एक ही सोने के कड़े से सराफा बाजार में मचा बवाल, 22 कैरेट के नाम पर धोखाधड़ी, जांच से उठे सवाल, ज्वेलरी शॉप में हंगामा, ग्राहकों ने किया शोरुम का घेराव
A single gold bangle caused an uproar in the bullion market; fraud involving 22-carat gold raised questions, leading to a commotion at the jewelry shop and customers surrounding the showroom.
बिलासपुर : स्वतंत्रता दिवस के दिन छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में प्रसिद्ध मलाबार गोल्ड एंड डायमंड्स ज्वैलरी शॉप में एक सोने के कड़े की जांच ने ऐसा विवाद खड़ा कर दिया कि मामला कारोबारी बहस से निकलकर पुलिस तक पहुंच गया. बताया जा रहा है कि इस शॉप पर ग्राहकों को 22 कैरेट बताकर 20 कैरेट का सोना बेचा जा रहा है. जिसे लेकर छत्तीसगढ़ सराफा एसोसिएशन के पदाधिकारियों और व्यापारियों ने दुकान पर पहुंचकर हंगामा किया. हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र और आधिकारिक पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है.
मिली जानकारी के मुताबिक सदर बाजार स्थित एसके ज्वैलर्स से खरीदे गए सोने के कड़े को ग्राहक बिक्री से पहले उसकी शुद्धता की जांच कराने के लिए मालाबार ज्वैलर्स के शोरूम लेकर पहुंचा था. वहां कैरेटोमीटर मशीन से जांच में कड़े की शुद्धता कथित तौर पर 22 कैरेट के बजाय 20 कैरेट बताई गई. ग्राहक ने इसकी जानकारी उस कारोबारी को दी. जहां से कड़ा खरीदा गया था. इसके बाद दुकान संचालक भी ग्राहक के साथ मालाबार ज्वैलर्स पहुंचा और कड़े की दोबारा जांच कराई गई.
दूसरी जांच में वही कड़ा 22 कैरेट बताया गया. एक ही कड़े की जांच में दो अलग-अलग परिणाम सामने आने के बाद सराफा कारोबारियों के बीच मामला गरमा गया और मौके पर विवाद की स्थिति बन गई. ग्राहकों ने शोरुम का घेराव कर दिया.
जेवरों की बिक्री में कथित गड़बड़ी की जानकारी मिलने के बाद छत्तीसगढ़ सराफा एसोसिएशन से जुड़े व्यापारी ज्वैलरी शॉप पहुंचे. इस दौरान व्यापारियों और दुकान प्रबंधन के बीच जमकर बहस हो गई और मौके पर काफी देर तक हंगामा होता रहा. व्यापारियों ने सोने की शुद्धता और पुराने सोने के एक्सचेंज में कथित अनियमितताओं को लेकर सवाल उठाए.
खबर मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और मामले की जांच के लिए कैरेटोमीटर मशीन और DVR को कब्जे में लेने की कार्रवाई की. फिलहाल विवाद की असल वजह क्या थी, मशीन की जांच में अलग-अलग परिणाम क्यों आए? और सोने के कड़े की वास्तविक शुद्धता क्या है? यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा. हालांकि, एक ही कड़े की जांच में सामने आए दो अलग-अलग परिणामों ने शहर के सराफा कारोबार में हलचल जरूर तेज कर दी है.
इस विवाद के बाद स्थानीय सराफा कारोबारियों के बीच भी चर्चा तेज हो गई है. कारोबारियों का कहना है कि ज्वैलरी व्यवसाय में ग्राहकों का भरोसा बनाए रखने के लिए शुद्धता, वजन, बिलिंग और एक्सचेंज प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता जरुरी है. वहीं, दुकान के खिलाफ लगाए गए आरोपों की पुष्टि किसी आधिकारिक जांच के बाद ही हो सकेगी. अगर जांच में किसी तरह की अनियमितता सामने आती है तो संबंधित नियमों के तहत कार्रवाई की जा सकती है.
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