चुनावी कार्य में लापरवाही, सहायक शिक्षक सस्पेंड, धान खरीदी में गड़बड़ी, डाटा एंट्री ऑपरेटर निलंबित, 2 CMO, दो सब इंजीनियर और कैशियर को सजा

Negligence in Election Duty: Assistant Teacher Suspended; Irregularities in Paddy Procurement: Data Entry Operator Suspended, 2 CMOs, Two Sub-Engineers and Cashier Punished

चुनावी कार्य में लापरवाही, सहायक शिक्षक सस्पेंड, धान खरीदी में गड़बड़ी, डाटा एंट्री ऑपरेटर निलंबित, 2 CMO, दो सब इंजीनियर और कैशियर को सजा

चुनावी कार्य में लापरवाही, सहायक शिक्षक सस्पेंड

जगदलपुर : छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में चुनावी प्रक्रिया में लापरवाही बरतने पर सहायक शिक्षक विवेक राणा को सस्पेंड कर दिया गया. विवेक राणा बकावंड विकासखंड की प्राथमिक शालाओं बड़ेपारा और छोटेदेवड़ा में पदस्थ थे और उन्हें भारत निर्वाचन आयोग द्वारा विशेष गहन पुनरीक्षण 2026 के तहत अहम जिम्मेदारी दी गई थी. अनुविभागीय अधिकारी राजस्व एवं निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी बकावंड के निर्देशन में सहायक शिक्षक विवेक राणा को मतदान केंद्र क्रमांक 198 के अंतर्गत नो-मैपिंग मतदाताओं को नोटिस तामील कराने का कार्य सौंपा गया था.
जांच में पाया गया कि नोटिस मिलने के बाद भी विवेक राणा ने इसे संबंधित मतदाताओं तक नहीं पहुंचाया। इस लापरवाही को शासकीय कर्तव्य के प्रति गंभीर उदासीनता और घोर लापरवाही माना गया. इस कार्य में ढिलाई बरतने के कारण जिला शिक्षा अधिकारी बस्तर बीआर बघेल ने तत्काल प्रभाव से विवेक राणा को सस्पेंड करने का आदेश जारी किया.
विवेक राणा का यह कृत्य सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम-3 के उपनियमों का स्पष्ट उल्लंघन है. प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने के बाद उनके निलंबन का आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है. निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय कार्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी लोहण्डीगुड़ा निर्धारित किया गया है. इस अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्राप्त करने की पात्रता रहेगी.
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धान खरीदी में गड़बड़ी, डाटा एंट्री ऑपरेटर सस्पेंड

रायगढ़ : रायगढ़ जिले के धान उपार्जन केंद्र तमनार में धान खरीदी के दौरान गंभीर अनियमितता का मामला सामने आया है. शुरुआती जांच में ही फर्जी प्रविष्टि कर ज्यादा मात्रा में धान खरीदी दर्शाए जाने का खुलासा हुआ. जिसके बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है. यह मामला छत्तीसगढ़ शासन द्वारा धान खरीदी के लिए निर्धारित नियमों और पारदर्शी व्यवस्था पर सीधा सवाल खड़ा करता है.
19 जनवरी 2026 को कृषक चन्द्रमणी पिता हरीशचंद्र, निवासी झिंकाबहाल, धान बेचने के लिए उपार्जन केंद्र पहुंचे थे. जांच के दौरान 85 बोरी धान अमानक पाए जाने पर उन्हें अलग कर दिया गया. जबकि बाकी धान को मानक प्रक्रिया के मुताबिक ढालकर नमी मापी गई. बोरे में भरकर वजन कराया गया. इस प्रक्रिया में कुल 383 बोरी धान का वजन सही और खरीदी लायक पाया गया.
जब समिति द्वारा संधारित रजिस्टर और कंप्यूटर प्रविष्टियों की जांच की गई. तो जांच में पाया गया कि समिति के कंप्यूटर ऑपरेटर द्वारा कृषक के नाम पर कुल 662 बोरी धान (264.80 क्विंटल) की खरीदी दर्ज कर दी गई. जबकि असल से सिर्फ 383 बोरी धान ही खरीदी लायक थी. इस तरह 279 बोरी धान, जिसका वजन करीब 111.6 क्विंटल बताया गया की फर्जी खरीदी दर्ज होना स्पष्ट हुआ. यह कृत्य छत्तीसगढ़ शासन के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा जारी धान खरीदी संबंधी निर्देशों का गंभीर उल्लंघन है.
कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के निर्देश पर आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित तमनार (पंजीयन क्रमांक 241) के डाटा एंट्री ऑपरेटर अमित साव को धान खरीदी कार्य में गंभीर अनियमितता, लापरवाही एवं उदासीनता बरतने के कारण तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया. वहीं, धान खरीदी केंद्र तमनार के फड़ प्रभारी हरेराम सिदार को भी कर्तव्यों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही पाए जाने पर धान खरीदी कार्य से तत्काल अलग कर दिया गया.
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2 CMO, दो सब इंजीनियर और कैशियर  सस्पेंड

बिलासपुर : बिलासपुर जिले के नगर पंचायत मल्हार में पदस्थ रहे दो सीएमओ,दो सब इंजीनियर और एक कैशियर को निलंबित कर दिया गया. ठोस अपशिष्ट प्रबंधन ठेके में गड़बड़ी कर तीन अपात्र फर्मों को पात्र करने पर मंत्रालय नगरी प्रशासन एवं विकास विभाग से यह कार्यवाही की गई.
बिलासपुर जिले के नगर पंचायत मल्हार में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए 2 नग मिनी टिप्पर खरीदी के मामले में गड़बड़ी करने पर छत्तीसगढ़ शासन, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड करने की कार्यवाही की गई है.
यह कार्रवाई 15वें वित्त आयोग मद (टाइड फंड) के तहत किए गए ठेके में फर्मों की पात्रता जांच में गड़बड़ी मिलने के बाद की गई. 6 नवंबर 2024 को निविदा के जरिए आमंत्रित फर्मों की प्रारंभिक जांच में तीन अपात्र फर्मों को पात्र और तीन पात्र फर्मों को अपात्र कर दिया गया. निलंबित अधिकारियों में तात्कालीन मुख्य नगर पालिका अधिकारी किरण पटेल ( वर्तमान में नगर पंचायत गुंडरदेही), प्रभारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी मल्हार मनीष ठाकुर, उप अभियंता के. एन. उपाध्याय, उप अभियंता जोयस तिग्गा ( वर्तमान में नगर पालिका अकलतरा) और तत्कालीन कैशियर/ प्रभारी लिपिक लोक निर्माण शाखा अर्जुन दास( वर्तमान में नगर पंचायत राहौद) शामिल हैं.
इन पर रिश्वत लेकर चहेते फर्मों को काम का ठेका देने का आरोप लगा है. ऐसे में छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम-3 के अनुसार इन अधिकारियों का कृत्य गंभीर कदाचार माना गया है. निलंबन अवधि में सभी का मुख्यालय संयुक्त संचालक, नगरीय प्रशासन एवं विकास, क्षेत्रीय कार्यालय बिलासपुर रहेगा. इस दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा.
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