अघोषित बिजली कटौती और खाद की कमी से कृषक परेशान, भारतीय किसान यूनियन प्रदेश महासचिव तेजराम विद्रोही ने उग्र आंदोलन की दी धमकी
Farmers are troubled by unannounced power cuts and shortage of fertilizers, Bharatiya Kisan Union state general secretary Tejaram Vidrohi threatened a fierce agitation
राजिम : बोरवेल के माध्यम से क्षेत्र में रबी फसल धान बोने वाले किसानों की मुसीबत बढ़ती जा रही है. एक ओर जहां अघोषित तरीके से बिजली कटौती की वजह से खेत सूखने लगे हैं. तो वही दूसरी तरफ सहकारी समितियों में उर्वरक खाद की किल्ल्त से किसान परेशान हैं. ऐसा महसूस हो रहा है कि जानबूझकर रबी फसल धान बोने वाले किसानों क़ो परेशान करने कि सरकारी साजिश तो नहीं है.
उक्त आशय कि प्रेस विज्ञप्ति जारी भारतीय किसान यूनियन (टिकैत ) छत्तीसगढ़ के प्रदेश महासचिव तेजराम विद्रोही ने कहा कि प्रदेश में बोरवेल के जरिए धान बोने वाले किसान अघोषित बिजली कटौती से परेशान हैं. जिसकी वजह से उनके खेत सुख रहे हैं और वे धान की चलाई तक नहीं कर पा रहे हैं. नवम्बर महीने में सरकार के जिला प्रशासन द्वारा रबी फसल धान बोने क़ो हतोत्साहित करने और धान नहीं बोने के बारे में मुनादी कराया जा रहा था. किसानों ने इस सरकारी फरमान का विरोध किया था. इससे सरकार ने अपना रुख शिथिल कर लिया. लेकिन असमय और अघोषित बिजली कटौती कर किसानों क़ो परेशान किया जा रहा है।
विद्रोही ने आगे कहा कि सहकारी समितियों में किसानों क़ो खाद नहीं मिल रही है. जबकि निजी खाद विक्रेताओं के पास खाद जैसे यूरिया, डी ए पी का भरमार है. जो तय मूल्य से ज्यादा क़ीमत में बेचकर मुनाफाखोरी कर रहे हैँ. साथ ही खाद के साथ अतिरिक्त लदान देकर किसानों का आर्थिक शोषण किया जा रहा है. जबकि उर्वरक मंत्रालय का स्पष्ट निर्देश है कि उर्वरक खाद के आलावा कोई अतिरिक्त सामग्री नहीं देना है.
उन्होंने शासन प्रशासन से इस विज्ञप्ति के जरिए मांग किया है कि बिजली आपूर्ति क़ो व्यवस्थित किया जाए और सहकारी समितियों के जरिए किसानों क़ो जल्द ही खाद प्रदान किया जाए वरना भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) किसानों के हित में सड़क पर उतरने क़ो मजबूर होंगे.
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