प्रधान आरक्षक को गोली मारकर उतारा मौत के घाट, पुलिस ने किया मामले का खुलासा, आरोपी सहकर्मी गिरफ्तार होकर पहुंचा जेल

Head constable shot dead, police solved the case, accused colleague arrested and sent to jail

प्रधान आरक्षक को गोली मारकर उतारा मौत के घाट, पुलिस ने किया मामले का खुलासा, आरोपी सहकर्मी गिरफ्तार होकर पहुंचा जेल

रायगढ़ : रायगढ़ जिले में बुधवार तड़के रेलवे सुरक्षा बल पोस्ट के भीतर हुए दर्दनाक घटनाक्रम ने पूरे विभाग को स्तब्ध कर दिया. सुबह करीब 4 बजे आरपीएफ के प्रधान आरक्षक कुमार सिंह लदेर ने अपने ही सहकर्मी प्रधान आरक्षक प्रेम किशोर मिश्रा को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया. वारदात इतनी अचानक और भयावह थी कि मौके पर ही मिश्रा की मौत हो गई. वारदात की खबर मिलते ही पुलिस और आरपीएफ के उच्च अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरु की.
वारदात के बारे में जब अन्य आरपीएफ कर्मचारियों ने उच्च अधिकारियों को जानकारी दी तब जिला पुलिस एएसपी रायगढ़ आकाश मरकाम फौरन घटनास्थल पहुंचे. जिसके बाद आरपीएफ आईजी मुनव्वर खुर्शीद, एसी हसन, जीआरपी डीएसपी एस.एन. अख्तर भी पोस्ट पहुंचे. मौके पर एफएसएल अधिकारी पी.एस. भगत ने घटनास्थल की बारीकी से जांच करते हुए बताया कि मृतक के सिर में तीन गोलियां दागी गई थीं. जबकि चौथी गोली उसकी बाईं आंख को छूकर निकली.
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि पहली तीन गोलियां सीसीटीवी कक्ष के बाहर से चलाई गई. जबकि चौथी गोली आरोपी ने कमरे का गेट खोलकर मारी.
वारदात की रात पी.के. मिश्रा की रात्रि गश्त थी और सुबह ड्यूटी से लौटकर वे सीसीटीवी कक्ष में आराम कर रहे थे. आरोपी लदेर की ड्यूटी मालखाना देखरेख में थी. जिसके चलते वह मालखाने का ताला आसानी से खोल सका और हथियार निकालकर वारदात को अंजाम दिया. मृतक और आरोपी दोनों 2001 बैच के कर्मचारी थे. जबकि आरोपी के खिलाफ पहले भी गंभीर मामला दर्ज हो चुका है. 2019 में उसने बिलासपुर आरपीएफ पोस्ट में अपने तत्कालीन ओसी पर तलवार से हमला करने की कोशिश की थी. जिसके बाद उसे सजा भी हुई थी. लेकिन बाद में सहानुभूति के आधार पर वापस सेवा में लिया गया था.
आरपीएफ कर्मियों ने बताया कि आरोपी कम सोता था. बीपी की दवाएं लेता था और अक्सर कॉपी में कानूनी धाराएं और धार्मिक विषयों से जुड़ी बातें लिखता रहता था. वह सहकर्मियों से बहुत कम बातचीत करता था. वारदात के बाद दोपहर 3 बजे मृतक का शव मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजकर पोस्टमार्टम कराया गया. 
रोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जा चुका है. मृतक प्रेम किशोर मिश्रा रायगढ़ रेलवे कॉलोनी में रहते थे. और मूलतः रीवा मध्यप्रदेश के निवासी थे. वहीं आरोपी कुमार सिंह लदेर का मूल निवास केरारोड, जांजगीर है. इस हृदयविदारक घटना से आरपीएफ विभाग में शोक और आक्रोश दोनों का माहौल है.
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