जश्ने ईद मिलादुन्नबी के जुलुस में गूंजा पैगाम-ए-अमन, मोहब्बत-भाईचारा और मुल्क की तरक्की के लिए मांगी गई दुआएं, फुलों की होती रही बारिश
The message of peace resonated during the Eid-e-Milad-un-Nabi procession; prayers were offered for love, brotherhood, and the nation's progress, while flowers were showered upon the participants.
नवापारा राजिम : हर साल की तरह इस साल भी रायपुर जिला के नवापारा राजिम में हुजूर सल्लल्लाहो तआला अलैहि वसल्लम की यौमे पैदाइश के मुबारक मौके पर 26 अगस्त को नवापारा और राजिम में ईद मिलादुन्नबी का त्योहार अकीदत, मोहब्बत और भाईचारे के साथ शानो-शौकत से मनाया गया. इस मौके पर जामा मस्जिद नवापारा और खत्री कॉलोनी में कई तरह के कार्यक्रम आयोजित किए गए. और शहर में जुलूसे मोहम्मदी निकाला गया.
सुबह 10 बजे जामा मस्जिद के पेश इमाम की अगुआई में शानो-शौकत के साथ विशाल जुलुस निकाला गया, जुलुस जामा मस्जिद से निकलकर सदर रोड, बस स्टेंड, गंज रोड और गांधी चौक होता हुआ जामा मस्जिद पहुंचा, जहां परचम कुशाई की गई. इसके बाद सलातो-सलाम पेश किया गया. जुलूस में बच्चे, नौजवान और बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोग शामिल हुए.
रास्ते भर नारा-ए-तकबीर बुलंद किए गए और नबी-ए-पाक की शान में नातें पढ़ी गईं. जुलूस के दौरान लोगों द्वारा बच्चों एवं जायरीनों के लिए खाने-पीने और शीतल पेयजल की व्यवस्था की गई. मुल्क और प्रदेश में अमन-शांति, भाईचारे, खुशहाली और तरक्की के लिए विशेष दुआ की गई.
जिसके बाद जामा मस्जिद में मर्दों बच्चों और ख्वातीन को हुजूर सल्लल्लाहो तआला अलैहि वसल्लम के मुए मुबारक की जियारत कराई गई, जिसके बाद आम लंगर का एहतेमाम किया गया. आम लंगर का एहतेमाम दोपहर और शाम दोनों वक़्त रखा गया.
इस मौके पर जामा मस्जिद के पेश इमाम ने अपनी तकरीर में हुजूर-ए-अकरम हजरत मोहम्मद मुस्तफा सल्लल्लाहो तआला अलैहि वसल्लम की सीरत और उनके पैगाम पर रोशनी डालते हुए कहा कि हमारे प्यारे नबी हजरत मोहम्मद मुस्तफा सल्लल्लाहो तआला अलैहि वसल्लम पूरी इंसानियत के लिए रहमत बनकर इस दुनिया में तशरीफ लाए.
उन्होंने कहा कि इस्लाम से पहले के दौर में समाज में जुल्म, नाइंसाफी और जाहिलियत का बोलबाला था। कमजोरों, महिलाओं और बच्चों के साथ भी ज्यादतियां होती थीं. हुजूर ने इंसानियत को इज्जत और बराबरी का दर्जा दिया और लोगों को अल्लाह की इबादत, नेक अमल, सच्चाई, रहमदिली और एक-दूसरे के साथ भलाई करने का रास्ता दिखाया.
मौलाना साहब ने कहा कि नबी-ए-करीम ने नफरत के बदले मोहब्बत, दुश्मनी के बदले भाईचारा, जुल्म के बदले इंसाफ और बुराई के बदले नेक रास्ते का पैगाम दिया. आपकी पूरी जिंदगी इंसानियत, रहमत, सब्र, माफी और अच्छे अखलाक का बेहतरीन नमूना है. उन्होंने कहा कि ईद मिलादुन्नबी मनाने का असल मकसद सिर्फ खुशी का इजहार नहीं, बल्कि हमारे नबी की सीरत को अपनी जिंदगी में उतारना और उनके बताए रास्ते पर चलने का अहद करना है.
