राज्यसभा चुनाव 2026 छत्तीसगढ़: कांग्रेस ने फूलो देवी नेताम को फिर बनाया प्रत्याशी, BJP से उम्मीदवार बनी लक्ष्मी वर्मा, आज आखरी तारीख
Rajya Sabha Elections 2026 Chhattisgarh: Congress renominates Phulo Devi Netam as its candidate, Laxmi Verma as BJP candidate, today is the last date
राज्यसभा चुनाव 2026 छत्तीसगढ़ में बुधवार शाम कांग्रेस ने भी अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया. पार्टी ने छत्तीसगढ़ से वर्तमान राज्यसभा सांसद फूलो देवी नेताम पर फिर से भरोसा जताया है. उधर भाजपा पहले ही लक्ष्मी वर्मा को मैदान में उतार चुकी है.
सूत्रों के मुताबिक राज्यसभा उम्मीदवार के चयन के दौरान तीन प्रमुख नेताओं के नामों पर चर्चा हुई थी. इनमें पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव, मौजूदा सांसद फूलोदेवी नेताम, और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज शामिल थे. आखिरकार पार्टी ने संतुलित फैसला लेते हुए फूलोदेवी नेताम को फिर से उम्मीदवार बनाने का फैसला लिया। फूलोदेवी नेताम ने इस फैसले के बाद नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत से मुलाकात की और उनका आशीर्वाद लिया. पार्टी सूत्रों के मुताबिक यह कदम संगठनात्मक संतुलन और सामाजिक समीकरणों को ध्यान में रखकर उठाया गया है.
आज 5 मार्च को नामांकन की आख़री तारीख है. विधानसभा के संख्या बल के मुताबिक एक-एक सीट दोनों दलों के खाते में जा सकती है. ऐसे में लक्ष्मी वर्मा का पहली बार और फूलो देवी नेताम का दोबारा राज्यसभा पहुंचना लगभग तय माना जा रहा है.
राज्यसभा चुनाव 2026 के तहत छत्तीसगढ़ की दो सीटों के लिए 16 मार्च को मतदान होगा. नामांकन की आखिरी तारीख 5 मार्च तय की गई है. नामांकन प्रक्रिया 5 मार्च 2026 को सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक छत्तीसगढ़ विधानसभा भवन में पूरी की जाएगी. छत्तीसगढ़ से राज्यसभा सांसद केटीएस तुलसी और फूलो देवी नेताम का कार्यकाल 9 अप्रैल 2026 को खत्म हो रहा है. इन्हीं दो सीटों के लिए चुनाव हो रहा है.
निर्वाचन कार्यक्रम के मुताबिक
5 मार्च 2026 तक नामांकन16 मार्च 2026 को मतदानइसके बाद मतगणना
क्या बदल सकते हैं सियासी समीकरण?
राजनीतिक गलियारों में चर्चा थी कि अगर कांग्रेस किसी बाहरी प्रत्याशी को उतारती तो भाजपा नवीन मारकंडे को भी प्रत्याशी बना सकती थी. बताया जा रहा है कि भाजपा ने लक्ष्मी वर्मा के साथ-साथ नवीन मारकंडे के नाम से भी नामांकन फॉर्म खरीदा है.
छत्तीसगढ़ विधानसभा की कुल 90 सीटें हैं. राज्यसभा चुनाव 2026 के लिए सभी विधायक मतदान करेंगे. भारतीय जनता पार्टी के 54 विधायक, इंडियन नेशनल कांग्रेस के 35 विधायक और गोंडवाना गणतंत्र पार्टी का 1 विधायक है.
संख्या बल को देखते हुए राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि एक सीट भाजपा और एक सीट कांग्रेस के खाते में जाना लगभग तय है. हालांकि वरीयता आधारित मतदान प्रणाली में रणनीतिक वोटिंग की संभावना से सियासी समीकरण बदल सकते हैं.
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/LNzck3m4z7w0Qys8cbPFkB



