उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व में 15 साल में काटे गए करीब 1 लाख पेड़, 36 आरोपियों के बयान दर्ज, अग्रिम जमानत याचिका रद्द, आज सरेंडर करने की संभावना

Nearly 100,000 trees were felled in the Udanti Sitanadi Tiger Reserve over the past 15 years. Statements of 36 accused recorded, anticipatory bail plea rejected, likely to surrender today.

उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व में 15 साल में काटे गए करीब 1 लाख पेड़, 36 आरोपियों के बयान दर्ज, अग्रिम जमानत याचिका रद्द, आज सरेंडर करने की संभावना

गरियाबंद/बरबांधा : बरबांधा, आमली और घुरावड ग्राम टाइगर रिजर्व के समर्थन में आए, सामान्य सभा में प्रस्ताव पारित कर जैतपुरी अतिक्रमणकारियों की निंदा, अतिक्रमण और अवैध कटाई से प्रभावित हुआ था. निस्तार, मानव-वन्यप्राणी द्वन्द उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व अंतर्गत जैतपुरी क्षेत्र में विगत करीब 15 साल से बड़े पैमाने पर किए गए अवैध अतिक्रमण और वृक्ष कटाई प्रमामले में कार्रवाई तेज कर दी गई है. मामले के प्रथम चरण में 36 आरोपियों के बयान दर्ज किए गए हैं और सभी आरोपियों द्वारा आज अदालत के सामने सरेंडर किए जाने की उम्मीद है. उल्लेखनीय है कि इन आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिका पूर्व में ही जिला न्यायालय द्वारा रद्द की जा चुकी है.
जांच के दौरान आरोपियों द्वारा बड़े पैमाने पर वन भूमि पर कब्जा और वृक्षों की अवैध कटाई किए जाने की बात कबूल की. यह अवैध गतिविधियां लंबे समय से चल रही थीं. जिसकी वजह से आसपास के ग्रामीणों के पारंपरिक निस्तार, वन संसाधनों एवं पर्यावरणीय संतुलन पर गंभीर प्रभाव पड़ा.
इसी बीच टाइगर रिजर्व संरक्षण के समर्थन में बरबांधा, आमली एवं घुरावड ग्रामों के ग्रामीण खुलकर सामने आए हैं. ग्राम सभाओं में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर जैतपुरी क्षेत्र के अतिक्रमणकारियों की निंदा की गई और वन एवं वन्यजीव संरक्षण के समर्थन में संकल्प लिया गया. ग्रामीणों ने कहा कि अवैध अतिक्रमण एवं वृक्ष कटाई के कारण उनके निस्तार अधिकार, जल स्रोत एवं वन आधारित आजीविका प्रभावित हुई है.
बयान दर्ज करने के दौरान वन विभाग द्वारा आरोपियों को वह वीडियो फुटेज भी दिखाए गए. जिनमें वन अमले पर हमला करते हुए आरोपी साफ दिखाई दे रहे हैं. जिनके बारे में पूछताछ की गयी. वीडियो में कुछ ग्रामीण वन कर्मियों को चप्पल से मारते, महिला वनकर्मियों के बाल खींचते तथा धक्का देकर सड़क पर गिराते हुए नजर आए.
वन विभाग द्वारा अतिक्रमण मुक्त कराई गई भूमि के पुनर्वास एवं संरक्षण के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार की गई है. आगामी चरण में करीब 50,000 कंटूर ट्रेंच का निर्माण किया जाएगा. जिससे मृदा एवं जल संरक्षण सुनिश्चित हो सके. इसके अलावा अगले महीने से फेंसिंग कार्य शुरु किया जाएगा. और पूरे क्षेत्र की निगरानी अत्याधुनिक एआई आधारित टावर कैमरों के जरिए की जाएगी. जिससे भविष्य में किसी भी तरह के अवैध अतिक्रमण और वृक्ष कटाई पर प्रभावी कंट्रोल रखा जा सके.
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