आफत की बारिश, गंगरेल के खुले 10 गेट, नदी के बीच फंसे दो युवक, ग्रामीणों ने सुरक्षित निकाला, रोड में गिरा पेड़, घरों में घुसा पानी, त्रैमासिक परीक्षा स्थगित

Torrential rains: 10 gates of Gangrel Dam opened; two youths stranded in the river rescued by villagers; tree falls on road; water enters homes; quarterly exams postponed.

आफत की बारिश, गंगरेल के खुले 10 गेट, नदी के बीच फंसे दो युवक, ग्रामीणों ने सुरक्षित निकाला, रोड में गिरा पेड़, घरों में घुसा पानी, त्रैमासिक परीक्षा स्थगित

कैचमेंट एरिया में लगातार हो रही बारिश के चलते करीब 65 हजार क्यूसेक पानी प्रति सेकेंड बांध में पहुंच रहा है. पानी की बढ़ती आवक को देखते हुए गंगरेल बांध के 10 गेट खोल दिए गए हैं. जिनसे करीब 55 हजार क्यूसेक पानी प्रति सेकेंड छोड़ा जा रहा है. यानि एक तरफ आसमान से लगातार बरसता पानी. दूसरी तरफ गंगरेल में हजारों क्यूसेक की तेज आवक और अब खुले गेटों से महानदी की तरफ बढ़ता भारी जलप्रवाह. ऐसे में नदी किनारे रहने वाले लोगों के लिए आने वाला वक्त बेहद सतर्क रहने का है.
हालात को देखते हुए जिला प्रशासन भी अलर्ट मोड पर है..... मुनादी और सोशल मीडिया के जरिए लोगों को लगातार खबरदार किया जा रहा है नदी किनारे बिल्कुल न जाएं, तेज बहाव वाले इलाकों से दूरी बनाए रखें और बच्चों व मवेशियों को भी नदी के करीब न जाने दें...... फिलहाल निगाहें आसमान, कैचमेंट एरिया और गंगरेल के जलस्तर पर टिकी हुई हैं… क्योंकि बारिश का सिलसिला इसी तरह जारी रहा तो पानी की आवक और नदी के बहाव की तस्वीर बदल सकती है..... इसलिए खूबसूरत बारिश को देखने की उत्सुकता कहीं खतरे के करीब न ले जाए… नदी से दूरी और प्रशासन की हिदायतों पर अमल ही इस वक्त सबसे जरूरी एहतियात है___ आसमान बरस रहा… गंगरेल के गेट खुले हैं… महानदी का बहाव बढ़ रहा—अब नदी किनारे रोमांच नहीं, सिर्फ एहतियात!

