प्लेस ऑफ सेफ्टी से मर्डर और चोरी के आरोपी 6 अपचारी बालक फरार, गार्ड को बंद कर रसोइये पर फेंका गर्म खाना, मचा हड़कंप, पकड़े गए दो नाबालिग बच्चे
Six juvenile offenders accused of murder and theft escaped from a 'Place of Safety'; they locked up the guard, threw hot food at the cook, and caused a commotion, though two of the minors were subsequently caught.
सरगुजा : छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में गांधीनगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत कन्या परिसर स्थित प्लेस ऑफ सेफ्टी से बीती रात छह अपचारी बालक फरार हो गए. बालकों ने भोजन के दौरान रसोइये पर गर्म खाना फेंक दिया और ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा गार्ड को कमरे में बंद कर दिया. इस घटना के बाद दो अपचारी बालकों को पकड़ लिया गया है. जबकि चार अन्य बालकों की तलाश में पुलिस जुटी हुई है.
मिली जानकारी के मुताबिक अपचारी बालकों को भोजन कराने के लिए बैरक से बाहर निकाला गया था. उसी समय बालकों ने अचानक हंगामा शुरू कर दिया और वारदात को अंजाम देकर मौके से भाग निकले. घटना के बाद संस्था में हड़कंप मच गया और पुलिस को खबर दी गई.
दो अपचारी पकड़ाए, चार की तलाश जारी
भागने की कोशिश के दौरान दो अपचारी बालक चोटिल हो गए. इनमें से एक बालक के पैर में गंभीर चोट आई. जिससे वह ज्यादा दूर नहीं जा सका और लंगड़ाते हुए खुद वापस लौट आया. दूसरे बालक के भागते समय गिरने से सिर में चोट लग गई. जिसे पुलिस ने पकड़कर संस्था प्रबंधन को सौंप दिया. बाकी चार फरार बालकों की खोजबीन के लिए गांधीनगर थाना पुलिस ने रात में ही रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और अन्य संभावित ठिकानों पर सघन तलाशी अभियान चलाया. हालांकि खबर लिखे जाने तक फरार चारों बालकों का कोई सुराग नहीं मिल सका है.
हत्या और चोरी के मामलों में थे बंद
फरार हुए सभी अपचारी बालकों की उम्र 16 से 18 साल के बीच है. इन बालकों के खिलाफ हत्या और चोरी जैसे गंभीर अपराधों के मामले दर्ज हैं. पुलिस प्रशासन की प्राथमिक मंशा फरार बालकों को जल्द खोजकर सुरक्षित वापस लाने की है
सुरक्षा व्यवस्था पर फिर उठे सवाल
कन्या परिसर मार्ग पर स्थित प्लेस ऑफ सेफ्टी और बाल संप्रेक्षण गृह से पहले भी बालकों के भागने की कई घटनाएं हो चुकी हैं. इससे पूर्व फरवरी महीने में 15 अपचारी बालक गार्ड पर हमला कर भागे थे. जिनमें से पांच को पकड़ा गया था. जून महीने में 11 बालक खिड़की उखाड़कर और जुलाई में 13 बालक पुराना दरवाजा तोड़कर फरार हुए थे. इसके अलावा टॉयलेट का रोशनदान तोड़कर भी तीन बालक भाग चुके हैं.
बार-बार हो रही इन घटनाओं की वजह से पूर्व में संस्था के अधीक्षक को सस्पेंड कर दिया गया था. वर्तमान में यह संस्थान आरक्षकों के भरोसे संचालित हो रहा है. सरगुजा कलेक्टर ने भी सुरक्षा बढ़ाने और फेरबदल के निर्देश दिए थे. लेकिन इस ताजी घटना ने सुरक्षा इंतजामों पर फिर से सवालिया निशान लगा दिया है.
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