राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने जिले को किया सम्मानित, राष्ट्रीय जल संचय एवं जनभागीदारी कार्य के लिए मिला एक करोड़ रुपये का पुरस्कार

President Draupadi Murmu honored the district and received an award of Rs 1 crore for national water conservation and public participation work.

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने जिले को किया सम्मानित, राष्ट्रीय जल संचय एवं जनभागीदारी कार्य के लिए मिला एक करोड़ रुपये का पुरस्कार

गरियाबंद : गरियाबंद के लिए आज अत्यंत हर्ष का दिन रहा. राष्ट्रीय जल मिशन कार्यक्रम अंतर्गत गरियाबंद जिले को राष्ट्रीय जल संचय एवं जनभागीदारी कार्य के लिए जोन एक के केटेगरी 2 में तीसरा पुरस्कार से सम्मानित किया गया. दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित समारोह में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के कर कमलों से यह सम्मान प्रदान किया गया. गरियाबंद जिला, जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा आयोजित राष्ट्रीय जल पुरस्कार प्रतियोगिता में विभिन्न चरणों के निरीक्षण, पर्यवेक्षण एवं मूल्यांकन के बाद ईस्ट जोन का तृतीय बेस्ट जिला चुना गया.
इस दौरान केंद्रिय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल, जल शक्ति एवं रेल मंत्रालय के राज्यमंत्री वी. सोमन्ना एवं जल शक्ति मंत्रालय के राज्यमंत्री राज भूषण चौधरी मौजूद थे. यह पुरस्कार जिले के कलेक्टर बी एस उइके, जलसंसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता एस के बर्मन एवं सहायक अभियंता मनोज ताण्डिल्य ने प्राप्त किया. राष्ट्रीय जल संचय एवं जलभागीदारी कार्य के लिए तीसरा पुरस्कार के रुप में गरियाबंद जिले को एक करोड़ रूपये का पुरस्कार मिला.
उल्लेखनीय है कि जिले में संबंधित विभागों के माध्यम से 26,025 सतही जल के बेहतर रख-रखाव एवं जनभागीदारी के क्षेत्र में किए गए सराहनीय प्रयासों के लिए गरियाबंद को छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों के साथ एक करोड़ रूपए का पुरस्कार भी प्रदान किया गया. यह उपलब्धि जिले के कई विभागों के समन्वित प्रयासों के क्रियान्वयन का नतीजा रहा है. जिसमें जिले के नागरिकों, महिलाओं, स्वयंसेवी संस्थाओं और जनप्रतिनिधियों की अहम भूमिका रही. जिले में तेजी से गिरते जल स्तर को देखते हुए जिले ने व्यापक रणनीति के साथ जल शक्ति अभियान – कैच द रेन मोर गांव मोर पानी के अंतर्गत मिशन जल रक्षा – नारी शक्ति से जल शक्ति की शुरूआत की गई है.
भू-जल रिचार्ज के लिए तकनीकी नवाचार जिले में किए गए प्रमुख नवाचार-रिचार्ज सॉफ्ट बोरवेल एवं सेंड फिल्टर तकनीक द्वारा असफल बोरों मे रिचार्ज का प्रयास, परकुलेशन टैंक में इंजेक्शन वेल तैयार कर वर्षाजल को सीधे वाटर टेबल से जोडऩा, नए बोरवेल के साथ इंजेक्शन वेल का निर्माण, पहाड़ी क्षेत्रों में रिचार्ज संरचनाएं और लो-लाइन क्षेत्रों में जल संरक्षण संरचनाएं, संरचनाओं की मरम्मत, संधारण एवं जीआईएस-आधारित योजना निर्माण कार्य किए गए है.
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/LEzQMc7v4AU8DYccDDrQlb?mode=ac_t

