol on grandfather and burnt him alive, panic spread in the area, police recreated the scene
कबीरधाम : छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री विजय शर्मा का गृह जिला कबीरधाम में अपराध का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. कबीरधाम जिले में तीन दिन में हुई तीन हत्याओं ने इंसानियत को झकझोर कर रख दिया है. जमीन जायदाद के ऐसे लालची लोग जो अपनों की ही निर्मम हत्या कर दिए. आज ऐसे ही एक लालची पोते को पुलिस गिरफ्तार किया है, जिन्होंने अपने दादा को पेट्रोल से जिंदा जला दिया.
मिली जानकारी के मुताबिक कबीरधाम जिले के थाना सिंघनपुरी जंगल अंतर्गत 3-4 जून की दरम्यानी रात ग्राम बामी में मृतक झड़ी राम साहू उम्र 65 साल को रात करीब 1:30 बजे सोते वक्त आग के हवाले कर दिया गया. जलती हालत में वे अपने घर के भीतर पहुंचे और पत्नी को पुकारा. परिजनों व ग्रामीणों की मदद से उन्हें बाहर निकाला गया. लेकिन तब तक उनकी मौत चुकी थी.
घटनास्थल के हालात, मृतक की जलने की हालत और आसपास फैली पेट्रोल जैसी गंध को देखते हुए यह साफ था कि यह कोई सामान्य दुर्घटना नहीं. बल्कि एक पूर्व नियोजित हत्या है. एफएसएल टीम द्वारा मौके पर निरीक्षण कर एंटीमार्टम बर्निंग की पुष्टि की गई। इस मामले को लेकर पुलिस ने जांच शुरु किया.
तकनीकी व पारिवारिक पहलुओं की बारीकी से जांच बाद मृतक के पोते दीपक साहू पिता इतवारी साहू को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई. आरोपी ने कबूल किया कि वह इस बात से नाराज था कि दादा ने अपनी जमीन का हिस्सा उसके पिता को न देकर अन्य बेटों को दे दिया. इस आशंका व गुस्से में कि उसे भविष्य में कुछ नहीं मिलेगा. उसने पेट्रोल डालकर दादा को आग लगा दी. आरोपी को कत्ल के आरोप में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) और 111 के तहत हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया.
दो हत्याकांड हुआ खुलासा, अब तीसरे का इंतजार
कबीरधाम जिले में बीते 4 दिनों में जिले में तीन हत्याओं की घटनाएं सामने आई. जिनमें से दो मामलों का पुलिस द्वारा खुलासा कर लिया गया है. वहीं, बीते सोमवार को पुलिस चौकी पोंड़ी अंतर्गत ग्राम प्रभाटोला में हुए बुजुर्ग की हत्या मामले का अब तक खुलासा नहीं हुआ है. पुलिस ने मामले की जांच कर रहीं है. अब तक दो हत्या के मामले में यह तथ्य ध्यान देने लायक है कि इन घटनाओं में आपसी तनाव, संपत्ति का विवाद, गुस्सा और पारिवारिक दुश्मनी जैसे कारण प्रमुख रहे हैं. ऐसे मामलों में जहां अपराध भावनात्मक, आंतरिक द्वेष या संपत्ति की भूख से उपजते हैं. वहां समाज के हर व्यक्ति को सतर्क रहने की जरुरत है.
इस घटना के बाद जिले में दहशत का माहौल बन गया. पुलिस के सामने चुनौती खड़ी हो गई. तीनों हत्या के मामले में ज़मीन विवाद सामने आया. जिसके चलते ये हत्या हुई है. हालंकि पुलिस ने दो मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. लेकिन पोंडी चौकी के प्रभाटोला में हुई बुजुर्ग की हत्या के आरोपी को नहीं पकड़ पाई है. यहां भी ज़मीन विवाद का मामला बताया जा रहा है. लेकिन बड़ा सवाल है आखिर ज़मीन जायजाद के लालच में अपनों का खुनी संघर्ष का खेल कब तक चलता रहेगा आज के इस पीढ़ी को समझना होगा और समय रहते ऐसे मामले का निपटारा कर लेना चाहिए.
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