महंगाई और बिजली दरों के विरोध में कांग्रेस का जोरदार प्रदर्शन, विद्युत् विभाग का किया घेराव, जमकर नारेबाजी, अमितेश शुक्ला का वीडियो हो रहा वायरल

Congress stages a massive protest against inflation and electricity tariffs, laying siege to the Electricity Department and raising slogans vociferously; a video of Amitesh Shukla is going viral.

महंगाई और बिजली दरों के विरोध में कांग्रेस का जोरदार प्रदर्शन, विद्युत् विभाग का किया घेराव, जमकर नारेबाजी, अमितेश शुक्ला का वीडियो हो रहा वायरल

गरियाबंद-राजिम : छत्तीसगढ़ में बढ़ते बिजली बिल और स्मार्ट मीटर के मुद्दे पर राजनीति एक बार फिर गरमा गई है. बढ़ती महंगाई, बिजली दरों में लगातार हो रही बढ़ोतरी और पेट्रोल-डीजल की आसमान छूती कीमतों के खिलाफ बुधवार को जिला कांग्रेस कमेटी ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए विद्युत विभाग कार्यालय का घेराव किया. सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने रैली निकालकर भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और आम जनता पर बढ़ते आर्थिक बोझ को कम करने की मांग उठाई.
प्रदेश कांग्रेस के निर्देश पर आयोजित इस आंदोलन का नेतृत्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुखचंद बेसरा ने किया. कांग्रेस भवन से शुरू हुई रैली तिरंगा चौक होते हुए बिजली कार्यालय पहुंची. जहां कार्यकर्ताओं ने सरकार की नीतियों के विरोध में प्रदर्शन किया. प्रदर्शन के दौरान पूरे क्षेत्र में राजनीतिक माहौल गरमाया रहा और कार्यकर्ताओं ने बिजली दरों में वृद्धि को वापस लेने की मांग की.
राजिम के पूर्व विधायक अमितेश शुक्ला ने गुरुवार को पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में पत्रकार वार्ता लेकर भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार लगातार बिजली दरों में बढ़ोतरी कर आम जनता, किसानों और छोटे उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ डाल रही है.
अमितेश शुक्ला ने कहा कि भाजपा सरकार बनने के बाद यह पांचवीं बार बिजली दरों में वृद्धि की गई है. उनके मुताबिक घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 30 से 50 पैसे प्रति यूनिट और गैर-घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 20 से 40 पैसे प्रति यूनिट तक बढ़ोतरी की गई है. उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों के कृषि पंपों की बिजली भी महंगी कर दी गई है.
बिजली बिल हाफ योजना बंद, अब जनता को झटका
पूर्व विधायक ने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय 400 यूनिट तक बिजली बिल हाफ योजना लागू थी. जिससे आम लोगों को राहत मिलती थी. लेकिन भाजपा सरकार ने पहले योजना बंद की और अब लगातार बिजली दरों में इजाफा कर रही है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सरकार जनता को राहत देने की बजाय बिजली के झटके देने में ज्यादा व्यस्त नजर आ रही है. गरियाबंद में प्रेस वार्ता के दौरान बोले राज्य विधायक अगर हमारी सरकार आएगी तो हम सारे स्मार्ट मीटर को उखाड़ फेंकेंगे.
स्मार्ट मीटर पर भी उठाए सवाल
पत्रकार वार्ता में अमितेश शुक्ला ने स्मार्ट मीटरों को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े किए. उन्होंने दावा किया कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद कई उपभोक्ताओं के बिजली बिल औसतन तीन गुना तक बढ़ गए हैं. उनका आरोप है कि स्मार्ट मीटर वास्तविक खपत से अधिक रीडिंग दर्ज कर रहे हैं. जिससे उपभोक्ताओं को भारी भरकम बिल मिल रहे हैं.
उन्होंने कहा कि कई उपभोक्ताओं को एक ही महीने में ऑनलाइन और ऑफलाइन अलग-अलग बिल भेजे जा रहे हैं. साथ ही बिना सहमति के अनुबंध भार (लोड) बढ़ाने और अतिरिक्त शुल्क जोड़ने जैसी शिकायतें भी सामने आ रही हैं.
24 घंटे बिजली नहीं, लेकिन बिल तीन गुना
अमितेश शुक्ला ने भाजपा सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि एक तरफ लोग बिजली कटौती से परेशान हैं. वहीं दूसरी तरफ बिजली बिल लगातार बढ़ रहे हैं. उन्होंने दावा किया कि जून महीने में लाखों उपभोक्ताओं के बिल औसतन तीन गुना तक बढ़े हैं. जिससे आम परिवारों का बजट बिगड़ गया है.
उत्तर प्रदेश का उदाहरण देकर घेरा
पूर्व विधायक ने कहा कि उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटर को लेकर उठे सवालों के बाद वहां की सरकार को भी फैसले पर पुनर्विचार करना पड़ा. उन्होंने मांग की कि छत्तीसगढ़ सरकार भी जनहित में स्मार्ट मीटर व्यवस्था की समीक्षा करे और उपभोक्ताओं को राहत दे.
अमितेश बोले पार्टी का संदेश भी साफ
अमितेश बोले बिजली बिल और स्मार्ट मीटर का मुद्दा आने वाले समय में विपक्ष के लिए बड़ा हथियार बन सकता है। अमितेश शुक्ला की प्रेस कॉन्फ्रेंस को भी कांग्रेस के उस अभियान का हिस्सा माना जा रहा है, जिसके जरिए वह बढ़ती महंगाई, बिजली दरों और जनसुविधाओं के मुद्दे पर भाजपा सरकार को घेरने की रणनीति पर काम कर रही है.
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जिलाध्यक्ष सुखचंद बेसरा ने कहा कि प्रदेश और देश में महंगाई लगातार बढ़ती जा रही है. बिजली की दरों में बार-बार वृद्धि से घरेलू उपभोक्ताओं, किसानों और छोटे व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है. वहीं पेट्रोल और डीजल के बढ़ते दामों ने परिवहन लागत बढ़ा दी है. जिसका असर सीधे तौर पर रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर दिखाई दे रहा है.
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार आम जनता को राहत देने में पूरी तरह विफल साबित हुई है. एक ओर लोग महंगाई से परेशान हैं. तो दूसरी तरफ सरकार विभिन्न करों और शुल्कों के जरिए जनता की जेब पर अतिरिक्त बोझ डाल रही है. उन्होंने कहा कि आम आदमी, किसान और मजदूर वर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहा है.
प्रदर्शन के बाद कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा. ज्ञापन में बिजली दरों में की गई वृद्धि को तत्काल वापस लेने, पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कमी करने, किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद-बीज उपलब्ध कराने तथा महंगाई पर नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की गई.
सुखचंद बेसरा ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सरकार ने जल्द ही बिजली दरों में वृद्धि वापस नहीं ली और महंगाई पर नियंत्रण के लिए ठोस कदम नहीं उठाए, तो कांग्रेस चरणबद्ध तरीके से आंदोलन को और तेज करेगी. उन्होंने कहा कि जनता के हितों की रक्षा के लिए कांग्रेस सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष जारी रखेगी.
प्रदर्शन में जिले भर से पहुंचे कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता, किसान और बड़ी तादाद में आम नागरिक शामिल हुए. इस दौरान विद्युत कार्यालय परिसर के बाहर काफी देर तक नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन चलता रहा. कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल भी मौके पर तैनात रहा.
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