यादव समाज के दो कथा वाचकों के साथ हुए अन्याय के खिलाफ भड़का आक्रोश, कड़ी कार्यवाही को लेकर राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन

Anger erupted against the injustice done to two storytellers of Yadav community, memorandum submitted to the President for strict action

यादव समाज के दो कथा वाचकों के साथ हुए अन्याय के खिलाफ भड़का आक्रोश, कड़ी कार्यवाही को लेकर राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन

गौरेला पेंड्रा मरवाही : कुछ दिन पूर्व उत्तरप्रदेश राज्य के इटावा जिले में कथा वाचन को लेकर बहुत बड़ा सामाजिक विवाद खड़ा हो गया है. इस विवाद को लेकर छत्तीसगढ़ राज्य सहित भारत के अन्य समस्त राज्यों के सर्व यादव समाज के द्वारा राष्ट्रपति के नाम कड़ी से कड़ी कार्यवाही करने के लिए जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया.उन्होंने कहा कि उत्तरप्रदेश राज्य के इटावा जिले में कथा वाचन को लेकर ब्राह्मणों के द्वारा जबरन विरोध किया गया. उनका कहना है कि ब्राह्मण के अलावा अन्य कोई दूसरी जाति कथा सुनाने का अधिकार नहीं रखता है.
इसी परिपेक्ष्य में जब ब्राह्मणों को पता चला कि इटावा में यादव समाज का कोई आदमी कथा वाचन कर रहा है तो विरोध में ब्राह्मणों ने कथा वाचक के साथ बहुत ज्यादा कुकृत्य किया. उस कथा वाचक का मुंडन कर दिया गया. साथ ही उनको पकड़कर मारा–पीटा, घसीटा भी गया. उसके बाद उससे पैसा भी वसूला गया. यह सब कुछ करने के बाद एक ब्राह्मण महिला के मूत्र से उसकी शुद्धिकरण किया गया. और भी कई तरह की उन यादव समाज के कथा वाचकों को यातनाएं ब्राह्मणों के द्वारा दी गई. ब्राह्मणों के द्वारा यह निंदनीय कुकृत्य के विरोध में जिला गौरेला पेंड्रा मरवाही सर्व यादव समाज ने भारत सरकार से इंसाफ की गुहार लगाई कि क्या कथा सिर्फ ब्राह्मण ही कर सकता है दूसरा अन्य कोई नहीं? और जब दूसरा कर दिया तो उसके ऊपर इतना जुल्म क्यों किया गया? और बता दे कि यादव समाज के कथा वाचकों ने कोई गलत कार्य नहीं किए हैं. जो गीता भागवत जैसे धरोहर हैं. यह सब धरोहर सम्पूर्ण मानव जाति को यादव समाज ने ही दिया है. यादव समाज के पूर्वजों की ही देन है तो अपने ही पूर्वजों के धरोहर के बारे में लोगों को सुनाना और उसका प्रचार-प्रसार करना कैसे गलत हो सकता है? गौरेला पेंड्रा मरवाही सर्व यादव समाज ने कथित ब्राह्मणों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्यवाही करते हुए इंसाफ की गुहार लगाई है.
इस मौके पर सर्व यादव समाज जिला अध्यक्ष दुर्गेश यादव, प्रदेश उपाध्यक्ष दिलीप यादव, महामंत्री हुकुमचंद यादव, कोषाध्यक्ष राजेश यादव, उपाध्यक्ष जगदीश यादव, महिला जिला अध्यक्ष किरण यादव, महिला जिला कार्यकारी अध्यक्ष अनिता यादव, महिला जिला उपाध्यक्ष मिनाक्षी यादव, मरवाही ब्लॉक अध्यक्ष मयाराम यादव, पेंड्रा ब्लॉक अध्यक्ष केशव यादव, ब्लॉक अध्यक्ष गौरेला तेजश्वनी यादव, कांता यादव, गेंदलाल यादव, भागीरथी यादव, निर्माल यादव, रामचन्द्र यादव, रमेश यादव, धनसाय यादव, कौशल यादव, नरोत्तम यादव, वेदप्रकाश यादव, जलसी यादव, रामकुमारी यादव, उर्मिला यादव, लालता प्रसाद यादव, संतोषी यादव, कुसुमलता यादव, सोमदत्त यादव, भरत लाल यादव, दुर्गा प्रसाद यादव, संजय यादव, लक्ष्मी यादव, संगीता यादव सहित जिला गौरेला पेंड्रा मरवाही सर्व यादव समाज के समस्त पदाधिकारीगण एवं अन्य सभी सामाजिक कार्यकर्ता गण मौजूद रहे.
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कोरबा में भी जमकर विरोध

