भारतमाला घोटाले में ED की छापामारी, अभनपुर में अधिकारियों से बदसलूकी और धक्का-मुक्की, FIR दर्ज, नकदी और 37 किलो चांदी जब्त

ED raids in connection with Bharatmala scam; officials manhandled and manhandled in Abhanpur; FIR registered; cash and 37 kg silver seized

भारतमाला घोटाले में ED की छापामारी, अभनपुर में अधिकारियों से बदसलूकी और धक्का-मुक्की, FIR दर्ज, नकदी और 37 किलो चांदी जब्त

रायपुर : छत्तीसगढ़ में ‘भारतमाला परियोजना’ से जुड़े बहुचर्चित जमीन मुआवजा घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई अब तीखे मोड़ पर आ गई है. अभनपुर थाना क्षेत्र में जमीन कारोबारी गोपाल गांधी के घर छापेमारी के दौरान माहौल उस समय तनावपूर्ण हो गया. जब अधिकारियों के साथ कथित तौर पर बदसलूकी और धक्का-मुक्की की गई. इस घटना को लेकर स्थानीय पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है.
पिछले कुछ दिनों से राज्य भर में भारतमाला परियोजना के तहत हुए करोड़ों के मुआवजा घोटाले की जांच तेज हो गई है. इसी कड़ी में, ईडी की टीम ने जमीन कारोबारी गोपाल गांधी के अभनपुर स्थित निवास और कार्यालय पर दबिश दी थी.
आरोप: छापेमारी के दौरान, कथित तौर पर जांच टीम के सरकारी काम में बाधा डालने और अधिकारियों के साथ धक्का-मुक्की करने का प्रयास किया गया.
FIR दर्ज: इस घटना को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने अभनपुर थाना में संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज की है. पुलिस अब मौके पर मौजूद सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूतों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर रही है.
रेड में क्या मिला?
छापेमारी सिर्फ अभनपुर तक सीमित नहीं थी. बल्कि राज्य के कई अन्य ठिकानों पर भी एक साथ कार्रवाई की गई. सूत्रों के अनुसार, गोपाल गांधी के ठिकानों से अहम दस्तावेज, डिजिटल सबूत और भारी तादाद में कीमती सामान बरामद हुआ है.
भारी कैश और जेवरात: रेड के दौरान लाखों की नकदी के साथ-साथ करीब 4 किलो सोना और छापेमारी के दौरान 66.9 लाख रुपये नकद, 37.13 किलोग्राम वज़न की चांदी की ईंटें और अन्य चांदी के सामान 90 लाख रुपये के जब्त किए जाने की खबरें हैं.
दस्तावेजों का जखीरा: ईडी की टीम ने जमीन अधिग्रहण से संबंधित कई संदिग्ध कागजात भी कब्जे में लिए हैं., जो इस ‘मुआवजा घोटाले’ की परतें खोलने में अहम साबित हो सकते हैं.
घोटाले का आधार
आरोप है कि भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत जमीन अधिग्रहण के दौरान कागजों में हेरफेर कर जमीन की कीमत कई गुना बढ़ा दी गई थी. ताकि सरकार से मोटा मुआवजा वसूला जा सके. इसमें बड़े स्तर पर सरकारी खजाने को चूना लगाने की बात सामने आई है. जिसे लेकर जांच एजेंसियां अब पूरी तरह से सख्त हैं.
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