एक दिन पहले खत्री कॉलोनी में बच्चों के नातिया प्रोग्राम में शामिल हुए बच्चों को इनाम से नवाजा गया, जिसमे 10 साल से कम उम्र के बच्चों को और 10 साल से ज्यादा उम्र के बच्चों की हौसला अफजाई के लिए इनाम तकसीम किए गए. जिसमे पहला नम्बर आने वाले बच्चे को कंप्यूटर, दुसरा नम्बर आने वाले को रेंजर की शानदार साइकल और तीसरा नम्बर आने वाले बच्चे को साउंड बॉक्स दिया गया.
बता दे कि इस मौके पर बाकी तमाम बच्चों को भी इनाम देकर हौसला अफजाई की गई. इस मौके पर नवापारा के पार्षदगण और परागांव के सरपंच, पंच और ढेर सारे जन प्रतिनिधि मौजूद रहे.
प्रोग्राम को कामयाब बनाने में सीरत कमेटी के सदर मोहम्मद इमरान चांगल और उनकी पूरी टीम का अहम योगदान रहा. खत्री कॉलोनी में हुए प्रोग्राम में खत्री परिवार और नगर के लोगों का अहम योगदान रहा.
सीरत कमेटी के सदर मोहम्मद इमरान चांगल ने ईद मिलादुन्नबी के मुबारक मौके पर सभी को दिली मुबारकबाद पेश करते हुए कहा कि हुजूर की सीरत से हमें मोहब्बत, भाईचारे और इंसानियत का पैगाम मिलता है. उन्होंने सभी समाजजनों से मिल-जुलकर अमन, शांति और सद्भाव कायम रखने की अपील की.
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गरियाबंद में हर्षोल्लास से मनाया गया ईद मिलादुन्नबी
गरियाबंद : नगर मे पैगंबर हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के जन्मदिन के अवसर पर ईद मिलादुन्नबी का पर्व हर्षोल्लास और अकीदत के साथ मनाया गया। इस दौरान मुस्लिम समाज ने भव्य जुलूस निकाला, जिसमें बड़ी संख्या में युवा, बुजुर्ग और बच्चे शामिल हुए.
जुलूस मस्जिद से शुरू होकर बाजार चौक, बस स्टैंड, गौरव पथ, गांधी मैदान, फॉरेस्ट नाका और तिरंगा चौक होते हुए वापस मस्जिद पहुंचा। जुलूस में उत्तर प्रदेश से पहुंचे नातखा ने नात-ए-पाक, पढ़ी धार्मिक नारों और हरे झंडों के साथ पैगंबर साहब की शिक्षाओं एवं अमन-भाईचारे का संदेश दिया गया.
नगर के रास्ते में विभिन्न स्थानों पर जुलूस का स्वागत किया गया तथा, शरबत मिष्ठान और लंगर का आयोजन किया गया । जुलुस वापस मस्जिद पहुंचने के बाद सलाम पेश किया गया तथा स्थानीय इमाम शाहब ने देश में अमन-चैन, एकता और सौहार्द की दुआ मांगी.
प्रशासन और पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था के बीच जुलूस शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ
मैनपुर में जश्ने ईद मिलादुन्नबी पर्व पर मुस्लिम समाज ने निकाला विशाल जुलूस
गरियाबंद/मैनपुर : इस्लामी महिना रबिउल अव्वल की 12 तारीख को पैगम्बर हजरत मोहम्मद साहब के जन्म दिन के अवसर पर ईद मिलादुन्नबी का पर्व गरियाबंद जिले के तहसील मुख्यालय मैनपुर नगर मे मुस्लिम समाज द्वारा बुधवार को बड़े ही धूमधाम व शानो-शौकत के साथ मनाया गया. रजा मस्जिद तथा मदरसा में परचम कुसाई कर प्रदेश व देश में अमन शांति खुशहाली की दुआ मांगी गई. सुबह 8 बजे मुस्लिम समाज के लोग रजा मस्जिद मैनपुर मे एकत्र हुए. जहां मौलाना सिब्तैन रजा साहब ने परचम कुसाई की रश्म अदा किया और सलातो सलाम का नजराना पेश किया गया तथा पूरे प्रदेश व देश मे अमन शांति खुशहाली के लिये दुआ मांगी गई. पिछले एक पखवाड़े से ईद मिलादुन्नबी पर्व को लेकर मुस्लिम समाज मैनपुर के लोगो मे भारी उत्साह देखने को मिल रहा था नगर मे तोरण पताके व विद्युत के झालर से सजाया गया.
