सुशासन तिहार में हादसे पर सरपंच संघ का सख्त फैसला, घायलों को मुआवजा और बेहतर इलाज नहीं मिला तो आगामी सुशासन तिहार का होगा बहिष्कार

Sarpanch Association Takes Strict Stand on Mishap During 'Sushasan Tihar': Future Celebrations to be Boycotted Unless Injured Receive Compensation and Better Medical Treatment.

सुशासन तिहार में हादसे पर सरपंच संघ का सख्त फैसला, घायलों को मुआवजा और बेहतर इलाज नहीं मिला तो आगामी सुशासन तिहार का होगा बहिष्कार

गरियाबंद : ग्राम खरहरी में आयोजित सुशासन तिहार के दौरान विशाल पीपल का पेड़ गिरने से आठ लोग घायल हो गए थे. हादसे के बाद घायलों के समुचित उपचार और आर्थिक सहायता की मांग को लेकर सरपंच संघ ने कड़ा रुख अपनाते हुए आगामी सुशासन तिहार कार्यक्रमों के बहिष्कार का ऐलान कर दिया है.
सरपंच संघ के पदाधिकारियों ने जिला प्रभारी सचिव आर. संगीता को गरियाबंद  प्रवास के दौरान सर्किट हाउस में मुलाकात कर आवेदन सौंपा. इस मौके पर सरपंच संघ के ब्लॉक अध्यक्ष कोमल देव ध्रुव, नरेन्द्र ध्रुव, रोहित, जगदीश ठाकुर भुनेश्वरी ठाकुर, अनुसूया, लखेंद्र ध्रुव, ललेस ठाकुर, हित विभिन्न ग्राम पंचायतों के सरपंच मौजूद रहे.
कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर मांग किया कि हादसे में घायल सभी लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए और उन्हें उचित मुआवजा राशि प्रदान की जाए। संघ का कहना है कि घटना को कई दिन बीत जाने के बाद भी गंभीर रूप से घायल लोगों के इलाज और मदद को लेकर प्रशासन की तरफ से संतोषजनक पहल नहीं की गई है.
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि सुशासन तिहार जैसे सरकारी कार्यक्रम में हुए इस हादसे की जिम्मेदारी तय करते हुए प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है. अगर घायलों के इलाज और आर्थिक सहायता संबंधी मांगों पर जल्द फैसला नहीं लिया गया तो जिले के सरपंच आगामी सुशासन तिहार कार्यक्रमों में भाग नहीं लेंगे.
सरपंच संघ के प्रतिनिधियों ने कहा कि ग्रामीण जनप्रतिनिधि जनता की समस्याओं और सुरक्षा को लेकर गंभीर हैं. ऐसे में घायल बच्चों और अन्य पीड़ितों के साथ इंसाफ होना जरुरी है. संघ ने प्रशासन से मानवीय आधार पर जल्द कार्रवाई करने की मांग की है.
हादसे को लेकर क्षेत्र में भी चिंता का माहौल है. ग्रामीणों का कहना है कि घायलों को जल्द राहत और बेहतर उपचार उपलब्ध कराया जाना चाहिए. ताकि पीड़ित परिवारों को राहत मिल सके. अब सभी की निगाहें प्रशासन के अगले कदम पर टिकी है.
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