कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गई भाजपा नेता की बेटी समेत 1500 लोग लापता, 550 से ज्यादा मौतें, दूसरे युवक के साथ गई रायपुर की महिला सकुशल
1,500 people, including the daughter of a BJP leader, missing on the Kailash Mansarovar Yatra; over 550 deaths; a woman from Raipur who traveled with another young man is safe.
BJP नेता की बेटी का अता-पता नहीं
सरगुजा : नेपाल-तिब्बत सीमा पर आई बाढ़ में अंबिकापुर के वरिष्ठ भाजपा नेता करता राम गुप्ता की बेटी डॉ. मीना गुप्ता लापता भी हो गई हैं. हादसे के समय वह अपनी टीम के साथ नेपाल-तिब्बत सीमा स्थित इमीग्रेशन सेंटर में थीं. डॉ. मीना के साथ उनके दल के सभी 80 लोग भी लापता बताए जा रहे हैं. यह दल कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गया था.
डॉ. मीना गुप्ता वर्तमान में इंग्लैंड के टोकरी में स्किन स्पेशलिस्ट के रूप में कार्यरत थीं. वह 14 अगस्त को मानसरोवर यात्रा के लिए दिल्ली पहुंची थीं. इसके बाद एक आध्यात्मिक गुरु के साथ करीब 80 लोगों का दल दिल्ली से काठमांडू रवाना हुआ था. 23 अगस्त को दल ने कैलाश मानसरोवर यात्रा पूरी कर ली थी. डॉ. मीना गुप्ता सहित दल में शामिल सभी 80 लोग लापता हो गए.
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दूसरे युवक के साथ गई रायपुर की महिला सकुशल
रायपुर : रायपुर के डीडी नगर क्षेत्र से एक अनोखा मामला सामने आया है. करीब एक महीने पहले पति का घर छोड़कर दूसरे युवक के साथ नेपाल गई 24 साल की महिला की तलाश में उसके पति ने नेपाल त्रासदी के बाद जारी टोल फ्री नंबर पर शिकायत दर्ज कराई. शिकायत के बाद नेपाल में महिला की तलाश शुरू हुई और अगले ही दिन वह जनकपुर में सुरक्षित मिल गई. डीडी नगर पुलिस ने वीडियो कॉल के जरिए महिला से बातचीत कर उसकी सकुशल होने की पुष्टि की.
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नेपाल-तिब्बत सीमा पर विनाशकारी बाढ़ के बाद हालात एक बार फिर चिंताजनक हो गए हैं. पहले से तबाही झेल रहे इलाके में अब एक और ग्लेशियर झील के फटने की खबर सामने आई है. यह झील चोचेन नदी और पुरेपु सांगपो नदी के संगम के पास बनी थी. चीन ने इसके फटने की आशंका एक दिन पहले ही जताई थी. झील फटने के बाद नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है और दोबारा बड़े पैमाने पर बाढ़ आने का खतरा पैदा हो गया है.
खतरे को देखते हुए नेपाल के रसुवा जिले में चलाया जा रहा रेस्क्यू ऑपरेशन करीब 90 मिनट के लिए रोकना पड़ा. भोटेकोशी, त्रिशूली और नारायणी नदी के किनारे बसे कई गांवों को खाली कराया जा रहा है. स्थानीय लोगों और सुरक्षाकर्मियों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश दिए गए हैं. चीन ने भी तिब्बत में राहत और बचाव अभियान रोक दिया है और दोबारा बाढ़ के खतरे को देखते हुए लेवल-4 अलर्ट जारी किया है.
बाढ़ और भूस्खलन से नेपाल और तिब्बत में अब तक 552 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है. वहीं 1,500 से ज्यादा लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं. इनमें बड़ी तादाद में विदेशी नागरिक और पर्यटक शामिल हैं. मिले आंकड़ों के मुताबिक करीब 178 भारतीय नागरिक भी लापता हैं. नेपाल सरकार ने बाढ़ के बाद लापता 537 विदेशी नागरिकों की लिस्ट जारी की है. इसमें 178 भारतीय, 65 अमेरिकी, 53 यूक्रेनी, 51 मलेशियाई, 33 ऑस्ट्रेलियाई और 33 ब्रिटिश नागरिक शामिल हैं। अलग-अलग सूचियों और राहत एजेंसियों के अपडेट के चलते लापता लोगों की संख्या में बदलाव संभव है.