पिछले दस दिनों से रजा मस्जिद मैनपुर में नुरानी तकरीर प्रोग्राम आयोजित किया गया जिसमें बड़ी संख्या मे समाज के लोग उपस्थित हुए तो आज ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर मदरसा में आम लंगर का आयोजन भी किया गया। मैनपुर नगर के सदभावना और परंपरा के मुताबिक हिन्दु मुस्लिम भाई आज दिन भर गले मिलकर एक दुसरे को ईद-मिलादुन्नबी की बधाई देते नजर आए.
जुलूस में लगातार फुलों की होती रही बारिश
आज ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर सुबह 8 बजे रजा मस्जिद से मुस्लिम समाज द्वारा जुलुस निकाला गया. यह जुलुस आमापारा, बस स्टैंड, मुख्य मार्ग, गांधी चौक, हरदीभाठा, जयंतीनगर, बिजली स्टेशन, स्टापडेमपारा, नेशनल मार्ग होते हुए मदरसा पहुंचा. जुलुस में छोटे -छोटे बच्चे रंग बिरंगे परिधान पहने और सर में साफा बांधे नारे-ए-तकबीर की शदाएं बुलंद कर रहे थे. नौजवान नात शरीफ पढ़ रहे थे और जुलुस के दौरान फुलो की लगातार वर्षा किया जा रहा था जो मुख्य आकर्षण का केन्द्र रहा. यह जुलुस कब्रिस्तान भी पहुंची जहां परमच कुसाई किया गया और अपने मरहूमो के कब्रो में फुल चढ़ाकर फातिहा पढ़ी गई.
इस्लाम अमन चैन कायम करने का संदेश देता है – मौलाना सिब्तैन रजा
रजा मस्जिद मे मौलाना सिब्तैन रजा खान साहब द्वारा नुरानी तकरीर पेश किया गया इस दौरान मौलाना सिब्तैन साहब ने कहा इस्लाम अमन चैन कायम करने का संदेश देता है इसमे जाति -पाति उच्च -नीच का कोई भेदभाव नही है, मौलाना ने कहा जश्ने ईद मिलादुन्नबी का दिन खुशी का दिन है प्रत्येक मोमिन हमेशा नबी ए करीम के बताए हुए सच्चाई के रास्ते पर चले हमेशा नेकी व ईमानदारी पर चलना प्रत्येक मोमिन का कर्तव्य है, भुखो को खाना खिलाना सबसे बड़ा सवाब है, उन्होने कहा मां बाप की खिदमत करे, मां बाप के कदमो मे जन्नत है नमाज कायम करना व गरीबो की मदद करना प्रत्येक मोमिन का फर्ज है जो बन्दा अल्लाह की बारगाह मे सच्चे मन से नमाज अदा करता है अल्लाह उसके गुनाहो को बख्श देता है हमेशा गरीबो को ज्यादा से ज्यादा इमदाद करे, आका ए करीम के सदके से अल्लाह तआला प्रत्येक मोमिन की झोलिया रहमत से भर देगा। मौलाना ने अपने तकरीर मे हजरत पैगम्बर साहब के जीवन के बारे मे बताते हुए कहा नबी ए करीम की आमद दुनियां मे होने पर समाज मे तमाम तरह की फैली बुराईयो और अंध विश्वासो, कुरीतियो का अंत हो गया और लोगो को तालिम हासिल करने पर जोर दिया गया जिससे लोग अंधकार छोड़कर उजाले के तरफ लौटकर एक बेहतर इंसान बनकर दुनियां और आखिरत मे अच्छा मुकाम हासिल कर सके
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से
