सेक्सटॉर्शन के बाद JNMC डॉ आशीष सिन्हा के खिलाफ एक और थाना में शिकायत, एफिडेविट में गलत जानकारी देने का आरोप, बढ़ी मुश्किलें
After sextortion allegations, another police complaint has been filed against JNMC Dr. Ashish Sinha, alleging false information in his affidavit, adding to his troubles.
रायपुर : पं. जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय (जे.एन.एम. मेडिकल कॉलेज), रायपुर के सामुदायिक चिकित्सा विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. आशीष सिन्हा के खिलाफ एक और शिकायत दर्ज की गई है. यह नई शिकायत उनके खिलाफ पहले दर्ज सेक्सुअल हैरेसमेंट और छेड़छाड़ के मामले से जुड़ी हुई है. आरोप है कि डॉ. सिन्हा ने नौकरी बचाने के लिए डीन, जे.एन.एम. मेडिकल कॉलेज और आयुक्त, चिकित्सा शिक्षा विभाग को दिए गए एफिडेविट में सरेंडर की तारीख गलत दर्शाई. इस मामले में मौदहापारा थाना पुलिस ने जांच शुरु कर दी है.
मिली जानकारी के मुताबिक डॉ. आशीष सिन्हा पर 4 जुलाई 2025 को उनके विभाग की एक छात्रा ने सेक्सुअल हैरेसमेंट का केस दर्ज कराया था. छात्रा ने आरोप लगाया कि डॉ. सिन्हा उन्हें अपने केबिन में बुलाकर अश्लील हरकतें करते थे. इंटरनल एग्जाम में पास न करने की धमकी भी देते थे. शिकायत में यह भी उल्लेख था कि डिजिटल माध्यम से भी प्रोफेसर लगातार गलत ऑफर देते रहे.
एफआईआर दर्ज होने के बाद डॉ. सिन्हा करीब 2 महीने तक फरार रहे. इस दौरान उन्होंने अग्रिम जमानत के लिए सेशन कोर्ट, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में आवेदन किया. जो तीनों स्तरों पर खारिज हो गया. आखिरकार 8 सितंबर 2025 को उन्होंने अदालत में सरेंडर किया और गैर-जमानती मामले के तहत हिरासत में लिया गया. 10 सितंबर को उन्हें मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया और 12 सितंबर को नियमित जमानत दी गई.
कोर्ट रिकॉर्ड के मुताबिक डॉ. सिन्हा 8 से 12 सितंबर 2025 तक हिरासत में रहे. लेकिन आरोप है कि उन्होंने डीन और आयुक्त को दिए गए एफिडेविट में सरेंडर की तारीख 10 सितंबर 2025 दिखाकर 48 घंटे से ज्यादा हिरासत को छिपाने और सस्पेंड से बचने का प्रयास किया. इसी दस्तावेज में अदालत के बेल ऑर्डर में 8 सितंबर की तारीख स्पष्ट रुप से दर्ज है.
इस विरोधाभास और कथित रुप से गलत तारीख दर्शाने के आरोपों के चलते डीन कार्यालय, आयुक्त चिकित्सा शिक्षा विभाग और स्वास्थ्य विभाग के सचिव को लिखित शिकायत दी गई थी अब मौदहापारा थाने में एफआईआर दर्ज कर प्रारंभिक जांच शुरू की गई है.
इसके अलावा मामले से जुड़े ऑडियो रिकॉर्डिंग भी सामने आई हैं. जिनमें डॉ. सिन्हा छात्रा को डार्क कलर के कपड़े पहनने और एग्जाम पास कराने के बहाने अपने केबिन में बुलाते दिख रहे हैं. ऑडियो में छात्रा के हाथ पकड़कर उन्हें केबिन में बैठाने और अश्लील तस्वीरें दिखाने की बातें भी सामने आई हैं.
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी इस नई शिकायत की जांच कर रहे हैं. डॉ. आशीष सिन्हा के खिलाफ नौकरी बचाने के लिए शपथपत्र में गलत जानकारी देने का आरोप अब एक और जांच का आधार बन गया है. पुलिस ने मामले की गोपनीयता बनाए रखने और प्रारंभिक जांच के दौरान किसी को भी प्रभावित न करने के लिए विशेष निर्देश जारी किए हैं. मौदहापारा थाना पुलिस इस मामले में सभी संबंधित दस्तावेजों और एफिडेविट की पुष्टि कर रहे हैं. अधिकारियों का कहना है कि जब तक जांच पूरी नहीं होती. तब तक किसी भी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जा सकता है.
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