छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति हटाने पर बवाल, किसानों का फूटा गुस्सा, लगाने नेशनल हाइवे पहुंचे किसान मोर्चा सदस्य, 6 लोग गिरफ्तार
Farmers' anger erupted over the removal of Chhattisgarh's Mother Goddess statue; Kisan Morcha members reached the national highway to install it, 6 people arrested.
महासमुंद/तुमगांव : छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा को हटाए जाने के बाद तुमगांव में हालात तनावपूर्ण हो गए हैं. बताया जा रहा है कि अवैधकर रुप से स्थापित प्रतिमा को हटाने की कार्रवाई के दौरान डीएसपी त्रिपाठी, तहसीलदार तुमगांव और थाना प्रभारी ने मिलकर मूर्ति को अपने वाहन में ले जाया. इसके बाद से क्षेत्र के किसानों और महिलाओं में भारी आक्रोश देखा गया.
नेशनल हाईवे पेट्रोलिंग के कर्मचारी कमलेश पटेल ने शिकायत दर्ज कराई थी कि किसान मोर्चा के लोग NHAI की भूमि पर छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति स्थापित कर रहे थे. जिससे रायपुर-सरायपाली मार्ग पर वाहनों की आवाजाही बाधित हो रही थी.
शिकायत के बाद मौके पर पहुंचे तहसीलदार ने किसानों को समझाइश दी. लेकिन इसके बावजूद उन्होंने मूर्ति स्थापना का प्रयास जारी रखा. इसके बाद पुलिस ने हस्तक्षेप करते हुए हाईवे पेट्रोलिंग कर्मचारी के आवेदन के आधार पर कार्रवाई की. अधिकारियों का कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर किसी भी तरह का अवैध निर्माण या अवरोध कानूनन दंडनीय है.
पुलिस ने मामले में बीएनएस की धारा 285, 3(5) तथा राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम 1956 की धारा 8B के तहत जुर्म दर्ज किया है. गिरफ्तार छह लोगों को अदालत में पेश किया गया. घटना तुमगांव थाना क्षेत्र के करणी कृपा प्लांट के सामने की बताई जा रही है. जहां फिलहाल पुलिस निगरानी बढ़ा दी गई है.
शाम करीब 5 बजे तहसीलदार ने कई महिलाओं और किसानों को गिरफ्तार कर थाना तुमगांव पहुंचाया. मूर्ति को लेकर जा रहे तहसीलदार के वाहन को लेकर ग्रामीणों में गुस्सा और बढ़ गया. कुवारजर सरपंच ने भी मूर्ति रखने से इंकार कर दिया. जिसके बाद मूर्ति थाने भेज दी गई.
करीब 50 किसान थाने में ही बैठ गए और बाहर बड़ी तादाद में महिलाएं इकट्ठा होकर नारेबाजी करती रहीं. महिलाओं ने आरोप लगाया कि पुलिस ने छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति का “अपहरण” किया है और वे इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर FIR की मांग कर रही हैं.
घटना की जानकारी मिलने पर किसान मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष अनिल दुबे महासमुंद पहुंचे. उन्होंने ग्रामीणों से मुलाकात कर सांत्वना दी और कहा कि “छत्तीसगढ़ पुलिस लोगों को उकसा रही है. इसके परिणाम अच्छे नहीं होंगे.
उन्होंने बताया कि उच्च अधिकारी प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के कार्यक्रम की व्यवस्था में व्यस्त हैं. इस वजह से प्रशासन की स्थिति बिगड़ रही है. दुबे ने नागरिकों से चर्चा के बाद महासमुंद बंद करने पर विचार किया है. इस पर आख़री फैसला कल फिर होने वाली बैठक में लिया जाएगा.
घटना के बाद ग्रामीणों और किसानों में भारी असंतोष है. उनका कहना है कि छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा हटाना उनकी आस्था का अपमान है और प्रशासन का यह कदम पूरी तरह अनुचित है.
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