गुड़ाखू करने गए युवक का नदी में फिसला पैर, मिली लाश, इधर खुले नाले ने ली मासूम की जान, दुसरे दिन भी आदिल को ब्लू वाटर से नहीं निकाल सका प्रशासन
A young man slipped and fell into the river while going to use *gudakhu*; his body was later recovered. Meanwhile, an open drain claimed the life of an innocent child; even on the second day, the administration failed to retrieve Adil from the 'Blue Water' pit.
रायपुर : छत्तीसगढ़ में पानी में डूबने के तीन मामले सामने आए हैं. रायपुर में खुले नाले ने डूबने से चार साल के मासूम की जान चली गई. दुसरे मामले में राजधानी के नया रायपुर (माना थाना क्षेत्र) स्थित ब्लू वाटर खदान में मौदहापारा निवासी युवक आदिल डूब गया, 24 घंटे बाद भी अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया. तीसरे मामले में कोरबा की नदी में गुड़ाखू करने गए युवक का नदी में पैर फिसल गया. युवक की लाश बरामद की गई है.
पहला मामला
रायपुर के अमलीडीह में सुशासन तिहार में शिकायत और सामान्य सभा में मुद्दा उठने के बाद भी नाला नहीं ढका गया. नगर निगम की इसी लापरवाही से चार साल के मासूम की नाले में डूबने से मौत हो गई.
रायपुर के डॉ. राजेंद्र प्रसाद वार्ड के अमलीडीह की गली नंबर पांच में करीब चार फीट गहरा और तीन फीट चौड़ा खुला नाला है. जिसे ढकने के लिए स्थानीय लोगों और पार्षद ने इस नाले को ढंकने की मांग की थी. निगम प्रशासन की अनदेखी की वजह से मासूम की डूबने से मौत हो गई.
चार साल का काव्यांश खुले नाले में गिर गया. पानी के तेज बहाव में मासूम बहकर बड़े नाले में चला गया. गहरे पानी में डूबने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई. इतने गहरे नाले को खुला छोड़ना बड़ी लापरवाही है. यह हादसा सिर्फ एक हादसा नहीं है. यह नगर निगम की सीधी लापरवाही को दिखाता है. स्थानीय लोगों ने सुशासन तिहार में शिकायत की थी. जनसमस्या निवारण शिविर में भी नाले को ढंकने की मांग उठी थी. स्थानीय पार्षद ने सामान्य सभा की बैठक में यह मुद्दा उठाया था.
मुद्दा उठने के बाद नाले के निर्माण का प्रस्ताव बना था. टेंडर की प्रक्रिया भी पूरी की गई थी. लेकिन ठेकेदार ने काम शुरू ही नहीं किया. प्रस्ताव ठंडे बस्ते में चला गया. निगम प्रशासन ने इस पर दोबारा ध्यान नहीं दिया. शहर के घनी आबादी वाले इलाकों में नाले आज भी खुले हैं.
नगर निगम हर साल नालियों को ढंकने का बजट रखता है. सालाना बजट में एक से तीन करोड़ का प्रावधान होता है. साल 2026-27 के बजट में एक करोड़ रुपए रखे गए हैं. इसके पहले भी सीवरेज और संधारण के लिए बजट पास हुआ था. वर्ष 2021-22 में भूमिगत नाली योजना के लिए भारी बजट तय था. इसके बाद भी शहर के अधिकांश नाले खुले पड़े हैं.
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दुसरा मामला
रायपुर : राजधानी के नया रायपुर (माना थाना क्षेत्र) स्थित ब्लू वाटर खदान में मौदहापारा निवासी आदिल डूब गया. जिसका 24 घंटे बाद भी अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है. अब तक उनकी खोज जारी है और प्रशासन उन्हें ब्लू वाटर से निकाल पाने में 24 घंटे बाद भी नाकाम है.
जिसके बाद पूर्व विधायक विकास उपाध्याय, नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी, मौदहापारा वार्ड पार्षद शेख मुशीर, उपाध्यक्ष जयंत साहू, मंडल अध्यक्ष मतलूब अली ने कलेक्टर से मुलाकात कर आधुनिक प्रणाली से और टीम लगाकर आदिल को ढूंढ़ने की मांग की है.
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तीसरा मामला
कोरबा : छत्तीसगढ़ के कोरबा में लगातार बारिश के बीच खारुन नदी में बह गए 45 साल का ग्रामीण दूसरे दिन मृत मिला. बुधवार सुबह नदी किनारे गुड़ाखू करने गए ग्रामीण का पैर फिसल गया था. जिसके बाद वह तेज बहाव में बह गया. पुलिस और गोताखोरों को गुरुवार सुबह घटनास्थल से करीब 500 मीटर दूर झाड़ियों में उसका शव मिला. घटना पाली थाना क्षेत्र की है.
मिली जानकारी के मुताबिक ग्राम बिजराभवनारा, बतरा पंचायत निवासी गेंदलाल उम्र 45 साल बुधवार सुबह गेंदलाल नदी किनारे गुड़ाखू करने गया था. पैर फिसलने से वह नदी में गिर गया और तेज बहाव में बह गया.
हादसे की जानकारी मिलने के बाद पाली पुलिस और नगर सेना की गोताखोर टीम मौके पर पहुंची. टीम ने तलाश शुरू की. लेकिन तेज बहाव और नदी में बने भंवर की वजह से बुधवार देर शाम तक गेंदलाल का पता नहीं चल सका. इसके बाद रेस्क्यू अभियान रोक दिया गया.
गुरुवार सुबह परिजन और ग्रामीण फिर से नदी किनारे पहुंचे और तलाश शुरू की. करीब 500 मीटर दूर झाड़ियों में गेंदलाल का शव फंसा मिला. खबर पर पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. पुलिस मामले की जांच कर रही है.
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