कोरबा : उत्तर प्रदेश के इटावा जनपद में यादव समाज के दो कथा वाचक मुकुटमणि यादव और संत सिंह यादव के साथ कथित ब्राह्मणों द्वारा किए गए अन्याय के खिलाफ आक्रोश फूट पड़ा है. सर्व यादव समाज ने राष्ट्रपति के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा.
कथित ब्राह्मणों द्वारा किए गए अन्याय की जांच और कार्रवाई की मांग की है. सोमवार को सर्व यादव समाज के जिलाध्यक्ष नत्थूलाल यादव सहित समाजजन बड़ी तादाद में कलेक्ट्रेट पहुंचे. सौंपे गए ज्ञापन में कहा कि जिस तरह से व्यास पीठ से नीचे उतारकर दोनों कथा वाचकों के साथ मारपीट करते हुए उनकी चोटी काट ली गई. उन्हें मूत्र से पवित्र किया गया. उनकी चेन अंगूठी लूट ली गई. घर से पैसे मंगवा कर देने के लिए उन्हें विवश किया गया. यह सब सुनकर ऐसा लगता है कि हम उस भारत में निवास नहीं कर रहे हैं. जहां संविधान का राज है. जहां समरसता स्थापित करने के लिए तमाम संगठन सतत प्रयासरत है.
इटावा जनपद के कथित ब्राह्मणों द्वारा यादव समाज को लेकर की गई घटना से समाज को अत्यंत वेदना हो रही है. पिछले कुछ साल से कथित ब्राह्मण समाज के लोग अपना वर्चस्व बनाए रखते के लिए ऐसा बर्ताव रहे हैं. वह अक्षम्य है. छत्तीसगढ़ के महासमुंद की कथा वाचिका यामिनी साहू और मध्य प्रदेश की देविका पटेल को भी कथा वाचन से रोकने का प्रयास किया गया. उनके साथ भी अभद्रता की गई. इसकी शिकायत पर पुलिस द्वारा क्या कार्रवाई की गई. आज तक पता नहीं चला. अब उत्तर प्रदेश के इटावा में मुकुटमणि यादव, संत सिंह यादव और उनके सह‌योगी के साथ जो बर्ताव किया गया है उसे लेकर छत्तीसगढ़ के 35 लाख यादव आहत हैं. उन्हें सनातनी और भगवान श्री कृष्ण का वंशज होने के कारण दुख है कि उनके आराध्य व पूर्वज की कथा वाचन करने का अधिकार भी कथित ब्राह्मण नहीं देना चाहते.
उन्होंने कहा कि यादव समाज ब्राह्मणों को आदर देता है. उनसे ही अपने निज निवास में सारे कर्मकांड संपादित कराता है. उनका चरण वंदन करता है. लेकिन जिस तरह का व्यवहार कथित ब्राह्मणों द्वारा किया गया और उनके समाज के जो लोग यह कहने से गुरेज नहीं कर रहे हैं कि इटावा में ब्राह्मणों ने जो किया वह धर्मसंगत है. उससे यादव समाज को अतिशय कष्ट हो रहा है. ऐसे लोगों के खिलाफ भी कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए.
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