लोगों की सेहत और जिंदगी से खिलवाड़, लखन स्टेशनरी में मिली नकली एवरेस्ट मसालों की बड़ी खेप, मुख्य आरोपी अविनाश मोटवानी फरार, जांच जारी, मचा हड़कंप

People's health and lives are being compromised; a large consignment of fake Everest spices is found at Lucknow Stationery. The main accused, Avinash Motwani, is absconding. The investigation is ongoing and there is an uproar.

लोगों की सेहत और जिंदगी से खिलवाड़, लखन स्टेशनरी में मिली नकली एवरेस्ट मसालों की बड़ी खेप, मुख्य आरोपी अविनाश मोटवानी फरार, जांच जारी, मचा हड़कंप

बिलासपुर : प्रदेश की न्यायधानी बिलासपुर के व्यापार विहार में नकली खाद्य सामग्री के कारोबार को लेकर एक के बाद एक हो रहे खुलासों से हड़कंप मच गया. जिले के सबसे बड़े खाद्यान्न के थोक बाजार में मिलावटी सामान बेच कर खुलेआम लोगों की जान से खिलवाड़ किया जा रहा है. नकली एवरेस्ट मसालों की बड़ी खेप पकड़े जाने के बाद खाद्य एवं सुरक्षा विभाग लगातार कार्रवाई कर रहा है.
इसी कड़ी में विभागीय टीम ने व्यापार विहार स्थित लखन स्टेशनरी में दबिश देकर जांच और पूछताछ की कार्रवाई की. बताया जा रहा है कि कुछ दिनों पहले मारुति गुड्स गैरेज से नकली एवरेस्ट मसालों की बड़ी खेप बरामद हुई थी. जांच के दौरान ट्रांसपोर्टर से मिली जानकारी के आधार पर विभागीय टीम लखन स्टेशनरी तक पहुंची. जांच में अविनाश मोटवानी का मुख्य आरोपी के रूप में  नाम सामने आने के बाद अधिकारियों ने दस्तावेजों और सप्लाई नेटवर्क की पड़ताल शुरू कर दी है.
सूत्रों के मुताबिक कार्रवाई की भनक लगते ही मामले का मुख्य आरोपी दुकान से फरार हो गया और अपने भाई को दुकान की जिम्मेदारी सौंपकर गायब हो गया. अब विभाग फरार आरोपी और उससे जुड़े पूरे नेटवर्क की तलाश में जुटा हुआ है. अधिकारियों द्वारा सप्लाई चैन, बिलिंग रिकॉर्ड और स्टॉक से जुड़े दस्तावेज खंगाले जा रहे हैं.
गौरतलब है कि व्यापार विहार क्षेत्र पहले भी नकली और मिलावटी सामानों के कारोबार को लेकर चर्चा में रहा है. इससे पहले भी शहर के कई गोदामों और दुकानों में छापेमार कार्रवाई कर डुप्लीकेट कॉस्मेटिक और खाद्य उत्पाद जब्त किए जा चुके हैं.
कुछ समय पहले केंद्र से आई विशेष टीम ने भी शहर में कार्रवाई करते हुए नकली सिगरेट, ईनो और अन्य खाद्य उत्पादों में मिलावट का बड़ा खुलासा किया था. उस दौरान कई दुकानों और गोदामों से संदिग्ध सामग्री जब्त की गई थी. जिसके बाद शहर में नकली उत्पादों के बड़े नेटवर्क के सक्रिय होने की आशंका जताई गई थी.
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक इस मामले का मुख्य आरोपी अविनाश मोटवानी ब्लड बैंक के नाम से एक समाजसेवी संस्था भी संचालित करता है. इतना ही सूत्रो का यह भी दावा है कि स्टेशनरी दुकान से पूरा मिलावटी जहर का कारोबार चलता था. हालांकि स्टेशनरी के संचालक लखन मोटवानी ने अपने आपको इस मिलावटी खेल में पाक साफ साबित करते हुए अपने भाई अविनाश मोटवानी को मिलावट के कारोबार का मास्टरमाइंड बताते हुए मीडिया से बात करने से इंकार करते हुए अपना पल्ला झाड़ लिया. सूत्रों के मुताबिक थाली में जहर के इस जानलेवा कारोबार के लिए शहर में एक पूरा सिंडिकेट काम कर रहा है. करीब एक हफ्ते पहले हुई बालाजी ट्रांसपोर्ट में हुई छापेमार कार्यवाही में भी सिंधी कॉलोनी में रहने वाले मनोज नामक व्यापारी से तार जुड़े होने की चर्चा बाजार में जमकर चल रही है. फिलहाल सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक प्रकाश, रवि, मनोज और अविनाश मोटवानी एक सिंडिकेट के रूप में इस मिलावट के खेल के काम को काफी लंबे समय से अंजाम देकर मालामाल हो रहे है
लगातार कार्रवाई के बावजूद बाजारों में नकली और मिलावटी सामान की सप्लाई थमती नजर नहीं आ रही है. ऐसे में खाद्य एवं सुरक्षा विभाग की मौजूदा कार्रवाई को अब बड़े सिंडिकेट तक पहुंचने की कोशिश माना जा रहा है. विभागीय अधिकारियों का कहना है कि जांच जारी है और लोगों की सेहत और जिंदगी से खिलवाड़ करने वाले दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. टीम सोमवार को देर शाम व्यापार इलाके में स्थित लखन स्टेशनरी जांच के लिए पहुंची थी. जहां मुख्य आरोपी के फरार होने के बाद अविनाश के भाई लखन से टीम ने लंबी पूछताछ की है.
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