बिजली लूट के खिलाफ प्रदेश भर में जनआंदोलन, धरना और विद्युत कार्यालय घेराव, प्रदर्शन कर राज्य सरकार का पुतला दहन

Public movement against power theft, sit-in and siege of electricity offices across the state, demonstration and burning of effigy of the state government

बिजली लूट के खिलाफ प्रदेश भर में जनआंदोलन, धरना और विद्युत कार्यालय घेराव, प्रदर्शन कर राज्य सरकार का पुतला दहन

विद्युत विभाग के खिलाफ भाजपा विधायक ने भी खोला मोर्चा

अभनपुर के भाजपा विधायक इंद्र कुमार साहू 12 अगस्त को विद्युत विभाग के अधिकारियों की मनमानी के खिलाफ जनता के साथ मिलकर अभनपुर में धरना-प्रदर्शन की बात कही. विधायक साहू ने 6 अगस्त को इस वारे में एक पत्र एसडीएम अभनपुर को पेश कर दिया है. पत्र में 11 अगस्त तक व्यवस्था में सुधार नहीं होने की हालत में 12 अगस्त को अभनपुर में धरना-प्रदर्शन की चेतावनी दी.
विधायक साहू ने बताया कि अभनपुर विधानसभा क्षेत्र में प्रशासनिक आतंकवाद बढ़ गया है. अभनपुर विधानसभा क्षेत्र में विद्युत विभाग द्वारा लगातार बिना किसी वजह के लाइट बंद कर दिया जा रहा है. इससे क्षेत्र के किसान, आम जनता, व्यापारी और उद्यमी हलाकान हो गए हैं. उनके द्वारा बार-बार इस दिशा में सुधार के लिए निर्देश दिए जाने के बाद भी विद्युत अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं. इससे आम जनता में हमारी सरकार को लेकर गलत संदेश जा रहा है.
उन्होंने कहा कि विद्युत अधिकारी हमारी सरकार को बदनाम करने का दुष्प्रयास कर रहे हैं. विद्युत विभाग की तरह चिकित्सा विभाग के अधिकारी भी अपनी मनमानी कर रहे हैं. महीने भर पहले अभनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के 4 डाक्टरों को हटा दिया गया है, लेकिन उनके बदले अब तक दूसरे डॉक्टर नहीं भेजे गए हैं.
यही हाल गोबरा नवापारा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का भी है. ऐसे में आम जनता की परेशानी को दूर करने और अपनी सरकार की छवि को धूमिल होने से बचाने के लिए वे अभनपुर क्षेत्र के प्रशासनिक आतंकवाद के विरुद्ध सड़क की लड़ाई लड़नें मजबूर हैं.
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कांग्रेस का बिजली लूट के खिलाफ प्रदेश भर में जनआंदोलन

रायपुर : छत्तीसगढ़ में हाफ बिजली बिल योजना को बंद किए जाने के विरोध में कांग्रेस ने आज प्रदेशव्यापी प्रदर्शन किया। योजना की बहाली की मांग को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राज्य के सभी जिलों में बिजली विभाग के दफ्तरों के बाहर धरना दिया और राज्य सरकार का पुतला दहन किया/
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि भाजपा सरकार ने 400 यूनिट तक हाफ बिजली योजना को खत्म कर, सीधे आम लोगों पर आर्थिक बोझ डाल दिया है. पार्टी ने कहा कि बिजली दरों में वृद्धि और योजना की समाप्ति का असर सीधे मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों पर पड़ेगा.
राजधानी रायपुर सहित बिलासपुर, दुर्ग, भिलाई, बस्तर, कोरबा, रायगढ़, राजनांदगांव, जशपुर, सरगुजा, सुकमा, कांकेर जैसे 30 से ज्यादा जिलों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध जताते हुए बिजली बिलों की प्रतियां जलाईं और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की.
कांग्रेस ने साफ कहा है कि अगर 400 यूनिट तक हाफ बिजली बिल योजना को फौरन बहाल नहीं किया गया, तो पार्टी जन आंदोलन को और तेज करेगी. हाफ बिजली बिल योजना को लेकर कांग्रेस और भाजपा सरकार के बीच टकराव अब सड़क पर उतर आया है. कांग्रेस का आक्रामक प्रदर्शन यह संकेत देता है कि आने वाले दिनों में जनता की बिजली से जुड़ी नाराज़गी राज्य की राजनीति में केंद्र बिंदु बन सकती है.
