हत्या के आरोप में बेकसूर गया जेल, 3 माह बाद खुलासा, पत्नी ने पति को बेटियों संग पेट्रोल डाल जंगल में जलाया शव, नाबालिग पड़ोसी समेत चार गिरफ्तार
An innocent man was jailed for murder, and the case was solved three months later. The wife and her daughters doused her husband with petrol and burned his body in the forest. Four people, including a minor neighbor, were arrested.
जशपुर : छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के गृह जिला जशपुर के तुरीटोंगरी में चार माह पहले मिली अधजली लाश की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है. शादी के 17 साल बाद पति के शराब पीने की आदत से परेशान पत्नी ने उसकी हत्या कर दी थी. फिर शव की पहचान छुपाने के लिए पेट्रोल डालकर आग लगा दिया. इस पूरे घटना में तीन नाबालिगों ने भी साथ दिया था. मामले में पुलिस ने महिला को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. आरोपियों में 50 साल की महिला, 17 साल की बालिका और 15 साल का बालक और 15 साल की बालिका भी शामिल है. यह मामला सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र का है.
18 अक्टूबर 2025 की रात पति राम भगत उम्र 49 साल नशे में पत्नी को कुल्हाड़ी लेकर मारने पहुंचा था. जहां पत्नी ने कुल्हाड़ी छिनकर उसे ही मार डाला. अधमरे हालत में आरोपी सुमित्रा भगत उम्र 50 साल ने पति के सीने में बैठकर तब तक गला दबाया जब तक उसकी जान नहीं निकल गई. ये पूरी वारदात घर में मौजूद 2 नाबालिग बेटियों के सामने हुई.
मर्डर के बाद मां-बेटियों ने पड़ोस के एक लड़के की मदद से लाश को ठिकाने लगाया। पत्नी और पड़ोसी लड़के ने कंधे पर लाश रखी और घर से 1 किलोमीटर दूर नाले के लिए बने गड्ढे में डाल दिया। जहां डेडबॉडी पर 2 लीटर पेट्रोल डालकर जला दिया गया. पुलिस को अगले दिन ही जली लाश मिल गई थी. लेकिन मामले का खुलासा होते-होते 3 महीने लग गए.
मिली जानकारी के मुताबिक 18 अक्टूबर 2025 को सिटी कोतवाली जशपुर पुलिस को खबर मिली कि ग्राम पुरना नगर के तुरीटोंगरी जंगल में एक अधजला शव पड़ा है. पुलिस मौके पर पहुंची तो शव गड्ढे में जला हुआ मिला। चेहरा समेत शरीर का ज्यादातर हिस्सा जल चुका था. पंचनामा के बाद शव का पोस्टमॉर्टम कराया गया। रिपोर्ट में मामला हत्या से जुड़ा होने के बाद बीएनएस की धारा 103(1) और 238(क) के तहत केस दर्ज किया गया.
शव अज्ञात था और शरीर आधे से ज्यादा जला हुआ था. इसलिए पहचान करना मुश्किल हो गया था. पुलिस ने शव की फोटो आसपास के थाना-चौकियों में भेजी और मुखबिर तंत्र की मदद से जांच आगे बढ़ाई गई.
गलत पहचान कर पुलिस ने निर्दोष को जेल भेजा
जांच के बाद पुलिस ने जिले के एक गुमशुदा युवक का शव बताकर इस केस को बंद कर दिया था. मर्डर के आरोप में 3 दोस्तों को जेल भी भेज दिया था. लेकिन जिस युवक को पुलिस ने मरा बताया वह 1 महीने बाद लौट आया. थाने पहुंचकर उसने पुलिस को बताया कि वह जिंदा है. जिसके बाद पुराने केस की जांच फिर शुरु हुई.
1 महीने बाद परिजनों को हुआ शक
दिसंबर 2025 तक पत्नी सुमित्रा भगत ने पति के गायब होने की कोई तलाश नहीं की तो घर वालों को शक हुआ। मृतक महावीर राम भगत के भाई ने थाने पहुंचकर शक जताया. उसने बताया कि महावीर राम भगत दिवाली के समय से लापता था. परिजनों के कहने पर पत्नी ने थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी.
पति-पत्नी के रिश्ते थे तनावपूर्ण
जांच में सामने आया कि महावीर राम भगत और पत्नी सुमित्रा भगत की शादी को 17 साल हो गए थे. उनके बीच अक्सर विवाद और मारपीट होती थी. इसी वजह से पत्नी अपने बच्चों के साथ जशपुर में अलग रह रही थी। जांच में यह भी पता चला कि 18 अक्टूबर 2025 को महावीर राम भगत आखिरी बार पत्नी के घर आया था.
DNA टेस्ट से हुआ खुलासा
पुलिस ने तुरीटोंगरी में मिले शव के सैंपल और महावीर राम भगत के बच्चों के सैंपल लेकर डीएनए जांच कराई. रिपोर्ट में सैंपल मैच होने के बाद यह साफ़ हो गया कि अधजली लाश महावीर राम भगत की ही थी.
पुलिस को यह भी पता चला कि हत्या के बाद पहचान मिटाने के लिए पेट्रोल डालकर शव जलाया गया. शक गहराने पर पुलिस ने सुमित्रा को हिरासत में लिया. पूछताछ के दौरान पहले उसने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की. लेकिन सख्ती से पूछताछ में उसने हत्या करना स्वीकार कर लिया.
आरोपिया ने कबूला जुर्म, बताया पूरा घटनाक्रम
पत्नी सुमित्रा भगत ने बताया कि उसका पति शराब पीकर मारपीट करता था और जान से मारने धमकी देता था. 18 अक्टूबर को सुबह करीब 8 बजे पति स्कूटी से उसके घर पहुंचा था. उसके हाथ में कुल्हाड़ी था। लगा कि मारने आया है.
इसी दौरान विवाद हुआ और आवेश में आकर पत्नी ने कुल्हाड़ी छीनकर पति के सिर और चेहरे पर वार कर दिया. पति जमीन पर गिर गया। इसके बाद उसने गला दबाकर मार डाला.
घटना के समय घर में दो नाबालिग बेटियां मौजूद थीं. उन्होंने हत्या होते देखा. बाद में शव को कमरे में चादर से ढंककर रखा गया. रात में शव को ठिकाने लगाने की योजना बनाई गई. आरोपी ने पड़ोस में रहने वाले 15 साल नाबालिग लड़के की मदद ली। पड़ोसी पेट्रोल खरीद कर लाया.
रात करीब 10 से 11 बजे के बीच आरोपी, दो नाबालिग बेटियां और पड़ोसी नाबालिग लड़का शव को लकड़ी के बल्ली से बांधकर तूरीटोंगरी जंगल तक ले गए. पहचान मिटाने के लिए प्लास्टिक की जरकिन में पेट्रोल ले जाकर शव पर डालकर आग लगा दी
पुलिस ने जब्त किए अहम सबूत
आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल कुल्हाड़ी, पेट्रोल ले जाने वाली जरकिन और टॉर्च जब्त कर लिया है. मुख्य आरोपी सुमित्रा भगत को मंगलवार (10 फरवरी) को कोर्ट में पेश किया गया. जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है. जबकि तीनों नाबालिगों को बाल संप्रेषण गृह भेजा गया है.
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/LNzck3m4z7w0Qys8cbPFkB



