रोजगार मांग रहे युवाओं पर CISF का लाठीचार्ज, जबरन बेरहमी से बरसाई लाठियां, दौड़ा-दौड़ाकर पीटा, प्रदर्शन कर रहे 10 ग्रामीण घायल
CISF lathicharged youths demanding employment, brutally assaulted them with batons, chased them down and beat them, injuring 10 protesting villagers.
कोरबा : छत्तीसगढ़ के कोरबा में कोल इंडिया की एसईसीएल के गेवरा खदान में रोजगार मांग रहे युवाओं पर लाठीचार्ज किया गया. केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने खदान में शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे भूविस्थापितों पर लाठी चलाई और उन्हें शांति पूर्ण तरीके से किए जा रहे आंदोलन से रोका.
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया है कि सीआईएसएफ के अधिकारी और जवान कुछ प्रदर्शनकारियों को जबरन पुलिस थाने ले जा रहे थे. तभी प्रदर्शनकारी भी एकजुट होकर थाने जाने लगे तो सीआईएसएफ के जवान उन लोगों को छोड़कर चले गए.
मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि खदान की वजह से विस्थापित लोग रोजगार, बसावट और मुआवजा की मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे थे. आंदोलन शांतिपूर्ण था. मौके पर बड़ी तादाद में पुलिस और सीआईएसएफ का बल भी था. प्रदर्शन शांति पूर्ण चल रहा था और एसईसीएल के अधिकारी वार्ता के लिए बुला रहे .थे
इसी बीच सीआईएसएफ के अधिकारी ने भू विस्थापितों के साथ गाली-गलौज शुरु की और सीआईएसएफ के बल को लाठीचार्ज का आदेश दिया. इसके बाद भू विस्थापितों पर अंधाधुन लाठी चलाई गई.
छत्तीसगढ़ किसान सभा के नेतृत्व में भू विस्थापित अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे. लाठीचार्ज में किसान सभा के जिला सचिव दीपक साहू, रमेश दास, बिमल दास, गुलाब को भी गंभीर चोट आई.
इसके बाद किसान सभा के नेतृत्व में सभी दीपका थाना पहुंच कर मारपीट और लाठीचार्ज का आदेश देने वाले सीआईएसएफ पर जुर्म दर्ज करने की मांग की. दीपका थाने के प्रभारी प्रेमचंद साहू ने सभी का मेडिकल करवाकर कार्रवाई का आश्वासन दिया.
इस लाठी चार्ज के बाद किसान सभा के प्रदेश संयुक्त सचिव प्रशांत झा ने साफ कहा कि भू विस्थापितों की समस्याओं का निराकरण किए बगैर खदान विस्तार का कार्य नही होने देंगे. एसईसीएल के तानाशाह महाप्रबंधक त्यागी के इशारे पर सीआईएसएफ ने भू विस्थापितों पर जो लाठीचार्ज किया है. उसका जवाब संघर्ष और आंदोलन को और तेज कर दिया जाएगा. अगर प्रबंधन ने जबरन कोशिश की तो आंदोलन और उग्र होगा.
किसान सभा के नेता ने आगे कहा कि एसईसीएल द्वारा विस्थापित होने वाले प्रत्येक छोटे विस्थापित परिवार को भी नियमित रोजगार देने के साथ विस्थापितों को पुनर्वास की सुविधा और नए पुराने के नाम पर मुआवजा में कटौती करना बंद करना होगा. इस शांतिपूर्ण आंदोलन के दौरान हुए लाठीचार्ज की निंदा किसान सभा ने की है.
किसान सभा के जिला सचिव दीपक साहू ने कहा कि गेवरा क्षेत्र से प्रभावित भू विस्थापितों को नियमित रोजगार, पुनर्वास, मुआवजा के साथ बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग को लेकर शांति पूर्ण आंदोलन हो रहा था. जिस पर सीआईएसएफ ने जबरन लाठीचार्ज किया. बंदूक और लाठीचार्ज की नोंक पर खदान विस्तार नहीं होगा खदान विस्तार करना है तो समस्याओं का समाधान करना होगा.
किसान सभा ने कहा कि पूर्व में अधिग्रहित गांव के रोजगार, मुआवजा, बसावट के मामले पेंडिंग हैं. इसके बाद भी नया विस्तार तेजी से प्रशासन की मदद से किया जा रहा है. इसका किसान सभा विरोध करती है.
कुछ दिन पहले कटघोरा एसडीएम और गेवरा जीएम ने बल प्रयोग कर जबरन खदान विस्तार का प्रयास किया था. जिसका भारी विरोध हुआ था. एसईसीएल से प्रभावित सभी छोटे खातेदारों को एकजुट कर बड़ा आंदोलन किया जाएगा.
किसान सभा ने कहा एसईसीएल से प्रभावित होने वाले प्रत्येक छोटे-बड़े खातेदारों को स्थाई नौकरी, विस्थापित होने वाले ग्रामों के विस्थापितों को बसावट प्रदान किया जाए और प्रभावित सभी गांवों में बुनियादी पेयजल समस्या का तत्काल समाधान की मांग भी की है.
किसान सभा ने चेतावनी दी कि लंबित रोजगार प्रकरणों और छोटे खातेदारों को रोजगार, बसावट की समस्या का समाधान किये बिना खनन कार्य नए विस्तार क्षेत्र में करने का विरोध आगे भी किसान सभा करेगी.
किसान सभा ने कहा कि समस्याओं की ओर कई बार प्रबंधन और प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया गया है. लेकिन ग्रामीणों की इन समस्याओं के निराकरण के प्रति प्रबंधन गंभीर नहीं है.
लाठीचार्ज से मचे अफरातफरी के माहौल में कई लोगों को चोटें आईं. किसान सभा ने इस कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई और घायलों को मुआवजा देने की मांग की है.
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