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धमतरी : प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देशन और जिला कांग्रेस कमेटी धमतरी के आव्हान पर बिजली न्याय अभियान के तहत धमतरी में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन और बिजली कार्यालय का घेराव किया गया. यह प्रदर्शन भाजपा सरकार द्वारा पूर्व भूपेश बघेल सरकार की जनहितैषी "बिजली बिल हाफ योजना" को बंद किए जाने के विरोध में किया गया.
कार्यक्रम में भारी तादाद में कांग्रेस कार्यकर्ता, पदाधिकारी एवं जनप्रतिनिधि मौजुद रहे. धरना स्थल पर भाजपा सरकार के जनविरोधी निर्णय के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई और जनता को हो रही परेशानी पर रोष प्रकट किया गया.
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा छत्तीसगढ़ की जनता को राहत देने के मकसद से 'बिजली बिल हाफ योजना' (400 यूनिट तक मुफ्त बिजली) चलाई गई थी. इसके अंतर्गत घरेलू उपभोक्ताओं को पहले 400 यूनिट तक बिजली पर 50% तक की सब्सिडी दी जा रही थी. जिससे गरीब, मध्यमवर्गीय और निम्न आयवर्ग के लाखों परिवारों को बड़ी राहत मिली थी. यह योजना छत्तीसगढ़ के विकासशील ग्रामीण क्षेत्रों, किसानों और मजदूर वर्ग के लिए आर्थिक संबल बन गई थी.
वर्तमान भाजपा सरकार ने सत्ता में आते ही इस जनहितैषी योजना को बंद कर दिया. जिससे आम जनता पर भारी आर्थिक बोझ आ गया है. बिजली बिलों में आई बेतहाशा वृद्धि से आम आदमी परेशान है.
अब 400 यूनिट बिजली पर जो पहले शून्य या नाममात्र भुगतान होता था. उस पर अब हजारों रुपये के बिल आने लगे हैं. यह फैसला सीधे-सीधे गरीब विरोधी और जनविरोधी है. जिससे लाखों परिवारों की आर्थिक स्थिति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है.
धरना स्थल से विधायक अंबिका मरकाम का तीखा प्रहार करते हुए सिहावा विधायक अंबिका मरकाम ने अपने प्रभावशाली भाषण में कहा कि "हमारी सरकार ने जनता की जेब पर बोझ कम करने के लिए बिजली बिल हाफ योजना चलाई थी. लेकिन भाजपा सरकार ने आते ही यह जनकल्याणकारी योजना बंद कर दी. यह सरकार सिर्फ पूंजीपतियों की सरकार बन कर रह गई है. गरीब, किसान, आदिवासी और मजदूरों की किसी को चिंता नहीं है."
उन्होंने कहा कि यह संघर्ष सिर्फ एक योजना का नहीं। बल्कि जनता के हक और इंसाफ के लिए है. कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी और पूरे प्रदेश में जनता के साथ मिलकर लड़ाई लड़ेगी.
इस विरोध प्रदर्शन में विशेष रुप से विधायक ओंकार साहू, जिला कांग्रेस अध्यक्ष शरद लोहाना, पूर्व विधायक डॉ. लक्ष्मी ध्रुव, पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष विजय देवांगन, पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष निशु चंद्राकर, कांग्रेस नेता विपिन साहू, आनंद पवार, तारिणी चंद्राकर सहित कांग्रेस पार्टी के सभी प्रकोष्ठों के कार्यकर्ता, युवा कांग्रेस, महिला कांग्रेस, NSUI, सेवादल के प्रतिनिधि भारी संख्या में मौजूद रहे.
धरना प्रदर्शन के अंत में जिला कांग्रेस कमेटी ने एक स्वर में यह घोषणा की कि – अगर भाजपा सरकार ने बिजली बिल हाफ योजना को फिर से लागू नहीं किया तो कांग्रेस चरणबद्ध आंदोलन करेगी और इसे जनता के आंदोलन में बदलेगी.
