रायपुर में 11 करोड़ की ठगी, हाईटेक एब्रेसिव्स कंपनी ने बेच दी बैंक में गिरवी रखी जमीन, डायरेक्टर समेत 3 आरोपी गिरफ्तार, 9 फरार, तलाश जारी

11 crore rupees fraud in Raipur, Hi-Tech Abrasives company sold land mortgaged to bank, 3 accused including director arrested, 9 absconding, search continues

रायपुर में 11 करोड़ की ठगी, हाईटेक एब्रेसिव्स कंपनी ने बेच दी बैंक में गिरवी रखी जमीन, डायरेक्टर समेत 3 आरोपी गिरफ्तार, 9 फरार, तलाश जारी

रायपुर : राजधानी में जमीन सौदे के नाम पर कारोबारी से 11 करोड़ 51 लाख रुपये की ठगी के मामले में तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है. पीड़ित कारोबारी की शिकायत पर सरस्वती नगर थाना पुलिस ने हाई-टेक एब्रेसिव्स प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर, प्रमोटर और शेयर होल्डर सहित प्रॉपर्टी ब्रोकर के खिलाफ अपराध दर्ज कर तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है. मामले में अन्य नौ आरोपितों की तलाश जारी है.
मिली जानकारी के मुताबिक सरस्वती नगर क्षेत्र में रहने वाले पीड़ित विकास कुमार गोयल संभव ट्यूब्स प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर हैं. विकास गोयल ने बलौदाबाजार जिले में जमीन खरीदने के लिए हाई-टेक एब्रेसिव्स प्राइवेट लिमिटेड से संपर्क किया था. शिकायत के मुताबिक 15 अक्टूबर 2025 को हाई-टेक एब्रेसिव्स कंपनी के निदेशकों और प्रॉपर्टी ब्रोकर रोहित कुमार घृतलहरे ने बलौदाबाजार जिले के सिमगा तहसील अंतर्गत ग्राम नेवधा में स्थित करीब 22.347 हेक्टेयर जमीन दिखाई.
नारायण प्रसाद टेकरीवाल, लक्ष्मीचंद गुरवानी, पंकज टेकरीवाल, विनोद बाजोरिया, राघवेंद्र चंद सिन्हा, सेजल राठौर, शकुंतला देवी टेकरीवाल, निशा अग्रवाल, निना जैन, नीता मस्कारा और प्रीतम कुमार टेकरीवाल ने जमीन को पूरी तरह वैध और विवादमुक्त होने का भरोसा दिलाया.
सेल एग्रीमेंट के बाद संभव ट्यूब्स प्राइवेट लिमिटेड ने अलग-अलग तारीखों में चेक और आरटीजीएस के जरिए हाई-टेक एब्रेसिव्स प्राइवेट लिमिटेड के खाते में कुल 11.51 करोड़ रुपये एडवांस भुगतान के तौर पर ट्रांसफर किए.
बाद में जब कारोबारी विकास गोयल ने जमीन की विधिवत जांच कराई तो पता चला कि यह जमीन पहले से ही स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के पास गिरवी रखी गई है. जमीन को ग्लोबल हाई-टेक इंडस्ट्रीज लिमिटेड नामक सिस्टर कंसर्न द्वारा बैंक में मॉर्गेज किया गया था. इसके अलावा वर्ष 2019 में डेट रिकवरी ट्रिब्यूनल ने बैंक को इस जमीन से बकाया वसूली का अधिकार भी दे रखा है.
विकास गोयल का आरोप है कि जब उन्होंने बैंक से एनओसी मांगी तो आरोपितों ने न तो एनओसी दिलवाई और न ही एडवांस राशि वापस की. इस बारे में 9 जनवरी 2026 को कंपनी को औपचारिक पत्र भी भेजा गया. लेकिन कोई समाधान नहीं निकला.
पीड़ित बिजनेसमैन का आरोप है कि हाई-टेक एब्रेसिव्स प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर, प्रमोटर शेयरहोल्डर और प्रॉपर्टी ब्रोकर ने मिलकर इस धोखाधड़ी वाले ट्रांजैक्शन को अंजाम दिया. सरस्वती नगर पुलिस स्टेशन ने सभी आरोपियों के खिलाफ BNS की धारा 318(4), 338 और 336(3) के तहत मामला दर्ज किया है.
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