सिविल अस्पताल में प्रसव के दौरान लापरवाही का आरोप, 24 दिन बाद नवजात की मौत,बच्ची के शरीर में कई फ्रैक्चर का आरोप, जांच के लिए टीम गठित
Allegations of negligence during childbirth at a civil hospital; newborn dies after 24 days; claims of multiple fractures on the infant's body; a team has been constituted to conduct an investigation.
मनेंद्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर : मनेंद्रगढ़ स्थित 220 बिस्तरीय सिविल अस्पताल में प्रसव के दौरान कथित लापरवाही के कारण नवजात बच्ची के शरीर में कई फ्रैक्चर होने का आरोप लगाया गया है. परिजनों के मुताबिक, जन्म के 24 दिन बाद बच्ची की मौत हो गई. मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने जांच टीम गठित करने की बात कही है
प्रसव के लिए अस्पताल पहुंची थी महिला
मिली जानकारी के मुताबिक ग्राम पंचायत लालपुर के स्कूलपारा निवासी उपासना 10 सितंबर को प्रसव के लिए मनेंद्रगढ़ के सिविल अस्पताल पहुंची थीं. पीड़िता का कहना है कि प्रसव से पहले उन्होंने पांच बार सोनोग्राफी कराई थी. उनके मुताबिक जांच के दौरान उन्हें बताया गया था कि गर्भस्थ शिशु स्वस्थ है. लेकिन उसकी हालत सामान्य प्रसव के अनुकूल नहीं होने की वजह से ऑपरेशन की जरुरत पड़ सकती है.
महिला का आरोप है कि इसके बावजूद अस्पताल में सामान्य प्रसव कराने का प्रयास किया गया. पीड़िता ने प्रसव के दौरान जबरदस्ती किए जाने और इसी दौरान बच्ची को गंभीर चोटें आने का आरोप लगाया है. हालांकि प्रसव के समय हकीकत में क्या हालात बने थे. और नवजात को चोटें कैसे आईं. यह जांच का विषय है.
डॉक्टरों को पता था कि पेट में बच्चा ढेढ़ा है. उसके बाद भी उसे दर्द बढ़ने का इंजेक्शन दिया गया. दर्द बढ़ने पर ऑपरेशन थियेटर लेकर गए. लेकिन वहां डॉक्टर बहुत ही धीरे धीरे सब करने लगे. लेकिन दर्द ज्यादा होने की वजह से बच्चा बाहर आने लगा. इस दौरान बच्चे को काफी बुरी तरह से खींचकर निकाला गया. बाया हाथ, जांघ टूट गया था -उपासना, पीड़ित महिला
एक्स-रे में फ्रैक्चर सामने आने का दावा
बच्ची के जन्म के बाद उसकी शारीरिक हालत को लेकर परिजन चिंतित हो गए. इसके बाद उपासना और उनके पति शिवकुमार नवजात को लेकर अंबिकापुर पहुंचे. जहां बच्ची का एक्स-रे कराया गया. पीड़िता के मुताबिक एक्स-रे में बच्ची की दोनों जांघों, कूल्हे और हाथ की हड्डियों में फ्रैक्चर सामने आए.
परिजनों का कहना है कि बच्ची की इस स्थिति ने उन्हें झकझोर कर रख दिया. परिवार ने प्रसव के दौरान पर्याप्त सावधानी नहीं बरते जाने की आशंका जताई है. हालांकि, फ्रैक्चर किस वजह से हुए और उनका प्रसव की प्रक्रिया से क्या संबंध था. इसकी पुष्टि चिकित्सकीय दस्तावेजों और निष्पक्ष जांच के बाद ही हो सकेगी.
डिलीवरी के बाद नर्स ने बताया कि बच्ची थोड़ी विकलांग है और गंदा पानी पी गई है. इसलिए अंबिकापुर रेफर कर रहे हैं. अंबिकापुर में इलाज के बाद डॉक्टरों ने बताया कि बच्ची अपाहिज नहीं है. उसके शरीर के अंग टूटे हुए हैं -शिवकुमार, पीड़िता के पति
24 दिन बाद बच्ची की मौत, परिवार में मातम
परिजनों के मुताबिक बच्ची का इलाज कराया गया. लेकिन जन्म के महज 24 दिन बाद उसकी मौत हो गई. जिस घर में नवजात के आने से खुशियां होनी चाहिए थीं. वहां मातम छा गया. बच्ची को खोने के गम से जूझ रही मां अब पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और जवाबदेही तय करने की मांग कर रही है.
सीएमएचओ बोले—दोषी मिलने पर होगी कार्रवाई
इस मामले में एमसीबी जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अविनाश खरे ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही सिविल सर्जन की अध्यक्षता में फौरन जांच के लिए टीम गठित कर दी गई है. जांच में जो भी डॉक्टर दोषी पाए जाएंगे. उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. उनके खिलाफ न्यायिक कार्रवाई भी की जाएगी.
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