प्रदेश में खाद की कमी और कालाबाजारी जोरों पर –हाफिज खान, किसान खाद की कमी और ओवर रेट के चलते शोषण के शिकार हो रहे -मनोज सोनवानी

Fertilizer shortage and black marketing is in full swing in the state- Hafiz Khan, farmers are becoming victims of exploitation due to fertilizer shortage and over-pricing- Manoj Sonwani

प्रदेश में खाद की कमी और कालाबाजारी जोरों पर –हाफिज खान, किसान खाद की कमी और ओवर रेट के चलते शोषण के शिकार हो रहे -मनोज सोनवानी

गरियाबंद : खाद की किल्लत और कीमतों में हेराफेरी को भाजपा सरकार की दुर्भावना और किसान विरोधी षडयंत्र करार देते हुए ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष हाफिज खान और युवा कांग्रेस नेता मनोज सोनवानी ने कहा कि सहकारी सोसाइटियों में खाद नहीं है. किसान खाली हाथ निराश होकर लौट रहे हैं. खाद के अभाव में फसल की वृद्धि रुक गई है. निजी खाद दुकानों में 266 का यूरिया 1200 तक में बिक रहा है. 1350 के डीएपी के लिए 2000 रुपए प्रति बोरी चुकाना पड़ रहा है. किसान कर्ज लेकर ब्लैक में खाद खरीदने मजबूर हैं. पूरे प्रदेश में खाद की कमी और कालाबाजारी जोरों पर है.
ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष हाफिज खान ने कहा कि खरीफ सीजन शुरु होने से 3 महीना पहले ही छत्तीसगढ़ के किसानों ने अपनी डिमांड से सरकार को अवगत करा दिया था. 48 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि में छत्तीसगढ़ में खरीद की फसल बोई गई है. जिसके लिए 24 लाख टन उर्वरक की जरुरत है. डबल इंजन सरकार का दावा करने वाले भाजपा समय पर न रैक उपलब्ध करा पाई. ना सोसाइटी में भंडारण.. केंद्र की मोदी सरकार ने इस साल छत्तीसगढ़ को सिर्फ 17 लाख टन खाद का आवंटन किया है. उसमें भी डीएपी की उपलब्धता में भारी कटौती की गई. अगर एक बोरी डीएपी की जगह तीन बोरी एसएसपी और एक बोरी यूरिया देना है तो अतिरिक्त 2 लाख टन यूरिया और 6 लाख टन एसएसपी दिया जाना चाहिए था. लेकिन यह सरकार सिर्फ साढे तीन लाख टन एसएसपी का इंतजाम कर पाई है. प्रदेश में किसानों को करीब 5 लाख टन यूरिया और 2 लाख टन डीएपी की तत्काल जरुरत है. जब केंद्र से प्रदेश को कम मात्रा में खाद उपलब्ध कराया गया है,.तो ऐसी परिस्थिति में जितना भी खाद उपलब्ध हुआ. इसका भंडारण पहले सोसाइटियों के डिमांड के अनुरुप प्राथमिकता से सहकारी सोसाइटियों में करना चाहिए था. लेकिन कमीशनखोरी की लालच में इस सरकार ने निजी दुकानदारों को ज्यादा खाद उपलब्ध कराया है. सत्ता के संरक्षण में बिचौलिए और कालाबाजारी करने वाले, किसानों को लूट रहे हैं.
युवा कांग्रेस नेता मनोज सोनवानी ने कहा है कि खाद के वितरण में सरकार का नियंत्रण कहीं दिख नहीं रहा है. जिसकी वजह से है किसान खाद की कमी और ओवर रेट के चलते शोषण के शिकार हो रहे हैं. भाजपा सरकार में किसानों की हालत लगातार दयनीय हो रही है. भाजपा के कुशासन में किसान आत्महत्या के मामले में छत्तीसगढ़ शीर्ष राज्यों में शामिल हो रहा है. अब इस तरह से उर्वरक संकट से उत्पादन को लेकर किसान चिंतित हैं. लेकिन सरकार का चरित्र शुतुरमुर्ग की तरह है.
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