इस पूरे कार्यक्रम मे प्रमुख रूप से मुस्लिम समाज के मौलाना सिब्तैन रजा खान साहब, ईमाम दिलसार अख्तर,, हाजी रफीक मेमन, हाजी गुलाम मेमन, हाजी शब्बीर मेमन, हाजी सत्तार मेमन, हाजी गफ्फु मेमन, हाजी हुसैन मेमन, हाजी वल्ली मोहम्मद धन्नाड़ी, हाजी कादीर मेमन ,हाजी सरफराज मेमन,ईकबाल मेमन, गुलाम रसुल बेग, अहमद बेग, जुनैद रजा, शेख हसन खान, अनीस सोलंकी, जाकीर रजा, जब्बीर खान, जाहिद रजा, रसीद खान, सद्दाम भट्टी, सिकंदर मेमन, सरफराज मेमन, अहसन रजा, गोलूभाई, गुलाम मेमन, अजहर मेमन, अहसन मेमन, रसीद भाई, गुलाम मेमन, अज्जू खान,शेख फकरूद्दीन, फकीरा भाई, अफजल मेमन, इथू मेमन, आशीफ मेमन, रमजान भाई, आशीफ भाई, फरीद भाई, जमाल खान, शेख अफरोज, रमजान खान, शेख हुसैन, साजिद बेग, हजरत अली, मकसूद भाई, दाउद खान, रियाज भाई, ईशुफ भाई, आमीन भाई, इरफान भाई, आकीश खान, बबला भाई, एजाज मेमन, शरीफ खान, जैद रजा, उबैद रजा,फैसल मेमन,अतहर मेमन, उजैर बेग, आयान, आवैश मेमन,जाकिर रजा, नजीब बेग, पिर मोहम्मद, रियाज भाई, रिजवान बेग, असलम भाई , हैदर रजा,शकील खान, वकील खान, हनीफ भाई, अमीन भाई, सुल्तान भाई, हनीफ सोलंकी, रिजवान मेमन, तौफिक अंसारी, सिकंदर मेमन, इन्थु मेमन ,मसुद भाई, हबीब मेमन, शेख ईमामुद्दीन, रब्बू भाई, शाहीद मेमन, सुल्तान भाई, खलिल खान, फिरोज मेमन, ईब्राहिम भाई, अब्दुल कादिर, साजिद बेग, आलिम अंसारी, मलिक रजा, अयान , अतहर मेमन, फैजान, फरान,अज्जू भाई, ज़ुबैर,राईस सोलंकी,सुल्तान, युसुफ मेमन , हबीब भाई, सहित मुस्लिम समाज मैनपुर, धवलपुर के सभी लोग सैकड़ो की संख्या मे उपस्थित थे। वही दूसरी ओर शांति व्यवस्था बनाए रखने मैनपुर थाना प्रभारी डोमेन्द सिन्हा दलबल के साथ पूरी तरह मुस्तैद रहे.
जश्ने ईद मिलादुन्नबी में गूंजा पैगाम-ए-अमन, मोहब्बत और भाईचारा
रायपुर : शहर सीरतुन्नबी कमेटी, रायपुर के ज़ेरे-एहतमाम जश्ने ईद मिलादुन्नबी का भव्य आयोजन बुधवार को बड़े ही अकीदत, शानो-शौकत और अदबो-ए-एहतिराम के साथ किया गया. इस मौके पर शहर के विभिन्न मोहल्लों से बड़ी तादाद में आशिकाने रसूल जुलूस की शक्ल में शामिल हुए.
जुलूसे ईद मिलादुन्नबी सुबह महबूबिया चौक, बैजनाथपारा से निकाला गया, जो शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरता हुआ सीरत मैदान पहुंचा। यहां आले नबी, औलादे अली, शहज़ादे हुज़ूर सरकार-ए-कलाँ एवं हुज़ूर हसनुल मशाइख हज़रत सय्यद हसन अशरफ अशरफुल जिलानी, किछौछा मुकद्दसा, उत्तर प्रदेश के दस्त-ए-मुबारक से परचम-कुशाई की गई। इस अवसर पर बड़ी संख्या में उलमा-ए-किराम, जिम्मेदारान-ए-कौम, मोहल्ला कमेटियों के पदाधिकारी एवं अकीदतमंद मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान नबी-ए-करीम हज़रत मुहम्मद मुस्तफा की सीरत-ए-पाक, अमन, मोहब्बत, भाईचारे और इंसानियत के पैगाम को आम करने पर जोर दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि सीरत-ए-मुस्तफा हमें समाज में मोहब्बत, आपसी भाईचारा, सद्भाव और इंसानियत कायम रखने की शिक्षा देती है.
कार्यक्रम के समापन पर भारत देश की तरक्की, अमन-ओ-आमान, खुशहाली और भाईचारे, छत्तीसगढ़ एवं रायपुर की तरक्की तथा तमाम इंसानों की सलामती के लिए विशेष दुआ की गई। साथ ही मुल्क में आपसी मोहब्बत और एकता कायम रहने तथा हर तरह की परेशानी, आफत और मुसीबत से हिफाज़त के लिए बारगाह-ए-इलाही में दुआ मांगी गई.
इसके बाद सीरत मैदान में आम लंगर का भी एहतमाम किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने शिरकत की.