अमलीपदर के बाहरापारा में सूखा नदी का पानी घुसा, 16 लोग फंसे; रेस्क्यू टीम ने सभी को स्कूल और आंगनबाड़ी में पहुंचाया
गरियाबंद/अमलीपदर : गरियाबंद जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दिए हैं. नदी-नालों के उफान पर आने से कई गांवों में पानी भर गया है और ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं. अमलीपदर के बाहरापारा में सूखा नदी का पानी पूरी बस्ती में फैल गया है. यहां छोटे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों समेत 16 लोग बाढ़ में फंस गए थे. उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने के लिए गरियाबंद से पहुंची रेस्क्यू टीम ने अभियान चलाया. सभी 16 लोगों को सुरक्षित निकालकर स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र में शिफ्ट किया गया है. वहीं, नदीपारा में बाढ़ में फंसे चार परिवारों के 12 लोगों को भी सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है.
इधर, भतराबहाली गांव में तेल नदी का पानी घुसने से जलभराव की स्थिति बन गई है. लगातार बारिश के चलते देवभोग ब्लॉक के 36 गांवों का ब्लॉक मुख्यालय से संपर्क टूट गया है. बाढ़ और जलभराव के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में जनजीवन प्रभावित हो रहा है.
बाहरापारा में सूखा नदी का पानी पूरी बस्ती में घुसा, 16 लोगों का रेस्क्यू
अमलीपदर के बाहरापारा में सूखा नदी का पानी तेजी से बढ़ने के कारण पूरी बस्ती में जलभराव हो गया. बस्ती में छोटे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों समेत 16 लोग फंस गए थे. हालात की गंभीरता को देखते हुए गरियाबंद से रेस्क्यू टीम गांव पहुंची और सभी को सुरक्षित दूसरे स्थान पर पहुंचाने का अभियान चलाया.
पानी का स्तर तेजी से बढ़ने के कारण राहत एवं बचाव कार्य चुनौतीपूर्ण बना हुआ था. रेस्क्यू टीम ने सभी 16 लोगों को सुरक्षित निकालकर स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र में शिफ्ट किया. बस्ती में पानी फैलने से लोगों के सामने गंभीर संकट खड़ा हो गया था.
नदीपारा में चार परिवारों के 12 लोगों को सुरक्षित निकाला
बाढ़ की स्थिति के बीच नदीपारा से राहत की खबर भी सामने आई है. यहां चार परिवारों के कुल 12 लोग बाढ़ के पानी में फंस गए थे. रेस्क्यू टीम ने सभी 12 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है. इस बीच बाहरापारा में फंसे लोगों को भी सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की कार्रवाई पूरी कर ली गई है.
भतराबहाली में घरों तक पहुंचा तेल नदी का पानी
मूसलाधार बारिश के चलते तेल नदी का जलस्तर बढ़ने से भतराबहाली गांव के अंदर पानी घुस गया है. गांव में जलभराव की स्थिति बनने से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है. लगातार बारिश के कारण आसपास के नदी-नालों में भी पानी का बहाव तेज हो गया है.
36 गांवों का देवभोग मुख्यालय से संपर्क टूटा
बारिश और बाढ़ का असर ग्रामीण आवागमन पर भी पड़ा है। जानकारी के मुताबिक, देवभोग ब्लॉक के 36 गांवों का ब्लॉक मुख्यालय से संपर्क टूट गया है. रास्तों पर पानी भरने और नदी-नालों के उफान पर होने से लोगों का आवागमन प्रभावित हुआ है. जरूरी काम से मुख्यालय पहुंचने वाले ग्रामीणों के सामने भी परेशानी खड़ी हो गई है.
लगातार बारिश से बिगड़ रहे हालात, राहत-बचाव पर नजर
जिले में लगातार हो रही बारिश के बीच बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव कार्य जारी है. अमलीपदर के बाहरापारा में फंसे 16 लोगों को सुरक्षित निकालकर स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र में ठहराया गया है. जबकि नदीपारा में 12 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है. भतराबहाली में तेल नदी का पानी गांव में घुसने और 36 गांवों का संपर्क टूटने से स्थिति की गंभीरता बढ़ गई है. फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता बाढ़ प्रभावित लोगों को सुरक्षित रखना और प्रभावित गांवों तक राहत पहुंचाना है. बारिश का दौर जारी रहने से नदी-नालों के आसपास रहने वाले ग्रामीणों को सतर्क रहने की जरूरत है.
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बारिश के चलते आज की तिमाही परीक्षा स्थगित, स्कूलों को जारी हुआ नया निर्देश
गरियाबंद : गरियाबंद जिले में लगातार हो रही बारिश के बीच विद्यार्थियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए 25 सितंबर 2026 को आयोजित होने वाली कक्षा 1वीं से 12वीं तक की त्रैमासिक मूल्यांकन परीक्षा स्थगित कर दी गई है. जिला शिक्षा अधिकारी, गरियाबंद के नाम से जारी सूचना के मुताबिक जिले के सभी विकासखंडों में अधिक वर्षा की स्थिति को देखते हुए यह फैसला लिया गया है.
25 सितंबर को आयोजित होने वाली त्रैमासिक मूल्यांकन परीक्षा आज नहीं हुई. जिले के सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारियों को अपने-अपने ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले स्कूलों के संस्था प्रमुखों को इसकी जानकारी देने के निर्देश दिए गए हैं.
परीक्षा स्थगित होने के बाद विद्यार्थियों और अभिभावकों के सामने अगला सवाल है कि आज की स्थगित त्रैमासिक परीक्षा अब किस तारीख को आयोजित होगी? उपलब्ध सूचना में स्थगित परीक्षा की नई तारीख का उल्लेख नहीं किया गया है. ऐसे में नई तारीख को लेकर विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों को विभागीय आदेश/सूचना का इंतजार रहेगा.
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विशालकाय वृक्ष गिरा 
राजिम : बोरसी-किरवई के मध्य स्थित हनुमान मंदिर के ऊपर विशालकाय वृक्ष बीच रोड में गिर गया. जिससे आवागमन हुआ बाधित पेड़ गिरने से दोनों ओर वाहनों की लम्बी लाइन लगने से राजिम फिंगेश्वर मार्ग हुआ बंद हो गया. क्षेत्र में 24 घंटा से हो रही बारिश के चलते  यह बड़ा हादसा होते-होते चला टला.
इलाके में पिछले 24 घंटे के दौरान 200 मिलीमीटर से ज्यादा बारिश दर्ज हुई है. लगातार तीन दिनों से जारी बारिश और नदी-नालों के बढ़ते जलस्तर ने लोगों को करीब दस साल पहले आई भीषण बाढ़ की याद दिला दी है.
कई परिवारों के लिए बीती रात मुश्किलों भरी रही. घरों में पानी घुसने की आशंका के बीच लोग रात भर जागते रहे और घरेलू सामान को ऊंची जगहों पर सुरक्षित रखने में जुटे रहे. बारिश नहीं थमने के कारण लोगों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है.
लगातार बारिश के कारण क्षेत्र के कई गांवों में खेत पानी से लबालब हैं। खेतों में पानी भरने से किसानों को फसल खराब होने की चिंता सताने लगी है. किसान अब बारिश थमने और पानी उतरने का इंतजार कर रहे हैं. अगर इसी तरह बारिश का दौर जारी रहा तो फसलों पर इसका असर और बढ़ सकता है.
देवभोग और अमलीपदर क्षेत्र में फिलहाल बारिश का दौर जारी है. नदी-नालों में लगातार बढ़ते जलस्तर और जलभराव के बीच लोगों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं. ग्रामीण अपने स्तर पर घरों और सामान को बचाने में जुटे हुए हैं.
बारिश ने एक बार फिर देवभोग-अमलीपदर क्षेत्र में बाढ़ की पुरानी यादें ताजा कर दी हैं. अब लोगों को इंतजार है तो सिर्फ बारिश थमने और नदी-नालों का जलस्तर नीचे आने का है.
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कदलीमुड़ा में भरभराकर गिरा मकान का छज्जा
गरियाबंद : देवभोग थाना क्षेत्र के कदलीमुड़ा गांव में बारिश के बीच मकान का छज्जा अचानक भरभराकर गिर गया. बताया जा रहा है कि घटना के दौरान परिवार के सदस्य छत पर मौजूद थे। गनीमत रही कि बड़ी जनहानि नहीं हुई. लगातार बारिश के कारण मकानों की मजबूती को लेकर भी ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है. कमजोर और पुराने निर्माणों पर लगातार पानी पड़ने से खतरा बना हुआ है.

