कबीरधाम कलेक्टर के फिटनेस प्रोग्राम का विरोध, गरियाबंद में कलेक्टोरेट के सामने कर्मचारियों ने जमकर प्रदर्शन कर किया नारेबाजी

Opposition to Kabirdham Collector's fitness program, employees protested and raised slogans in front of the Collectorate in Gariaband

कबीरधाम कलेक्टर के फिटनेस प्रोग्राम का विरोध, गरियाबंद में कलेक्टोरेट के सामने कर्मचारियों ने जमकर प्रदर्शन कर किया नारेबाजी

गरियाबंद : कबीरधाम जिले के कलेक्टर गोपाल वर्मा ने बीते तीन जुलाई गुरुवार सुबह जिला पंचायत, जिला अस्पताल और करपात्री स्कूल में अचानक निरीक्षण कर कर्मचारियों की लापरवाही पर सख्त रुख अपनाया था. निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत कवर्धा के कई कर्मचारी समय पर उपस्थित नहीं मिले. जिसके चलते कलेक्टर ने उन्हें फटकार लगाई और कुछ से सार्वजनिक रुप से कान पकड़कर माफी मंगवाई. साथ ही, दर्जनभर कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिया था. कबीरधाम कलेक्टर गोपाल वर्मा की कर्मचारियों को कान पकड़वाकर उठक-बैठक करवाने वाली शाही फरमान ने अब गरियाबंद तक बवंडर खड़ा कर दिया है. गरियाबंद जिले के कर्मचारियों ने कबीरधाम कलेक्टर के इस फिटनेस प्रोग्राम के खिलाफ कलेक्टोरेट के सामने जमकर प्रदर्शन किया और नारेबाजी में कोई कसर नहीं छोड़ी.
दरअसल कबीरधाम के जिला पंचायत परिसर में बारिश के चलते 10 मिनट लेट पहुंचे 42 कर्मचारियों को कलेक्टर गोपाल वर्मा ने क्लासरुम वाला ट्रीटमेंट दे डाला. सभी को सार्वजनिक रुप से कान पकड़कर उठक-बैठक कराने का रियलिटी शो चलाया गया. इस प्रशासनिक बॉडीबिल्डिंग के वीडियो और खबर ने पूरे प्रदेश के कर्मचारियों को तिलमिला दिया.
छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन के संरक्षक सुभाष मिश्र और संयोजक कमल वर्मा के नेतृत्व में गरियाबंद के कर्मचारियों ने भी कबीरधाम कलेक्टर के खिलाफ हल्ला बोल दिया। गरियाबंद कलेक्टोरेट के सामने कर्मचारियों ने बैनर-पोस्टर लेकर नारे लगाए.
“कलेक्टर की तानाशाही नहीं चलेगी,कर्मचारियों का अपमान नहीं सहेंगे!”
फेडरेशन ने चेतावनी दी है कि अगर इस अमानवीय कृत्य के दोषी कलेक्टर को तत्काल अन्यत्र स्थानांतरित कर निष्पक्ष जांच नहीं कराई गई तो चरणबद्ध आंदोलन पूरे प्रदेश में फैलाया जाएगा.
गरियाबंद के प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने कहा अगर लेट आने पर ही कान पकड़ना था तो कलेक्टर साहब पहले खुद के सरकारी कामों की टाइमिंग भी देख लेते! ये सरकारी दफ्तर है या मार्निंग योग क्लास? फेडरेशन ने साफ कर दिया कि यह मामला सिर्फ कबीरधाम तक सीमित नहीं. बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के कर्मचारियों के सम्मान और अधिकार का है. अगर कबीरधाम के कलेक्टर पर कार्रवाई नहीं हुई तो प्रदेश के सभी जिलों में आंदोलन शुरु किया जाएगा.
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कबीरधाम : इस घटना के बाद कबीरधाम कलेक्टर गोपाल वर्मा के खिलाफ कर्मचारियों ने मोर्चा खोल दिया. इस मामले में छत्तीसगढ़ टीचर एसोसिएशन ने स्थानीय कवर्धा विधायक व डिप्टी सीएम विजय शर्मा के कार्यालय में लिखित में  शिकायत दर्ज कराकर कलेक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग किया.
इसके अलावा राज्य स्तर पर भी कई कर्मचारी संगठन ने कलेक्टर के इस व्यवहार को लेकर आपत्ति दर्ज कराई. लगातार हो रहे किरकिरी बाद कलेक्टर गोपाल वर्मा ने छग टीचर्स एसोसिएशन कबीरधाम की टीम को अपने बंगले बुलाकर चर्चा की.
छग टीचर्स एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष डॉ.रमेश चंद्रवंशी ने बताया कि चर्चा के दौरान कलेक्टर गोपाल वर्मा ने कान पकड़वाने की घटना पर खेद जताया. 42 कर्मचारियों के नोटिस पर कार्रवाई नहीं करने की बात कही है. कलेक्टर के अनुरोध पर छग टीचर्स एसोसिएशन ने मामले को अब खत्म कर दिया है. चर्चा में छग टीचर्स एसोसिएशन के आसकरण धुर्वे, उग्रसेन चंद्रवंशी, केशलाल साहू, गोकुल जायसवाल, देवानंद चंद्रवंशी, राजकिरण चंद्रवंशी, कैलाश शर्मा, नरेंद्र, चंद्रोल, राजू चंद्रवंशी मौजूद रहे.
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