शहर सीरतुन्नबी कमेटी ने जश्ने ईद मिलादुन्नबी ﷺ के आयोजन को कामयाब बनाने में सहयोग करने वाली तमाम मोहल्ला कमेटियों, उलमा-ए-किराम, प्रशासन, पुलिस प्रशासन, वालंटियर्स, मीडिया एवं तमाम आशिकाने रसूल का शुक्रिया अदा किया.
इस मौके पर शहर सीरतुन्नबी कमेटी के सदर मो. सोहेल सेठी, छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड के चेयरमैन डॉ. सलीम राज, छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी के अध्यक्ष मिर्जा एजाज बेग, फाउंडर मेंबर हाजी शेख नजीमुद्दीन, जनरल सेक्रेटरी हाजी सबीहुद्दीन, चीफ ऑर्गेनाइजर मो. सिराज, वरिष्ठ अधिवक्ता फैसल रिज़वी, हाजी बदरुद्दीन खोखर, इकबाल शरीफ, डॉ. मुजाहिद अली फारूकी, मोइनुद्दीन, मुफ्ती एहतेशाम अली फारूकी सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी, उलमा-ए-किराम एवं अकीदतमंद उपस्थित रहे.
देवभोग में तिरंगे झंडे के साथ निकला ईद मिलादुन्नबी का जुलूस, हर्षोल्लास से मनाया गया त्योहार
गरियाबंद.देवभोग : पैगंबर हजरत मोहम्मद के जन्मदिन के उपलक्ष्य में मनाया जाने वाला जश्ने ईद मिलादुन्नबी (ईद-ए-मिलाद) का त्योहार 26 अगस्त 2026 को पूरे भारत और दुनिया भर में अकीदत और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया. इस खास मौके पर देवभोग क्षेत्र में बुधवार को मुस्लिम समुदाय का पवित्र पर्व ईद मिलादुन्नबी धूमधाम, उत्साह और शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ.
इस अवसर पर देवभोग मुस्लिम समाज द्वारा नगर में जश्ने जुलूस निकाला गया, जिसमें बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों सहित बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। जुलूस में शामिल लोग हाथों में इस्लामी झंडों के साथ देश की आन, बान और शान का प्रतीक तिरंगा झंडा भी लिए हुए थे। पूरे दिन क्षेत्र में धार्मिक उत्साह, आपसी भाईचारे और सौहार्द का माहौल बना रहा.
जुलूस निकालने से पहले कई स्थानों पर फातिहा-खानी का आयोजन किया गया। इसके बाद "सरकार की आमद मरहबा" के नारों और धार्मिक संदेशों के साथ जुलूस अपने निर्धारित मार्गों से होकर गुजरा। बड़ी संख्या में लोगों ने जुलूस में उत्साहपूर्वक भाग लिया.
बाबा साहब के अनुयायियों ने पेश की आपसी भाईचारे की मिसाल_
जुलूस के अंबेडकर चौक पहुंचने के बाद समाज के प्रतिनिधियों द्वारा बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की पूजा-अर्चना कर उन्हें नमन किया गया। जुलूस के अंबेडकर चौक पहुंचते ही बाबा साहब के अनुयायियों द्वारा जुलूस में शामिल लोगों के लिए शर्बत और स्वल्पाहार की व्यवस्था की गई थी। इस दौरान आपसी भाईचारे, सामाजिक सौहार्द और एकता की मिसाल देखने को मिली.
इस अवसर पर बाबा साहब के अनुयायी टेकलाल प्रधान, तरुण नागेश, मिथलेश, परस प्रधान, शिवा रात्रे, हाजी अब्दुल नासिर खान, फिरोज खान, मोहम्मद अनवर खान, असलम मेमन, अख्तर खान, सलीम खान समेत बड़ी संख्या में बाबा साहब के अनुयायी मौजूद रहे। उपस्थित लोगों ने आपसी प्रेम, भाईचारे और सामाजिक एकता का संदेश दिया.
सुरक्षा को लेकर पुलिस रही पूरी तरह मुस्तैद_
पर्व को लेकर पुलिस प्रशासन पूरे जुलूस के दौरान पूरी तरह सतर्क और मुस्तैद नजर आया। देवभोग नगर क्षेत्र की मस्जिद से गांधी चौक सहित विभिन्न स्थानों पर थाना प्रभारी फैजूल होदा शाह के मार्गदर्शन में पुलिस टीम लगातार गश्त करती रही। पुलिस टीम जश्ने जुलूस के साथ-साथ चल रही थी और पूरे मार्ग में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के साथ यातायात व्यवस्था सुचारु रखने के लिए मुस्तैद रही। पुलिस की लगातार गश्त और सक्रिय उपस्थिति के कारण जुलूस शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। त्योहार के दौरान क्षेत्र में अमन-चैन, आपसी भाईचारे और सौहार्द का माहौल बना रहा.