रायपुर : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने रायपुर जिले को जल संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए विज्ञान भवन में आयोजित समारोह में पुरस्कृत किया. यह पुरस्कार कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह और नगर निगम आयुक्त विश्वदीप ने ग्रहण किया.
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशन में जल संरक्षण और सामुदायिक भागीदारी की दिशा में एक ऐतिहासिक सफलता अर्जित करते हुए  रायपुर जिला प्रशासन एवं रायपुर नगर निगम को जल संचय जन भागीदार (JSJB) 1.0 अभियान का पुरस्कार प्रदान किया गया है.
राष्ट्रपति द्वारा पहली बार इस श्रेणी में पुरस्कार दिया है. देश भर कर निगमों में रायपुर नगर निगम प्रथम, रायपुर जिला ईस्टर्न जोन के कैटेगरी 01 में तीसरा और राज्यों में छत्तीसगढ़ ने द्वितीय स्थान हासिल किया.
राष्ट्रीय स्तर पर यह उपलब्धि रायपुर जिला प्रशासन ने स्थानीय निकाय और जन समुदाय के संयुक्त भागीदारी से उल्लेखनीय पहल करते हुए जल संरक्षण का जन आंदोलन का रुप दिया. निगमों में बेहतर प्रदर्शन करते हुए रायपुर नगर निगम ने 33,082 कार्य पूरे किये. जिला रायपुर ने 36,282 कार्य पूरे किए और छत्तीसगढ़ ने 4,05,563 कार्य किए. जिसमें, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, रिचार्ज पिट्स, अमृत सरोवर, टॉप डैम और परकोलेशन टैंक का निर्माण शामिल है. साथ ही तरल अपशिष्ट प्रबंधन में रायपुर में 4 एसटीपी से 206 MLD क्षमता विकसित की गई. और 9 औद्योगिक इकाइयों को 125.849 MLD शुद्ध जल की आपूर्ति सुनिश्चित की गई.
रायपुर नगर निगम के प्रत्येक वार्ड में वर्षा जल संचयन और रिचार्ज पिट्स का निर्माण किया गया. शहर के आसपास 20 से ज्यादा नए सरोवरों का पुनर्जीवन कार्य किया. इसके अलावा स्मार्ट वाटर मैनेजमेंट भू-जल स्तर की निगरानी के लिए डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम की शुरुआत की गई.
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/LEzQMc7v4AU8DYccDDrQlb?mode=ac_t

राजनांदगांव को मिले दो राष्ट्रीय पुरस्कार

राजनांदगांव : छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले को दो राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। दिल्ली में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हाथों यह सम्मान कलेक्टर जितेन्द्र यादव और सीईओ जिला पंचायत सुरूचि सिंह ने प्राप्त किया। यह पुरस्कार राष्ट्रीय जल मिशन कार्यक्रम अंतर्गत मिला है। जिसके तहत किए गए सराहनीय प्रयासों के लिए 2 करोड़ रुपये प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई.
जल शक्ति मंत्रालय की राष्ट्रीय जल पुरस्कार प्रतियोगिता में विभिन्न चरणों के निरीक्षण, पर्यवेक्षण और मूल्यांकन के बाद ईस्ट जोन का बेस्ट जिला चुना गया। यह पुरस्कार कलेक्टर जितेंद्र यादव और मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुरूचि सिंह ने प्राप्त किया। जल संरक्षण एवं जनभागीदारी के क्षेत्र में किए गए सराहनीय प्रयासों के लिए राजनांदगांव को छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों के साथ 2 करोड़ रूपए का प्रोत्साहन पुरस्कार भी प्रदान किया गया.
2022 से चल रहा जल सुरक्षा का मिशन
यह उपलब्धि वर्ष 2022 में प्रारंभ किए गए मिशन जल रक्षा के सफल क्रियान्वयन का परिणाम रही है, जिसमें जिले के नागरिकों, महिलाओं, स्वयंसेवी संस्थाओं, उद्योगपतियों और जनप्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। सेंट्रल ग्राउंड वाटर बोर्ड की रिपोर्ट के अनुसार, जिले के तीन विकासखंड भू-जल स्तर के मामले में सेमी- क्रिटिकल जोन में हैं। जिले में 85 प्रतिशत भू-जल सिंचाई, 13 प्रतिशत घरेलू उपयोग और 2 प्रतिशत औद्योगिक उपयोग में हो रहा है। तेजी से गिरते जल स्तर को देखते हुए जिले ने व्यापक रणनीति के साथ जल शक्ति अभियान - कैच द रेन मोर गांव मोर पानी के अंतर्गत मिशन जल रक्षा - नारी शक्ति से जल शक्ति की शुरूआत की.
भू-जल रिचार्ज के लिए तकनीकी नवाचार
जिले में किए गए प्रमुख नवाचार-रिचार्ज सॉफ्ट बोरवेल एवं सेंड फिल्टर तकनीक द्वारा असफल बोरों मे रिचार्ज का प्रयास, परकुलेशन टैंक में इंजेक्शन वेल तैयार कर वर्षाजल को सीधे वाटर टेबल से जोडऩा, नए बोरवेल के साथ इंजेक्शन वेल का निर्माण, पहाड़ी क्षेत्रों में रिचार्ज संरचनाएं और लो-लाइन क्षेत्रों में जल संरक्षण संरचनाएं, संरचनाओं की मरम्मत, संधारण एवं जीआईएस-आधारित योजना निर्माण, इन कार्यों में 70 प्रतिशत से अधिक महिलाओं की भागीदारी दर्ज की गई। सेंट्रल ग्राउंड वाटर बोर्ड रायपुर द्वारा जीआईएस पद्धति को प्रमाणित करते हुए तकनीकी प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन प्रदान किया गया.
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/LEzQMc7v4AU8DYccDDrQlb?mode=ac_t