गिरसूल में बाउंड्रीवाल ढही
बारिश का असर गिरसूल में भी देखने को मिला, जहां बाउंड्रीवाल गिर गई. घटना में जनहानि की सूचना नहीं है. लेकिन लगातार बारिश जारी रहने के कारण आसपास के अन्य कमजोर निर्माणों को लेकर भी सावधानी जरूरी हो गई है.
नाले में पानी बढ़ने के बावजूद बच्चों को आवागमन करना पड़ रहा है. बरसात के दिनों में यह समस्या हर साल सामने आती है. स्थायी पुल नहीं होने के कारण बच्चों की पढ़ाई के साथ उनकी सुरक्षा भी खतरे में पड़ जाती है. जब हर साल इसी मौसम में नाला उफान पर आता है. तो अब तक सुरक्षित पुल या वैकल्पिक रास्ते की व्यवस्था क्यों नहीं हो सकी? यह सवाल ग्रामीणों के साथ-साथ व्यवस्था के सामने भी खड़ा है.

देवभोग में कई घंटे से बिजली गुल
बारिश के बीच देवभोग ब्लॉक के कई इलाकों में कई घंटों से बिजली आपूर्ति बाधित होने की जानकारी सामने आई है पहले से ही जलभराव और उफनते नालों की समस्या झेल रहे ग्रामीणों के लिए बिजली गुल होने से परेशानी और बढ़ गई है. बारिश और तेज हवाओं के कारण बिजली व्यवस्था प्रभावित होने की संभावना रहती है, लेकिन लंबे समय तक आपूर्ति बहाल नहीं होने से ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

अब निगाह प्रशासन की कार्रवाई पर है—क्या प्रभावित इलाकों में तत्काल राहत और सुरक्षा व्यवस्था पहुंचेगी? क्या बागगोडा के बच्चों को हर साल बरसात में नाला पार करने की मजबूरी से स्थायी निजात मिलेगी? और क्या जलभराव वाले इलाकों के लिए बारिश से पहले स्थायी समाधान तैयार होगा?