गलत इंजेक्शन से बिगड़ी तबीयत, 3 साल के मासूम बच्चे की मौत, पुलिस ने झोलाछाप डॉक्टर बालेश्वर को गिरफ्तार कर भेजा सलाखों के पीछे
Condition worsens after wrong injection; 3-year-old child dies; police arrest quack Baleshwar and put him behind bars.
बलरामपुर : छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में एक दर्दनाक मामला सामने आया है. यहां कथित फर्जी डॉक्टर की लापरवाही की वजह से 3 साल के मासूम बच्चे की मौत हो गई. आरोप है कि बिना किसी वैध चिकित्सकीय पात्रता और अनुभव के आरोपी ने बीमार बच्चे को इंजेक्शन लगा दिया. जिसके बाद उसकी हालत बिगड़ गई और अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई. मामले में थाना बलरामपुर पुलिस ने आरोपी बालेश्वर सिंह को गिरफ्तार कर लिया. आरोपी को अदालत में पेश किया गया. जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है.
मिली जानकारी के मुताबिक 19 अगस्त 2026 की शाम को प्रार्थी रमेश चेरवा अपने 3 साल के बेटे अभी चेरवा को बुखार आने पर इलाज के लिए आरोपी बालेश्वर सिंह के घर लेकर गया था. आरोपी ने बच्चे को TaXim 250 mg इंजेक्शन लगाया. इंजेक्शन लगने के बाद बच्चे की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी. परिजन उसे फौरन इलाज के लिए जिला अस्पताल बलरामपुर लेकर जाने लगे. लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में बच्चे ने दम तोड़ दिया. मासूम की मौत के बाद परिवार में मातम छा गया. मौत के बाद पीड़ित परिवार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई.
मामले की थाना बलरामपुर पुलिस ने जांच शुरू की. पुलिस टीम ने घटनास्थल का मुआयना किया और संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए. जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी बालेश्वर सिंह से पूछताछ की. आरोपी ने घटना को कबूल किया और इलाज में इस्तेमाल किए गए इंजेक्शन के बारे में जानकारी दी.
इसके बाद पुलिस ने घटना में इस्तेमाल cefotaxime sodium इंजेक्शन को जब्त कर लिया. पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी के पास चिकित्सा संबंधी कार्य करने के लिए कोई वैध चिकित्सकीय डिग्री या पंजीयन नहीं था। इसके बावजूद वह लोगों का इलाज कर रहा था. पुलिस का कहना है कि बिना योग्यताप्राप्त व्यक्ति द्वारा बच्चे को इंजेक्शन लगाए जाने के बाद उसकी हालत गंभीर हुई और उसकी मौत हो गई.
मामले में पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 105, 271 और 318 के साथ ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट 1940 की धारा 27 के तहत जुर्म दर्ज किया. पुलिस द्वारा मामले की जांच सबूतों के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है. आरोपी को 21 अगस्त 2026 को सुबह 11:35 बजे गिरफ्तार किया गया. गिरफ्तारी के बाद आरोपी का मेडिकल चेकअप कराया गया और उसे अदालत में पेश किया गया. अदालत केहुक्म के बाद उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है.
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले में सभी पहलुओं की जांच की जा रही है. यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपी लंबे समय से इस तरह चिकित्सा कार्य कर रहा था या नहीं और उसके संपर्क में कितने लोग थे. इस घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन के सामने भी सवाल खड़े हो रहे हैं कि बिना पंजीयन और योग्यता के इलाज करने वाले लोगों पर निगरानी कितनी प्रभावी है. ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे झोलाछाप डॉक्टरों पर कार्रवाई की जरूरत महसूस की जा रही है.
आरोपी
बालेश्वर सिंह पिता चमस, उम्र 51 साल निवासी सरनाडीह थाना बलरामपुर जिला बलरामपुर छत्तीसगढ़
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