आखिरकार नप गए छुरा BRC, गिरदावली कार्य को नजरअंदाज करना पड़ा भारी, संकुल समन्वयक हरीश कुमार देवांगन पदमुक्त, वापस भेजे गए स्कूल

Chura BRC finally caught up, ignoring the Girdawari work proved costly, cluster coordinator Harish Kumar Devangan was removed from his post and sent back to school.

आखिरकार नप गए छुरा BRC, गिरदावली कार्य को नजरअंदाज करना पड़ा भारी, संकुल समन्वयक हरीश कुमार देवांगन पदमुक्त, वापस भेजे गए स्कूल

गरियाबंद/छुरा : समग्र शिक्षा अभियान के क्रियान्वयन में शिथिलता बरतने और मिली कई शिकायतों के परिप्रेक्ष्य में जिला प्रशासन ने कार्रवाई करते हुये विकासखंड छुरा के संकुल समन्वयक (बी.आर.सी.) हरीश कुमार देवांगन को पद से मुक्त कर दिया है.
जारी आदेश के मुताबिक हरीश कुमार देवांगन को विकासखंड छुरा के विकासखंड स्रोत केंद्र समन्वयक पद से विमुक्त करते हुए उनकी मूल संस्था शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परसदा कला (विकासखंड फिंगेश्वर, जिला गरियाबंद) में पदस्थ किया गया है. जहां वे पहले व्याख्याता थे.
यह फैसला उन पर लगे आरोपों और उनकी वर्क-लाइफ बैलेंस वाली कार्यशैली को देखते हुए लिया गया है. जहाँ वे काम को कम और बाकी चीजों को ज्यादा तवज्जो दे रहे थे.
यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा. आदेश कलेक्टर एवं जिला मिशन संचालक, समग्र शिक्षा, गरियाबंद द्वारा 22 अक्टूबर 2025 को जारी किया गया.
गिरदावली कार्य शासन का एक महत्वपूर्ण काम है. जिसे BRC साहब को संकुल समन्वयकों के माध्यम से समय पर पूरा कराना था. लेकिन लगता है देवांगन साहब के लिए यह काम उनकी प्राथमिकता सूची में कहीं था ही नहीं. ​सूत्रों की मानें तो साहब ने इस काम में इतनी गहरी दिलचस्पी दिखाई कि काम समय पर पूरा ही नहीं हुआ. आलम यह था कि BRC की लापरवाही का खामियाजा बेचारे संकुल समन्वयकों को भुगतना पड़ सकता था और उन पर कार्रवाई की तलवार लटक रही थी. मतलब करे कोई और भरे कोई वाली स्थिति लगभग आ ही गई थी.
​BRC हरीश देवांगन की कार्यशैली इतनी निराली थी कि उनके अधीन काम करने वाले संकुल समन्वयक ही त्राहिमाम कर उठे. एक-दो नहीं, बल्कि शिकायतों का पूरा पुलिंदा ऊपरी दफ्तर पहुँच गया. समन्वयकों ने आरोप लगाया कि समग्र शिक्षा के कार्यों में साहब की शिथिलता देखने लायक थी. जब पानी सिर से ऊपर चला गया तो इन कई शिकायतों और आरोपों की जांच के लिए एक समिति का गठन किया गया. समिति ने शायद पाया कि ‘साहब’ वाकई BRC पद की गरिमा के साथ न्याय नहीं कर पा रहे हैं.
​जांच और शिकायतों को सही पाते हुए. विभाग ने BRC हरीश कुमार देवांगन को पद से विमुक्त करने का फरमान जारी कर दिया. उन्हें तत्काल प्रभाव से BRC के सिंहासन से उतारकर वापस उनके ‘गुरुकुल’ (स्कूल) भेज दिया गया. उम्मीद है कि अब छुरा BRC कार्यालय में काम की रुकी हुई फाइलें चल पड़ेंगी और गिरदावली का अटका हुआ काम भी जल्द पूरा हो जाएगा.
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