गरियाबंद-पाण्डुका मार्ग पर दो दंतैल हाथियों की एंट्री, हाई अलर्ट जारी, इधर बाघ की दस्तक, ग्रामीण ने भागकर बचाई जान, 60 कर्मियों की तैनाती

Entry of two tusker elephants on Gariaband-Panduka road, high alert issued, tiger attacks here, villager escapes and saves his life, 60 personnel deployed

गरियाबंद-पाण्डुका मार्ग पर दो दंतैल हाथियों की एंट्री, हाई अलर्ट जारी, इधर बाघ की दस्तक, ग्रामीण ने भागकर बचाई जान, 60 कर्मियों की तैनाती

गरियाबंद-पाण्डुका मार्ग पर दो दंतैल हाथियों की एंट्री, हाई अलर्ट जारी

गरियाबंद : नेशनल हाईवे 130 पर हाथियों की दस्तक से एक बार फिर खतरे की घंटी बज गई है. पाण्डुका क्षेत्र में दो दंतैल हाथी (BBME 1 और GB ME1) बीती रात से ही सक्रिय हैं और लगातार खेत-खलिहान में विचरण कर रहे हैं. दोनों हाथी किसी भी समय सड़क क्रॉस कर आगे बढ़ सकते हैं. जिसे देखते हुए वन विभाग ने हाई अलर्ट जारी किया है.
मिली जानकारी के मुताबिक हाथियों की मौजूदगी को ध्यान में रखते हुए पाण्डुका स्टाफ और हाथी मित्र दल मौके पर तैनात हैं. ताकि ग्रामीणों और राहगीरों को किसी तरह की अप्रिय घटना से बचाया जा सके. हाथी इस समय नागझर और आसपास के क्षेत्रों में देखे गए हैं.
वन विभाग ने ग्रामीणों और यात्रियों से अपील किया कि वे सावधानीपूर्वक आवागमन करें। खासतौर पर नेशनल हाइवे पर गुजरते समय वाहन चालकों को सतर्क रहने की जरुरत है. अचानक हाथियों के सड़क पर आने की संभावना बनी हुई है.
हाई अलर्ट घोषित ग्राम
हाथियों की गतिविधियों को देखते हुए निम्न ग्रामों में विशेष अलर्ट घोषित किया गया है 
नागझर
बोड़रबांधा
पचपेड़ी आसरा
विजयनगर
कुम्हरमरा
प्रशासन और वन विभाग की अपील
वन विभाग का कहना है कि हाथियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है. टीम मौके पर गश्त कर रही है और ग्रामीणों को सुरक्षित दूरी बनाए रखने की हिदायत दी गई है. साथ ही अगर कोई हाथी गांव या खेतों की तरफ बढ़े तो फौरन वन विभाग को खबर दें.
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बाघ की दस्तक, सुरक्षा के लिए 60 कर्मियों की तैनाती

गरियाबंद : छत्तीसगढ़ का गरियाबंद जिला अपनी प्राकृतिक खूबसूरती, प्राचीन मंदिरों और उदंती अभ्यारण्य जैसे जैव विविधता से भरपूर स्थलों के लिए जाना जाता है. अब यह जिला जंगली जीवों का पसंदीदा आश्रय स्थल भी बनता जा रहा है. हाथियों और तेंदुओं की मौजूदगी के बाद अब पहली बार यहां बाघ की दस्तक दर्ज की गई है.
ग्रामीणों ने जिला मुख्यालय के नजदीकी जंगलों में बाघ को देखने की खबर दी. बताया गया कि जंगली फूटू तोड़ने गए एक ग्रामीण की बाघ से आमना-सामना हो गया. लेकिन वह किसी तरह भागकर अपनी जान बचाने में कामयाब रहा. वन विभाग ने पुष्टि की है कि यह करीब 4 साल का नर बाघ है.
बाघ के दिखने से ग्रामीणों में डर का माहौल है. हालात को देखते हुए वन विभाग ने मुनादी कर लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है. वहीं 9 दलों में 60 से ज्यादा अधिकारी-कर्मचारियों को सुरक्षा और निगरानी के लिए तैनात किया गया है. डीएफओ खुद प्रभावित क्षेत्रों में जाकर ग्रामीणों को समझाइश दे रहे हैं.
बाघ के पदचिह्नों का प्लास्टर ऑफ पेरिस से सैंपल लिया जा रहा है और ट्रैप कैमरे लगाए गए हैं. NTCA (नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी) की गाइडलाइंस के तहत बाघ की सुरक्षा और निगरानी की जा रही है.
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