गड्ढे में गिरे चार बच्चे, एक मासूम की दर्दनाक मौत, नगर निगम की लापरवाही के खिलाफ विकास उपाध्याय का आम नागरिकों के साथ धरना प्रदर्शन
Four children fell into a pit, one innocent died a painful death, Vikas Upadhyay staged a sit-in protest with common citizens against the negligence of the Municipal Corporation
रायपुर : रायपुर शहर में नगर निगम और जिला प्रशासन की लापरवाही एक बार फिर सामने आई है. रायपुर नगर निगम द्वारा कई इलाकों में अधूरे कार्यों के चलते खोदे गए गड्ढों में मंगलवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया. रामनगर स्थित गुलमोहर पार्क गेट के सामने चार मासूम बच्चे गड्ढे में गिर गए. जिनमें से एक बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई. जबकि तीन को स्थानीय लोगों की मदद से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया.
इस हादसे के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश फैल गया. स्थानीय लोगों ने नगर निगम के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया. गुस्साए नागरिकों ने निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि बिना किसी सुरक्षा इंतजाम के खुले गड्ढे छोड़ देना एक गंभीर लापरवाही है. जिसकी कीमत मासूम को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी.
प्रदर्शन में कांग्रेस के पूर्व विधायक विकास उपाध्याय भी शामिल हुए. उन्होंने प्रशासन और निगम को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि अगर दोषियों पर तत्काल कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और उग्र रुप लेगा. उन्होंने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की और निगम अधिकारियों पर गैरजिम्मेदाराना रवैये का आरोप लगाया.
विकास उपाध्याय ने कहा कि मासूम बच्चे के परिवार को बतौर मुआवजा 20 लाख रुपये और जिस बच्चे का इलाज हो रहा है उसका उचित इलाज और 10 लाख रुपये मुआवजा दिया जाए.दोषी अधिकारियों पर तत्काल कार्यवाही की जाये और समस्या का त्वरित निदान किया जाए.
पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने कहा कि जब से छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनी है, तब से आए दिन आपराधिक मामलों में वृद्धि, दुर्घटनाओं में वृद्धि, महिलाओं के साथ अत्याचार-दुर्व्यव्हार और उन्हें एवं बच्चों को असुरक्षित रखना जैसे बीजेपी शासन की आदत हो गई है.
उपाध्याय ने कहा कि जब से भारतीय जनता पार्टी की सरकार छत्तीसगढ़ में बनी है बीजेपी शासन धृतराष्ट्र बना हुआ है. महाभारत में जिस तरह धृतराष्ट्र को दुर्योधन की करतूत दिखाई नहीं दे रही थी. वह लगातार एक के बाद एक अनुचित कार्य करता रहा. ठीक वैसे ही छत्तीसगढ़ में बीजेपी सरकार को सत्ता और कुर्सी से इतना मोह है कि उन्हें नीतिसंगत क्या काम करने हैं समझ में नहीं आ रहा है.
उपाध्याय ने कहा कि यह घटना न केवल प्रशासनिक उदासीनता का परिचायक है. बल्कि जन सुरक्षा के प्रति शासन की संवेदनहीनता को उजागर करती है.
बता दें कि पिछले कई महीनो से काम बंद होने की वजह से इस पर गंदा पानी भर गया है. जिसकी शिकायत आम लोग करते रहे हैं. लेकिन नगर निगम उसकी सुनवाई नहीं कर रहा था. इस हृदयविदारक घटना और इस मामले में सरकारी लीपापोती के विरोध में रामनगर गुलमोहर पार्क के मुख्य गेट के सामने वार्ड के आम नागरिकों महिलाओं बहनों के द्वारा शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया जा रहा है. यह प्रदर्शन पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने, दोषी अधिकारियों पर कार्यवाही की मांग और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने ओर इस सोई हुई असंवेदनशील सरकार से पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिलाने के लिए रायपुर पश्चिम के पूर्व विधायक विकास उपाध्याय क्षेत्र के आम लोगों के साथ रामनगर गुलमोहर पार्क के सामने बीच सड़क पर धरने पर बैठे.
आज आमजनों के साथ समस्त कांग्रेस कार्यकर्ता एवं जनप्रतिनिधि काफी संख्या में उपस्थित हुए जन आंदोलन का हिस्सा बनें और न्याय की इस लड़ाई को मजबूती प्रदान की.
विकास उपाध्याय के नेतृत्व में पिछले 4:30 घंटे से तपती धूप में चले आंदोलन को नगर निगम के निगम उपयुक्त, जोन कमिश्नर के द्वारा सात दिन के भीतर कई मांगों को पूरा करने की लिखित में जवाब देने के बाद धरना प्रदर्शन आंदोलन को खत्म किया गया.
इस मामले में प्रशासन की तरफ से अभी तक कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं आई है. स्थानीय लोगों ने मांग किया है कि गड्ढों को फौरन भरा जाए और भविष्य में इस तरह की लापरवाही न हो., इसके लिए सख्त कदम उठाए जाएं.
यह हादसा एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि क्या हमारे शहर की सुरक्षा व्यवस्था बच्चों के लिए भी सुरक्षित नहीं रही? अब देखना होगा कि प्रशासन इस दर्दनाक घटना के बाद क्या ठोस कदम उठाता है.
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