नेपाल के 8 जिलों से 538 शव बरामद
नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन के बाद अब तक आठ जिलों से 538 शव बरामद किए गए हैं। इनमें सबसे ज्यादा शव चितवन जिले में मिले हैं. जिलेवार बरामद शवों का आंकड़ों के मुताबिक़ चितवन में 221 शव, नवलपरासी पूर्व में 134 शव, गोरखा में 46 शव, मानव अंगों समेत, नुवाकोट में 37 शव, धादिंग में 33 शव, तनहूं में 28 शव, नवलपरासी पश्चिम में 27 शव और रसुवा में 12 शव मिले हैं. राहत और बचाव दल अभी भी मलबे और दुर्गम इलाकों में तलाशी अभियान चला रहे हैं। ऐसे में मृतकों की संख्या और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है.
121 विदेशी नागरिकों को सुरक्षित निकाला गया
नेपाल पर्यटन बोर्ड के 28 अगस्त के स्थिति अपडेट के मुताबिक, भोटेकोशी फ्लैश फ्लड के बाद अब तक 121 विदेशी यात्रियों को सुरक्षित निकाला गया है. इनमें 85 भारतीय नागरिक हैं. इसके अलावा 16 चीन के, 9 दक्षिण कोरिया के, 2 अमेरिका के, 2 रूस के और इटली व बुल्गारिया समेत अन्य देशों के नागरिक भी सुरक्षित निकाले गए हैं. पर्यटन बोर्ड ने बताया है कि नेपाल सरकार, पर्यटन मंत्रालय, टूरिस्ट पुलिस और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े अन्य पक्ष प्रभावित इलाकों में मौजूद पर्यटकों और यात्रियों की स्थिति की जानकारी जुटाने में लगे हैं.
पर्यटकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए नेपाल पर्यटन बोर्ड ने आपातकालीन सहायता के लिए टोल-फ्री नंबर 1234, हॉटलाइन 1144 और टूरिस्ट पुलिस का नंबर 9851289445 जारी किया है.
चीन ने ग्लेशियर टूटने को माना संभावित वजह
इस बीच चीन ने भी नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ को लेकर बड़ा बयान दिया है। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने शुक्रवार को कहा कि शुरुआती जांच के मुताबिक नेपाल के ऊंचाई वाले इलाके में ग्लेशियर टूटना भोटेकोशी नदी में आई अचानक बाढ़ की संभावित वजह हो सकती है.
चीन के मुताबिक दोनों देशों के विशेषज्ञ और संबंधित सरकारी संस्थान घटना की शुरुआती जांच कर रहे हैं। ग्लेशियर के टूटने से भारी मात्रा में बर्फ, चट्टान और मलबा नीचे आया और नदी के प्रवाह को प्रभावित किया। इसके बाद अचानक पानी और मलबे का सैलाब नीचे की ओर बढ़ा. हालांकि, इस आपदा की पूरी वैज्ञानिक वजह और इसमें ग्लेशियर, मलबा तथा पानी की भूमिका को लेकर विस्तृत अध्ययन अभी जारी है.
दूसरी बाढ़ ने बढ़ाई चिंता, भारत के लिए भी चिंता का विषय
सबसे बड़ी चिंता अब यह है कि पहले से तबाह इलाकों में दूसरी बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है। सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त होने के कारण कई जगह राहत और बचाव दलों की पहुंच पहले ही मुश्किल है। ऐसे में नए सैलाब की आशंका ने चुनौती और बढ़ा दी है.
रसुवा से लेकर नुवाकोट, धादिंग, गोरखा और आगे त्रिशूली-नारायणी नदी प्रणाली के आसपास रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है। नदी का जलस्तर बढ़ने की स्थिति में लोगों को तुरंत ऊंचे और सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी जा रही है.
नेपाल से निकलने वाली नदियों का प्रवाह आगे भारत की नदी प्रणालियों से जुड़ता है। ऐसे में नेपाल में लगातार हो रही ग्लेशियर और मलबा-जनित बाढ़ का असर भारत के कुछ नदी किनारे के क्षेत्रों तक पहुंचने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता.
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