नातों की गूंज, हाथों में परचम और भाईचारे का पैगाम… छुरा में धूमधाम से निकला ईद मिलादुन्नबी का जुलूस
गरियाबंद/छुरा : पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के जन्मदिन के अवसर पर मनाया जाने वाला पवित्र पर्व जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी बुधवार को छुरा नगर में मुस्लिम समाज द्वारा पूरे उत्साह, उमंग और धार्मिक श्रद्धा के साथ मनाया गया. सुबह से ही नगर का माहौल नात-ए-पाक, धार्मिक नारों और भाईचारे की भावना से सराबोर नजर आया. मुस्लिम समाज के लोग एवं बच्चे नए कपड़े पहनकर हाथों में आकर्षक परचम लेकर सुन्नी रजा मस्जिद पहुंचे.
सुबह करीब 8 बजे सुन्नी रजा मस्जिद में इमाम गुलाम मुस्तफा द्वारा परचम कुशाई की रस्म अदा की गई. इसके बाद देश में अमन-चैन, शांति, खुशहाली और आपसी भाईचारे के लिए विशेष दुआ की गई. दुआ के बाद बड़ी संख्या में समाज के लोग जुलूस की शक्ल में नगर भ्रमण के लिए रवाना हुए.
जुलूस में बड़ी संख्या में बच्चे, युवा और बुजुर्ग हाथों में विभिन्न रंगों के परचम लेकर शामिल हुए। जुलूस के दौरान नात शरीफ पढ़ी गई और पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब की शिक्षाओं एवं आपसी प्रेम, सद्भाव और भाईचारे का संदेश दिया गया। रंग-बिरंगे परचमों से सजा जुलूस नगर की सड़कों से निकला तो लोगों में भी उत्साह देखने को मिला.
सुन्नी रजा मस्जिद से निकला जुलूस आमापारा, स्वर्ण जयंती चौक, बस स्टैंड होते हुए कब्रिस्तान पहुंचा। यहां समाजजनों ने मरहूमों की कब्रों पर फूल चढ़ाकर उनके लिए विशेष दुआ की। इसके बाद जुलूस पुनः कब्रिस्तान से रवाना होकर बस स्टैंड, बजरंग चौक और शिव चौक होते हुए वापस सुन्नी रजा मस्जिद पहुंचा.
जुलूस का नगर में जगह-जगह लोगों द्वारा स्वागत किया गया। इस दौरान सामाजिक सौहार्द और भाईचारे की खूबसूरत तस्वीर देखने को मिली। पूरे आयोजन में अनुशासन और शांतिपूर्ण माहौल बना रहा। ईद मिलादुन्नबी को लेकर मुस्लिम समाज के लोगों में विशेष उत्साह दिखाई दिया.
रात में रखा गया आम लंगर
ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर मुस्लिम समाज द्वारा रात में आम लंगर का भी आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने शामिल होकर प्रसाद ग्रहण किया। आयोजन के माध्यम से समाज में एकता, प्रेम, भाईचारे और आपसी सौहार्द का संदेश दिया गया.
इस अवसर पर हाजी अब्दुल सत्तार मेमन, हाजी अब्दुल रहमान मेमन, हाजी डॉक्टर चिराग अली, हाजी आरिफ मेमन, हाजी सुलतान खान, हाजी राशिद रजा, सदर अजमेर खान, समद खान, यासीन खान, कादर खान, अब्दुल शमीम, इस्माइल खान, सलीम मेमन, यूनुस मेमन, जमशीर कुरैशी, रऊफ खान, सरवर खान, सिकंदर खान, जब्बार खान, हनीफ मेमन,रज्जू मेमन,लक्की मेमन, हारून अली, शाहबाज खान,राजा मेमन,बंटी, साहिल, अजमेर खान, कासिम अली, सोहेल मेमन,इल्लू मेमन, अब्बास खान, मौलाना अबरार राजा सहित बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोग उपस्थित रहे.
ईद मिलादुन्नबी के इस आयोजन ने छुरा नगर में धार्मिक आस्था के साथ-साथ अमन, शांति, प्रेम और भाईचारे का संदेश भी दिया.



