सड़क हादसे के घायलों को अस्पताल पहुंचाने से न डरें, अब मिलेगा 25 हजार रुपये का इनाम, मंत्री नितिन गडकरी ने बताया पूरा प्लान

Do not be afraid of taking road accident victims to the hospital, now you will get a reward of 25 thousand rupees, Minister Nitin Gadkari told the whole plan

सड़क हादसे के घायलों को अस्पताल पहुंचाने से न डरें, अब मिलेगा 25 हजार रुपये का इनाम, मंत्री नितिन गडकरी ने बताया पूरा प्लान

अब सड़क हादसों में घायलों को अस्पताल पहुंचाने वाले शख्स को पांच से 25 हजार रुपये देने का निर्देश दिया गया. ये घोषणा केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने पुणे में आयोजित एक कार्यक्रम के बीच में किया.
कई बार ऐसा देखा जाता है, सड़क हादसे में घायलों को देखने वालों की भीड़ तो रहती है, लेकिन जल्दी उन्हें अस्पताल पहुंचने वाले लोग बहुत ही कम होते हैं. लेकिन अब अगर आपके सामने ऐसी कोई हादसा घटे. तो आप सड़क हादसे में घायल शख्स को जल्द अस्पताल ले जाइए. बिना किसी डर के मदद करिए. इसके बदले में आपको 25 हजार रुपये का इनाम मिलेगा. यह ऐलान बीते दिन केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने किया. यह योजना इस साल मार्च में शुरू की जाएगी.
बता दें, ये बात गडकरी ने एक इंटरव्यू के दौरान पुणे में कही है. सड़क सुरक्षा अभियान कार्यक्रम के बीच मंच पर फिल्म अभिनेता अनुपम खेर ने गडकरी से सवाल कर दिया कि सरकार सड़क हादसों पर गंभीर क्यों नहीं है. अगर कोई बड़ी घटना घटती है. तो सरकार गंभीर हो जाती है. फिर वही रवैया हो जाता है. इस सवाल का जवाब देते हुए गडकरी ने कहा कि सड़क हादसों को रोकने के लिए सरकार अकेले कुछ नहीं कर सकती है. इसमें समाज के हर एक वर्ग को मदद करना होगा. स्कूल, कॉलेज, NGO, सामाजिक कार्यकर्ता, नेता, अभिनेता और सेलिब्रेटी जब, सब आएंगे. तब जाकर सुधार और बदलाव देखा जा सकता है.
सड़क हादसे में हर दिन होने वाली 474 मौत के सवाल का जवाब देते हुए गडकरी कहते हैं, ये बेहद ही दुखद है. इतनी ज्यादा मौतें तो दंगे, कोविड या लड़ाई में नहीं होती है. इसमें ज्यादातर जान गवाने वाले युवा होते हैं. जिनकी उम्र 18 से 34 साल तक होती है. सड़क हादसों में हो रही मौतों को कम करने के लिए हमें मिलकर सबको जागरुक करना होगा.
सड़क हादसे में पीड़ित का इलाज करने वाली अस्पताल को भी सरकार मदद देगी. जैसे ही FIR दर्ज होगी, तो सरकार घायल के सात दिनों तक के इलाज के लिए कम से कम 1 एक लाख 50 हजार रुपये देगी. लेकिन इसके लिए FIR का दर्ज होना जरुरी है.
नितिन गडकरी ने कहा कि लोग लापरवाही करते हैं. ज्यादातर मामलों में अगर लोग बाइक में हेलमेट और कार में सीट बेल्ट का इस्तेमाल करें तो सड़क हादसों में होने वाली मौतों को कम किया जा सकता है. गडकरी ने साइरस पलोनजी मिस्त्री की मौत की मिसाल भी दी. कहा- अगर उनकी गाड़ी में पीछे भी सीट बेल्ट लगी होती तो आज वो जिंदा होते.
उन्होंने कहा कि सड़क हादसों में घायल लोगों को गोल्डन ऑवर के दौरान यानी एक घंटे के भीतर अस्पताल पहुंचा दिया जाए तो जीवित बचने की संभावना काफी बढ़ जाती है.
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