आंधी-तूफान से बड़ा हादसा, लेबर क्वार्टर पर बाउंड्री वॉल गिरने से प्रेग्नेंट महिला की मौत, कई मजदुर दबे, दंपती गंभीर-घायल, कांग्रेस ने बनाई जांच टीम

Major tragedy amidst storm: Pregnant woman dies after boundary wall collapses on labor quarters; several workers trapped, couple critically injured; Congress forms inquiry team.

आंधी-तूफान से बड़ा हादसा, लेबर क्वार्टर पर बाउंड्री वॉल गिरने से प्रेग्नेंट महिला की मौत, कई मजदुर दबे, दंपती गंभीर-घायल, कांग्रेस ने बनाई जांच टीम

रायगढ़ : छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में गुरुवार शाम तेज आंधी, तूफान और बारिश के दौरान बड़ा हादसा हो गया. पूंजीपथरा थाना क्षेत्र के चिराईपानी में दो उद्योगों के बीच बनी बाउंड्रीवॉल अचानक भरभराकर गिर गई. जिससे मलबे में दबकर एक महिला मजदूर की मौत हो गई. जबकि दो अन्य मजदूर घायल हो गए.
मिली जानकारी के मुताबिक ओम रूपेश उद्योग और महालक्ष्मी उद्योग के बीच बनी बाउंड्रीवॉल के पास कई मजदूर झोपड़ी बनाकर रह रहे थे. गुरुवार शाम करीब 6 बजे मौसम अचानक बदल गया और तेज आंधी-तूफान के साथ भारी बारिश शुरू हो गई. इसी दौरान कमजोर संरचना वाली बाउंड्रीवॉल अचानक गिर गई और पास में बनी झोपड़ियों पर आ गिरी हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई.
स्थानीय लोगों ने फौरन पुलिस को खबर दी. जिसके बाद पुलिस और बचाव दल मौके पर पहुंचे. स्थानीय लोगों की मदद से मलबा हटाकर दबे हुए मजदूरों को बाहर निकाला गया. इस हादसे में रंभा यादव नामक महिला मजदूर गंभीर रुप से घायल हो गई थी. उसे अस्पताल ले जाया जा रहा था. लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई. वहीं दो अन्य मजदूरों को गंभीर चोटें आई हैं. जिन्हें इलाज के लिए रायगढ़ मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है. जहां उनका इलाज जारी है.
शुरुआती जानकारी के मुताबिक मृतक महिला के गर्भवती होने की भी चर्चा सामने आई है. हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है. हादसे के बाद परिजनों में शोक का माहौल है और स्थानीय क्षेत्र में भी आक्रोश देखा जा रहा है. पूंजीपथरा थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है. पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि बाउंड्रीवॉल किस स्थिति में बनी थी और क्या इसके निर्माण या रखरखाव में कोई लापरवाही हुई थी. साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि मजदूरों के रहने की व्यवस्था कितनी सुरक्षित थी.
स्थानीय लोगों का कहना है कि उद्योगों के आसपास काम करने वाले मजदूर अक्सर अस्थायी झोपड़ियों में रहते हैं. जहां सुरक्षा व्यवस्था बेहद कमजोर होती है. ऐसे में प्राकृतिक आपदा के समय खतरा और बढ़ जाता है।.इस घटना ने औद्योगिक क्षेत्रों में मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
प्रशासन द्वारा यह भी देखा जा रहा है कि क्या संबंधित उद्योगों द्वारा मजदूरों के लिए सुरक्षित आवास और बुनियादी सुविधाओं का पालन किया जा रहा था या नहीं. अधिकारियों के मुताबिक जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल पुलिस और प्रशासन की टीम घटनास्थल का निरीक्षण कर रही है. और सभी पहलुओं की जांच की जा रही है.
इस मामले की जांच के लिए कांगेस के भी जांच टीम का गठन किया है. जांच टीम भी जांच करेगी. और कांग्रेस ने दोषी पाए जाने पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की मांग की है
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