बालोद: राष्ट्रपति ने जिले को किया सम्मानित

बालोद : छत्तीसगढ़ के बालोद जिले ने जल संचय, जन भागीदारी (जेएसजेबी 1.0) अभियान के तहत पूर्वी जोन में बेस्ट परफॉरर्मिंग जिले का प्रथम स्थान प्राप्त कर राष्ट्रीय स्तर पर गौरव अर्जित किया है। आज विज्ञान भवन, नई दिल्ली में आयोजित 6वें राष्ट्रीय जल पुरस्कार एवं जल संचय, जन भागीदारी अवार्ड समारोह में भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बालोद जिले को यह महत्वपूर्ण सम्मान प्रदान किया। जिले की ओर से कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने यह पुरस्कार ग्रहण किया। उत्कृष्ट कार्यों के लिए जिले को 2 करोड़ रुपए की प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की गई। समारोह में केन्द्रीय जल संसाधन मंत्री सीआर पाटिल और राज्य मंत्री वी सोमन्ना सहित कई वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।
जनभागीदारी से मिली महत्वपूर्ण उपलब्धि
पुरस्कार प्राप्त करने के बाद कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने अपनी प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इस महत्वपूर्ण उपलब्धि का श्रेय समग्र जिले वासियों को दिया। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन के साथ-साथ सभी जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों और जिले की जनता के अथक प्रयासों एवं सक्रिय सहभागिता के फलस्वरूप ही बालोद जिला यह मुकाम हासिल कर पाया है. 
कलेक्टर दिव्या मिश्रा ने जिले के सभी अधिकारी-कर्मचारियों एवं नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राष्ट्रपति के कर कमलों से सम्मानित होने का यह गौरव संपूर्ण बालोद जिले के लिए एक बड़ी बधाई एवं शुभकामना का विषय है.
जल संचय कार्यों का लेखा-जोखा
बालोद जिले ने इस अभियान के तहत जल संरक्षण और संवर्धन में अभूतपूर्व कार्य किए हैं। भारत सरकार के मानकों के आधार पर प्रथम स्थान प्राप्त करने में इन कार्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई विभिन्न योजनाओं के माध्यम से 1 लाख 6 हजार 677 नवीन जल संरचनाओं का निर्माण किया गया। सामूहिक श्रम के द्वारा पूर्व निर्मित 30 हजार 849 जल स्रोतों की मरम्मत और साफ-सफाई की गई। और वन क्षेत्र में मृदा एवं जल संरक्षण के तहत 3 लाख 88 हजार पौधों का रोपण किया गया। वहीं प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 10 हजार वाटर रिचार्ज पिट और कुल 44 हजार 49 वाटर रिचार्ज पिट का निर्माण किया गया.
स्वप्रेरणा से हुआ काम
कलेक्टर ने बताया कि ग्रामीणों ने स्वप्रेरणा और निजी राशि से 27 हजार से अधिक घरों में सोकपिट संरचनाओं का निर्माण किया। जिसमें जिले में 140 अमृत सरोवर, 1,944 सामुदायिक तालाब, 6,160 निजी डबरी/तालाब, 69 स्टॉप डेम, और 672 नदियों का पुनरुद्धार जैसे बड़े कार्य भी पूरे किए गए.
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/LEzQMc7v4AU8DYccDDrQlb?mode=ac_t