आत्मनिर्भर सम्मेलन से पहले भाजपा नेता चमार सिंह को किया नजरबंद!, समाज में आक्रोश, संगठन में गड़बड़ी पर बोलने की सजा?, बना चर्चा का विषय
BJP leader Chamar Singh placed under house arrest ahead of the Atmanirbhar summit, sparking outrage among the community. Punishment for speaking out about organizational irregularities? A topic of discussion.
गरियाबंद/देवभोग : गरियाबंद जिले के देवभोग के इतिहास में पहली बार ऐसे हुआ कि भाजपा के किसी प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम में शामिल होने भाजपा नेता को रोका गया. विधानसभा स्तरीय आत्मनिर्भर भारत सम्मेलन में प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय समेत कई दिग्गज नेताओं के सामने जिला संगठन की नियुक्ति में विसंगतियों को गिनाने की तैयारी थी. सम्मेलन शुरु होने से पहले ही देवभोग में भाजपा नेता चमार सिंह पात्र नजर बंद कर दिये गए और थाना में ले जाकर बिठा दिया गया. इसकी जानकारी मिलते ही माली समाज ने विरोध किया तो उन्हें छोड़ दिया गया. देवभोग के राजनीतिक गलियारों में यह घटना अब चर्चा का सबसे बड़ा मुद्दा बनी हुई है.
प्रदेश स्तरीय आत्म निर्भर भारत का बिन्द्रानवागढ़ विधानसभा स्तरीय आयोजन देवभोग में आयोजित किया गया. आयोजन ढाई बजे शुरु हुआ. लेकिन इससे पहले भाजपा नेता पूर्व जिला मंत्री और माली समाज के सक्रिय नेता चमार सिंह पात्र को नजर बंद कराने की जरुरत पड़ गई. आयोजन शुरु होने से पहले यह चर्चा भाजपा मंच के इर्द गिर्द घूम रही थी कि चमार सिंह भाजपा जिला संगठन नियुक्ति में अनियमितता का गंभीर आरोप लगाने वाले थे.
आयोजन में प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय, महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती विभा अवस्थी, कैबिनेट मंत्री दर्जा प्राप्त चंदूलाल साहू समेत संगठन के कई बड़े नेता मौजूद थे. इन्हीं की मौजूदगी में चमार सिंह भड़ास निकालने वाले थे. लेकिन कार्यक्रम शांति ढंग से सम्पन्न हो. कोई शिकवा शिकायत न हो. इसके लिए आयोजन शुरु होने से पहले चमार सिंह को पुलिस ने थाने में बिठाकर नजर बंद कर दिया. इस घटना के बाद क्षेत्र के पंडरा माली समाज में आक्रोश है. हालांकि समाज के हल्ला बोल के बाद चमार सिंह को छोड़ा गया और मंच में वापस आने दिया गया.
नजर बंद हुए भाजपा नेता चमार सिंह पात्र ने कहा कि मैंने क्या गुनाह किया. मेरा कसूर बस इतना है कि संगठन की नियुक्ति में हुए गड़बड़ी को मैं अपने ही नेता के सामने रखना चाहता हूं. पुराने और समर्पित कार्यकर्ताओं को संगठन में स्थान न देना, फिर आवाज उठाने से पहले पुलिस कस्टडी में भेज देना कितना उचित है.
भाजपा संगठन को काफी अनुशासित कहा जाता है. पहली बार ऐसा देखने को मिल रहा है कि भाजपा गरियाबंद जिला कार्यकारिणी गठन के बाद संगठन में सब कुछ ठीक ठाक क्यों नहीं चल रहा है. लगातार गुटबाजी की खबरे निकलकर सामने आ रही है और संगठन में जगह नहीं मिलने पर मैनपुर, देवभोग, अमलीपदर, गोहरापदर क्षेत्र में कार्यकर्ता पहले ही पार्टी के आला नेताओं के पास पहुंचकर शिकवा शिकायत कर चुके हैं. कई बार कार्यकर्ताओं को मनाया भी जा चुका है. लेकिन इन दिनों ऐसा लग रहा है. संगठन के भीतर सब कुछ ठीक ठाक नहीं चल रहा है. देवभोग के राजनीतिक गलियारों में यह घटना अब चर्चा का सबसे बड़ा मुद्दा बनी हुई है.
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