गांव में सर्च ऑपरेशन, 13 संदिग्धों के घरों की तलाशी, शिकार के फंदे-सागौन स्लीपर और वन्यजीव अवशेष भारी मात्रा में बरामद, 6 आरोपी गिरफ्तार
Search operation in the village; homes of 13 suspects searched; large quantities of hunting snares, teak sleepers, and wildlife remains recovered; 6 accused arrested.
गरियाबंद : गरियाबंद जिले के उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में वन विभाग ने सागौन तस्करी और वन्यजीव शिकार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों के कब्जे से भारी तादाद में अवैध सागौन, साल और बीजा की लकड़ी, शिकार में इस्तेमाल होने वाले फंदे, धनुष-तीर, लकड़ी काटने के उपकरण और वन्यजीवों के अवशेष बरामद किया. अदालत में पेशी के बाद सभी आरोपियों को न्यायिक प्रक्रिया के तहत जेल भेज दिया गया.
वन विभाग के मुताबिक 9 जून 2026 को मिली गोपनीय खबर के आधार पर दक्षिण उदंती वन परिक्षेत्र के साहेबिनकछार गांव में सर्च अभियान चलाया गया. सर्च वारंट के आधार पर 13 संदिग्धों के घरों और बाड़ियों की तलाशी ली गई. जांच के दौरान छह लोगों के यहां से बड़ी तादाद में अवैध लकड़ी और वन्यजीव शिकार से जुड़ी सामग्री मिलने पर अलग-अलग मामले दर्ज किए गए.
आरोपियों के घरों से क्या-क्या मिला?
वन विभाग की कार्रवाई में अलग-अलग आरोपियों के यहां से चौंकाने वाली सामग्री बरामद हुई।
सुमेर के घर से सागौन का स्लीपर, बड़ा आरा और धनुष-तीर मिला.
जुवराज के यहां से 30 सागौन स्लीपर, एक सागौन लट्ठा, दो साल स्लीपर और पांच बीजा स्लीपर बरामद किए गए.
उपेन्द्र के कब्जे से 43 सागौन स्लीपर जब्त किए गए.
हरि नेताम के घर से 12 जंगली मुर्गा फंदे, घुरु, धनुष-गुलेल और तीर मिले.
पुस्तम नेताम के यहां से 13 मोर पंख, खरगोश और जंगली सुअर के फंदे, धनुष-गुलेल और 11 जंगली मुर्गा फंदे बरामद हुए.
चिमन नागेश के घर से सागौन स्लीपर, दो आरा, बसुला, रंधा, लकड़ी काटने की मशीन, दो धनुष-तीर और 20 साही के पंख सहित अन्य उपकरण जब्त किए गए.
पूछताछ के दौरान वन विभाग की टीम आरोपियों द्वारा बताए गए स्थानों पर भी पहुंची और घटनास्थलों का सत्यापन किया।
दो चरणों में हुई गिरफ्तारी
मामले की जांच वनपाल एवं सहायक परिक्षेत्र अधिकारी धर्मेन्द्र सिंह सोनवानी ने की. जांच पूरी होने के बाद 15 जून को पहले चरण में सुमेर, जुवराज और उपेन्द्र को गिरफ्तार कर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, गरियाबंद की अदालत में पेश किया गया. जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया.
इसके बाद दूसरे चरण में 22 जून को हरि नेताम, पुस्तम नेताम और चिमन नागेश को गिरफ्तार किया गया. 23 जून को अदालत में पेशी के बाद उनके खिलाफ भी वैधानिक कार्रवाई करते हुए जेल भेज दिया गया.
इन धाराओं के तहत दर्ज हुआ मामला
वन विभाग ने सभी आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की धारा 9, 29, 31, 39(3), 50, 51 और 52 तथा छत्तीसगढ़ काष्ठ चिरान (विनियमन) अधिनियम, 1984 की धारा 4, 9, 10, 12, 13 और 15 के तहत प्रकरण दर्ज किया है.
आगे भी जारी रहेगा अभियान
वन विभाग ने बताया कि इस पूरी कार्रवाई में उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के अधिकारियों, कर्मचारियों, सुरक्षा श्रमिकों और डॉग स्क्वाड की अहम भूमिका रही. विभाग ने साफ किया कि टाइगर रिजर्व क्षेत्र में अवैध कटाई, वन्यजीव शिकार और लकड़ी तस्करी के खिलाफ आगे भी इसी तरह का सख्त अभियान लगातार जारी रहेगा.
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