15 अगस्त के दिन बाबा रामदेव Modi सरकार पर भड़के, बोले- नौकरियों के इंटरव्यू में घोटाला, 'पेपर लीक और भ्रष्टाचार नहीं रुका तो फिर करूंगा बड़ा आंदोलन

On August 15, Baba Ramdev lashed out at the Modi government, alleging a scam in job interviews and declaring that he would launch a major agitation if paper leaks and corruption were not curbed.

15 अगस्त के दिन बाबा रामदेव Modi सरकार पर भड़के, बोले- नौकरियों के इंटरव्यू में घोटाला, 'पेपर लीक और भ्रष्टाचार नहीं रुका तो फिर करूंगा बड़ा आंदोलन

हरिद्वार : योगगुरु बाबा रामदेव ने देश में सरकारी भर्तियों के दौरान हो रहे कथित भ्रष्टाचार पर कड़ा विरोध दर्ज कराया है. हरिद्वार स्थित पतंजलि योगपीठ में 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरियों में इंटरव्यू के समय भारी घोटाला किया जा रहा है. स्वामी रामदेव ने आरोप लगाया कि लाखों-करोड़ों रुपये लेकर नौकरियां सरेआम बेची जा रही हैं. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर इस प्रशासनिक व्यवस्था में समय रहते जरूरी सुधार नहीं किया गया. तो वे चुप नहीं बैठेंगे। और उन्हें फिर से जन आंदोलन शुरू करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा. उन्होंने यह स्पष्ट किया कि वे देश में किसी तरह की अराजकता के पक्षधर नहीं हैं. लेकिन व्यवस्था के घपलों को नजरअंदाज भी नहीं किया जा सकता है.
स्वतंत्रता दिवस के इस पावन अवसर पर हरिद्वार के पतंजलि योगपीठ में ध्वजारोहण कार्यक्रम का आयोजन किया गया था. इस दौरान योगगुरु स्वामी रामदेव और पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण ने संयुक्त रूप से ध्वजारोहण किया और सभी देशवासियों को 80वें स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं. झंडा फहराने के बाद स्वामी रामदेव ने मौजूद जनसमूह और देश के नागरिकों से देशसेवा का संकल्प लेने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि देश के हर एक व्यक्ति को खुद को राष्ट्र की ही एक अभिव्यक्ति मानना चाहिए और सदा देश के कल्याण के लिए समर्पित रहना चाहिए.
सरकारी नौकरियों और शिक्षा व्यवस्था पर स्वामी रामदेव के गंभीर आरोप
ध्वजारोहण समारोह संपन्न होने के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए स्वामी रामदेव ने देश की वर्तमान परिस्थितियों पर चिंता जताई. उन्होंने कहा कि आज देश के भीतर नफरत और घृणा का माहौल तैयार कर दिया गया है. देश की संसद में भी पक्ष और विपक्ष के लोग एक-दूसरे के आमने-सामने खड़े दिखते हैं. झारखंड में चल रहे छात्रों के आंदोलन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इस समय देश में चारों तरफ हंगामा फैला हुआ है. छोटे-छोटे स्कूलों और कॉलेजों में बच्चे पढ़ाई करने जाते हैं. लेकिन वहां बुनियादी सुविधाओं का भारी अभाव है. शिक्षण संस्थानों में शिक्षकों, किताबों, बिजली, पानी और शौचालय जैसी जरूरी सुविधाओं की भारी कमी बनी हुई है.
बाबा रामदेव ने सरकारी भर्तियों की प्रक्रिया पर हमला बोलते हुए कहा कि सरकारी नौकरियों के इंटरव्यू में 90 से लेकर 99 प्रतिशत तक घोटाला होता है. नौकरियां योग्यता के आधार पर नहीं, बल्कि जाति, वर्ग और समुदाय के हिसाब से बांटी जा रही हैं. उन्होंने कहा कि यह स्थिति बहुत अपमानजनक है और हमारे लोकतंत्र के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है. एक तरफ हम सब 'सत्यमेव जयते' की बात करते हैं. वहीं दूसरी तरफ लाखों-करोड़ों रुपये रिश्वत लेकर पहले से तयशुदा लोगों को नौकरियां बांटी जा रही हैं.
'जेन जी प्रोटेस्ट' में युवाओं के आचरण पर जताई चिंता
स्वामी रामदेव ने देश में लगातार हो रहे विरोध प्रदर्शनों पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर देश में इसी तरह से लगातार आंदोलन चलते रहे. तो देश आगे कैसे बढ़ेगा. उन्होंने कहा कि अभी भी वक्त बचा हुआ है और जिम्मेदार लोगों को सुधर जाना चाहिए. वरना हालात और भी ज्यादा बिगड़ सकते हैं. उन्होंने दोबारा स्पष्ट किया कि वे किसी भी तरह की अराजकता का समर्थन नहीं करते. लेकिन देश में व्याप्त बड़े पैमाने के घपलों को ठीक करना बहुत जरूरी है. अगर सुधार नहीं हुआ, तो उन्हें दोबारा से आंदोलन का रास्ता चुनना पड़ेगा.
इसके साथ ही योगगुरु ने 'जेन जी प्रोटेस्ट' का उल्लेख करते हुए युवाओं के आचरण पर भी गहरी चिंता व्यक्त की. उन्होंने कहा कि आजादी के नाम पर कुछ नवयुवक और बेटियां सार्वजनिक जगहों पर बीड़ी और सिगरेट का धुआं उड़ा रहे हैं. उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि आजादी का मतलब किसी भी सूरत में अनुशासनहीनता नहीं होता है.
आचार्य बालकृष्ण ने नागरिक कर्तव्यों और स्वदेशी का दिया संदेश
समारोह के दौरान पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण ने भी नागरिकों को संबोधित किया. आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि देश के हर नागरिक को अपने अधिकारों की मांग करने के साथ-साथ अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक पालन करना होगा. भारत को एक बार फिर से दुनिया के मंच पर 'विश्व गुरु' के रूप में स्थापित करने के लिए हर व्यक्ति को अपना योगदान देना जरूरी है. उन्होंने कहा कि देश की एकता, भारतीय संस्कृति और स्वदेशी के संकल्प को मजबूत बनाना आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत है.
बाबा रामदेव ने कहा कि अगर व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो उन्हें आंदोलन करना पड़ सकता है...हालांकि, उन्होंने साफ कहा है कि वे अराजकता या आंदोलन के समर्थक नहीं हैं. लेकिन देश में हो रही गड़बड़ियों को ठीक करना जरूरी है. तो बीजेपी ने कहा कि बाबा बहुत चिंतित हैं तो उन्होंने काफी रुपये कमा लिए हैं. बाबा का कई स्कूल खोलने चाहिए जहां फ्री में शिक्षा दी जाए.
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