डीजल खरीदी पर उद्योगपतियों को मिलेगी छूट, चावल निर्यातकों के मंडी शुल्क में की गई कमी, बस्तर जिले को मिली 356 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात

Industrialists will get discount on diesel purchase, market fee of rice exporters reduced, Bastar district gets the gift of development works worth Rs 356 crore

डीजल खरीदी पर उद्योगपतियों को मिलेगी छूट, चावल निर्यातकों के मंडी शुल्क में की गई कमी, बस्तर जिले को मिली 356 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात

डीजल खरीदी पर उद्योगपतियों को मिलेगी छूट

रायपुर : राज्य सरकार ने छह फीसदी वैट डीजल पर घटा दिया है. हालांकि ये फैसला राज्य सरकार ने उद्योगपतियों के लिए लिया है. राज्य सरकार अभी उद्योगपतियों से डीजल की बल्क खरीदी पर 23 फीसदी वैट और एक रुपया एक्स्ट्रा चार्ज करती थी. इसकी वजह से उद्योगपति छत्तीसगढ़ से डीजल की खरीदी नहीं करते थे. जाहिर है इससे राजस्व का बड़ा नुकसान हो रहा था.
फैसले के मुताबिक राज्य सरकार ने उद्योगपतियों को डीजल की बल्क में खरीदी पर 6 फीसदी छूट मिलेगी. अब इंडस्ट्री संचालकों को 17 फीसदी वैट ही देना होगा. वहीं 1 रुपया एक्स्ट्रा चार्ज भी राज्य सरकार ने खत्म कर दिया है. इससे उद्योगपतियों को बहुत फायदा होगा.
राज्य में वैट की दर काफी ज्यादा थी. छत्तीसगढ़ के 23 फीसदी वैट और एक रुपया एक्स्ट्रा की तुलना में यूपी में 17 डीजल की बल्क खरीदी पर 17 फीसदी ही वैट लगता था. वहीं गुजरात में 14 फीसदी वैट की दर तय थी. ऐसे में उद्योगपति डीजल की खरीदी छत्तीसगढ़ के बजाय यूपी और गुजरात से ही किया करते थे. एक अनुमान के मुताबिक इससे राज्य सरकार को करीब 300 से 350 करोड़ के राजस्व का नुकसान होता था. राज्य सरकार को उम्मीद है कि वैट घटाने के फैसले के बाद राज्य को राजस्व का फायदा होने लगेगा.
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राज्य के चावल निर्यातकों को मिलेगी मंडी शुल्क में छूट

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार छत्तीसगढ़ सरकार ने चावल निर्यातकों को मण्डी शुल्क और कृषक कल्याण शुल्क से पूर्णतः छूट देने का फैसला लिया है. यह छूट उन निर्यातकों को मिलेगी जो राज्य के  राइस मिलर्स और मंडियों के जरिए खरीदे गए धान से तैयार गैर-बासमती चावल का निर्यात करेंगे.
छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा मंडी शुल्क और किसान कल्याण में छूट दिए जाने की अधिसूचना को राजपत्र में प्रकाशन के लिए जारी कर दिया गया. यह छूट अधिसूचना प्रकाशन के दिनांक से लेकर एक साल तक के लिए होगी. उक्त दोनों शुल्कों में छूट के लिए चावल निर्यातकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके शिपिंग बिल में चावल के कार्गाे का मूल स्थान छत्तीसगढ़ लिखा हो.
इसके अलावा छत्तीसगढ़ का वस्तु एवं सेवा कर विवरण, लदान बिल, और बैंक री-कॉसिलेशन स्टेटमेंट की प्रति संबंधित मंडी में पेश करनी होगी. राज्य के पंजीकृत चावल निर्यातकों और राइस मिलर्स को एक घोषणा पत्र देना होगा. जिसमें यह साफ दर्शाया गया हो कि चावल छत्तीसगढ़ से खरीदे गए धान से तैयार किया गया है. राइस मिलर्स को मंडी अधिनियम के तहत चावल निर्यातकों को परमिट जारी करना होगा.
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25 जनवरी तक के लिए ऑनलाईन और ऑफलाईन टोकन उपलब्ध

रायपुर : राज्य में  धान खरीदी के एवज में 18.12 लाख किसानों को बैंक लिकिंग व्यवस्था के तहत 20 हजार 35 करोड़ रूपए का भुगतान किया गया है. धान खरीदी का यह अभियान 31 जनवरी 2025 तक चलेगा.
प्रदेश के सभी पंजीकृत कृषकों को खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में धान बेचने के लिए टोकन की सुविधा ऑनलाईन एप्प (टोकन तुंहर हांथ) एवं उपार्जन केन्द्रों में 25 जनवरी 2025 तक के लिए उपलब्ध कराया गया है. किसान सुविधा अनुसार तिथि का चयन कर नियमानुसार धान बेच सकते हैं.
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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने संत पवन दीवान और चंदूलाल चंद्राकर की जयंती पर दी श्रद्धांजलि

रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 1 जनवरी को प्रसिद्ध पत्रकार और राजनेता चंदूलाल चंद्राकर की जयंती पर उन्हें नमन किया. कहा कि चंद्राकर जी ने निर्भीक पत्रकारिता के माध्यम से समाज के ज्वलंत मुद्दों को उठाया और अपनी लेखनी से जनहित के काम किया.
उन्होंने कई अहम विभागों में मंत्री का कार्यभार संभालते हुए देशसेवा में अहम योगदान दिया. “श्री चंदूलाल चंद्राकर की निष्पक्ष और मूल्यों पर आधारित पत्रकारिता हमेशा नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्त्रोत बनी रहेगी.”
छत्तीसगढ़ के लोकप्रिय कवि और कथावाचक संत पवन दीवान की जयंती पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने उन्हें श्रद्धांजलि दी. उन्होंने कहा “संत पवन दीवान ने छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण आंदोलन में अपनी अहम भूमिका निभाई. उनकी वाणी में माटी की सोंधी महक थी, जो आम जनता से सीधे जुड़ जाती थी.”
मुख्यमंत्री ने कहा कि संत दीवान की स्मृतियां हमेशा छत्तीसगढ़ के जनमानस में जीवित रहेंगी.
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बस्तर जिले को मिली 356 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात

रायपुर : बस्तर की मूल पहचान उसके सुंदर प्राकृतिक परिवेश, समृद्ध जनजातीय संस्कृति और शांत वातावरण से रही है। हमने एक साल में बस्तर की मूल पहचान वापस देने का महती कार्य किया है।आज बस्तर की प्रशंसा केवल भारत ही नहीं, पूरी दुनिया में हो रही है। संयुक्त राष्ट्र पर्यटन संगठन ने ग्राम धुड़मारास को विश्व के 20 सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांवों में सम्मिलित किया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज जगदलपुर के पीजी कॉलेज हॉस्टल मैदान में आयोजित विकास कार्यो के लोकार्पण-शिलान्यास कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने इस मौके पर 356 करोड़ 44 लाख रूपए लागत के 288 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन और विभिन्न योजनाओं के तहत हितग्राहियों को एक करोड़ 55 लाख रूपए से अधिक की राशि का चेक और सामग्री का वितरण किया।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर अंचल की तरक्की और उन्नति के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। बस्तर अंचल की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए सभी बुनियादी सुविधाएं और संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। बस्तर में हम विश्वास के साथ विकास करना चाहते हैं, जिसमें हमें सफलता मिल रही है। छत्तीसगढ़ की जनता से मोदी की गारंटी के रूप में हमने जो वादा किया था वह हर वादा हम निभा रहे हैं। सरकार बनने के एक साल के भीतर ही मोदी की गारंटी में से अधिकांश को हमने पूरा किया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर के संवेदनशील इलाके के लोगों को आवास उपलब्ध कराने के लिए हमारी सरकार द्वारा केंद्र सरकार से किए गए अनुरोध पर इन क्षेत्रों के लिए पृथक से 15 हजार प्रधानमंत्री आवास भी स्वीकृति दी गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने 18 लाख पीएम आवास स्वीकृति की गारंटी दी थी उसे पूरा करते हुए हमारी सरकार की शपथ के दूसरे ही दिन हमने आवासहीन हितग्राहियों को आवास की स्वीकृति दी। स्वीकृत पीएम आवास अब बनते जा रहे हैं और लाभान्वित परिवारों का गृह प्रवेश भी हो रहा है। उन्होंने कहा कि 07 जनवरी को देश के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान छत्तीसगढ़ आ रहे हैं, इस दिन भी प्रदेश में आवासहीन हितग्राहियों को लाभान्वित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हमने नक्सल प्रभावित और पिछड़े क्षेत्रों के विकास के लिए नियद नेल्ला नार योजना की शुरुआत की, जिसमें सुरक्षा कैम्पों के 5 किलोमीटर की परिधि में स्थित गांवों में सरकार की 17 विभागों के 53 कल्याणकारी योजनाओं और 28 सामुदायिक सुविधाओं के तहत मूलभूत सुविधाओं का विकास तेजी से सुनिश्चित कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने राष्ट्रीय शिक्षा नीति भी लागू कर दी है, आज प्रदेश के स्कूलों में 18 स्थानीय भाषा में पढ़ाई हो रही है। बस्तर में बच्चे हल्बी एवं गोंडी बोली में पढ़ाई कर रहे हैं। डॉक्टर बनने की इच्छा रखने वाले हमारे युवाओं की हित में हमने एमबीबीएस की पढ़ाई हिन्दी माध्यम में करवाने का निर्णय लिया है। पीएम श्री स्कूल योजना में 341 स्कूलों में आधुनिक शिक्षा के अनुकूल व्यवस्था कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि शहर और गांवों का विकास अनवरत हो रहा है। पूरे प्रदेश में एक साल के अन्दर शहरी क्षेत्र के विकास के लिए 07 हजार करोड़ रूपए जारी किया जा चुका है।
नगर पंचायत बस्तर में पेयजल आपूर्ति हेतु 50 करोड़ रूपए की घोषणा
उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए नगर पंचायत बस्तर में अमृत मिशन योजनांतर्गत घर-घर शुद्ध पेयजल पहुँचाने के लिए 50 करोड़ रूपए देने की घोषणा की। वन एवं सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि केंद्र में प्रधानमंत्री मोदी और प्रदेश में मुख्यमंत्री साय की डबल इंजन की सरकार है, जिससे विकास की गति तेज हुई है। कार्यक्रम को राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, जगदलपुर विधायक किरण सिंह देव और बस्तर सांसद महेश कश्यप ने भी सम्बोधित किया। इस अवसर पर लोकसभा क्षेत्र कांकेर भोजराज नाग, विधायक द्वय विनायक गोयल एवं चैतराम अटामी सहित क्षेत्र के अन्य जनप्रतिनिधी और गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन मौजूद थे.
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