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दुर्ग : भाजपा सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ की जनता को बिजली बिल के नाम पर झटका देने के फैसले के खिलाफ प्रदेश भर में कांग्रेस ने विरोध की कमान संभाल ली है. इस मुद्दे पर प्रदेश कांग्रेस ने 7 अगस्त को सभी ज़िला मुख्यालयों में प्रदर्शन, पुतला दहन और प्रेस वार्ता आयोजित की.
दुर्ग शहर में इस जनांदोलन में शामिल हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री अरुण वोरा ने सरकार के फैसले को जनता के साथ सीधा विश्वासघात बताते हुए कहा कि यह सिर्फ एक नीति बदलाव नहीं. बल्कि आम आदमी के भरोसा और जीवन स्तर पर सीधा हमला है. भाजपा सरकार को दो साल भी नहीं हुए और यह चौथी बार है. जब बिजली बिल बढ़ाकर जनता को झटका दिया गया है.
छत्तीसगढ़ देश का बिजली सरप्लस राज्य है. यहां जल है, जंगल है, ज़मीन है और कोयला भी है. जब हम इतने प्राकृतिक संसाधनों से संपन्न हैं. और जब यहीं से दूसरे राज्यों को बिजली भेजी जाती है. तो फिर छत्तीसगढ़ की आम जनता को महंगी बिजली क्यों भुगतनी पड़ रही है?
जनता के ‘महतारी वंदन’ का पैसा अब बिजली बिल के नाम पर वसूल रही है भाजपा.. जब पहले 400 यूनिट तक राहत दी जा सकती थी तो अब क्यों नहीं?”
उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस सरकार के समय 400 यूनिट तक 50% तक की छूट मिलती थी. जिससे गरीब, निम्न-मध्यम वर्ग और श्रमिक परिवारों को राहत मिलती थी.
लेकिन अब यह लाभ छीनकर भाजपा ने साफ कर दिया है कि उसकी प्राथमिकता में जनकल्याण नहीं, बल्कि कंपनियों का फायदा है.
53 लाख उपभोक्ताओं को राहत देने वाली योजना को जिस तरह से कुचला गया है. वह भाजपा की जनविरोधी मानसिकता का प्रतीक है. यह सरकार आम आदमी के लिए नहीं. चुनिंदा पूंजीपतियों के लिए काम कर रही है. कांग्रेस इसे हर स्तर पर चुनौती देगी.
आंदोलन के दौरान अधिकारियों के जरिए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को प्रतीकात्मक रुप से लालटेन और चिमनी भेंट की गई. ताकि उन्हें यह एहसास दिलाया जा सके कि उनकी नाकामियों के कारण प्रदेश अंधकार में डूबता जा रहा है.
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियाँ लेकर बिजली कटौती और महंगी दरों के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया. तख्तियों पर आम जनता की तकलीफों को दर्शाते नारे लिखे गए थे. जो भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों पर करारा प्रहार कर रहे थे.
दुर्ग में इस आंदोलन में दुर्ग शहर कांग्रेस अध्यक्ष गया पटेल, दुर्ग ग्रामीण अध्यक्ष राकेश ठाकुर, पूर्व विधायक प्रतिभा चंद्राकर, प्रदेश महामंत्री राजेन्द्र साहू, पूर्व महापौर धीरज बकलीवाल, दुर्ग शहर एवं ग्रामीण के जिला व ब्लॉक स्तर के नेता, पार्षद, पूर्व पार्षद, सोशल मीडिया पदाधिकारी, एनएसयूआई, महिला कांग्रेस, सेवा दल, युवा कांग्रेस सहित तमाम जनप्रतिनिधियों ने सक्रिय सहभागिता दर्ज कराई.
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बिलासपुर : राज्य सरकार द्वारा ‘बिजली बिल हाफ योजना’ को सीमित करने के फैसले के खिलाफ कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया. बुधवार को जिला कांग्रेस कमेटी गठित के नेतृत्व में सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने तिफरा स्थित बिजली कार्यालय का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया.
प्रदर्शनकारियों ने सरकार पर जनविरोधी नीतियों को अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा सरकार ने गरीब और मध्यम वर्गीय उपभोक्ताओं के हित में चलाई जा रही इस योजना पर भी कैंची चला दी है. कांग्रेस शासनकाल में शुरु की गई यह योजना लाखों उपभोक्ताओं को राहत देती थी. लेकिन अब सरकार ने इसे सिर्फ 100 यूनिट तक सीमित कर दिया है. जिससे ज्यादातर उपभोक्ताओं को लाभ मिलना बंद हो गया है.
इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए बिजली विभाग के अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा और सरकार से इस जनहितैषी योजना को फिर से लागू करने की मांग की. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने इस फैसले को वापस नहीं लिया तो कांग्रेस सड़क से लेकर विधानसभा तक संघर्ष करेगी और जनता के अधिकारों की लड़ाई को और तेज करेगी.
जिला कांग्रेस अध्यक्ष विजय केसरवानी ने कहा कि भाजपा सरकार लगातार जनविरोधी निर्णय ले रही है. "बिजली बिल हाफ योजना" को सीमित करना भी उसी कड़ी का हिस्सा है. उन्होंने कहा कि इस योजना ने खासकर मध्यम वर्ग और निम्न आयवर्ग के परिवारों को बड़ी राहत दी थी, लेकिन वर्तमान सरकार को यह भी रास नहीं आया.
वहीं ब्लॉक अध्यक्ष लक्ष्मीनाथ साहू ने कहा कि सरकार अगर अपनी तानाशाही रवैये पर कायम रही तो आने वाले समय में उग्र आंदोलन किया जाएगा. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि कांग्रेस पीछे हटने वाली नहीं है और जनता की सुविधा बहाल करवा कर रहेगी. प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं के साथ सैकड़ों की तादाद में कार्यकर्ता मौजूद रहे. जिन्होंने पूरे जोश और एकजुटता के साथ इस आंदोलन में भाग लिया.
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बिलासपुर : छत्तीसगढ़ में बिजली बिल हाफ योजना को बंद किए जाने के फैसले के विरोध में बिलासपुर जिला कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर जोरदार हमला बोला है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष विजय केसरवानी और जिला शहर अध्यक्ष विजय पांडेय ने संयुक्त रूप से पत्रकार वार्ता में कहा कि यह फैसला गरीब और मध्यम वर्गीय उपभोक्ताओं के साथ अन्याय है.
कांग्रेस नेताओं ने दोपहर 2 बजे कांग्रेस कार्यकर्ता तिफरा स्थित बिजली विभाग कार्यालय का घेराव किया और सरकार को चेतावनी दी कि अगर योजना बहाल नहीं की गई तो आंदोलन को पूरे प्रदेश में फैलाया जाएगा.
जिला शहर कांग्रेस अध्यक्ष विजय पांडेय ने कहा कि भाजपा सरकार द्वारा बिजली बिल हाफ योजना बंद करना सीधे जनता पर अत्याचार है. सरकार सिर्फ 100 यूनिट तक की खपत पर राहत की बात कर रही है. जबकि कांग्रेस शासन में 400 यूनिट तक उपभोक्ताओं को राहत मिलती थी. कांग्रेस सरकार ने 44 लाख घरेलू उपभोक्ताओं को राहत दी थी. भाजपा ने वह लाभ छीन लिया.
पांडेय ने आरोप लगाया कि अब 100 यूनिट से अधिक खपत पर पूरे बिल का भुगतान करना होगा — यह गरीबों पर भार है। पांडेय ने कहा कि कांग्रेस के कार्यकाल में पांच साल तक बिजली बिल हाफ योजना लगातार जारी रही, भाजपा ने आते ही इसे खत्म कर दिया.
जिला कांग्रेस शहर अध्यक्ष विजय केसरवानी ने कहा कि सरकार ने घरेलू बिजली दरों में अब तक 80 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि कर दी है. बिजली कटौती, लो वोल्टेज और अनियमित आपूर्ति ने शहर और गांव दोनों को परेशान कर रखा है।मोदी सरकार की गलत नीतियों के चलते उत्पादन लागत बढ़ी है — कोयला, ट्रांसपोर्ट, ग्रीन टैक्स से जनता पर बोझ डाला गया। स्मार्ट मीटर के नाम पर लूट, फर्जी बिलिंग और बिना रीडिंग के वसूली की जा रही है.
विजय ने बताया कि भाजपा सरकार हमारी जमीन, पानी और संसाधन पूंजीपतियों को सौंप रही है — कांग्रेस इसका विरोध करेगी. कांग्रेस ने दोपहर 2 बजे तिफरा स्थित बिजली विभाग कार्यालय का घेराव किया. जिसमें बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए.
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