भाजपाइयों की संलिप्तता से जोरों पर अवैध रेत उत्खनन और तस्करी, नदियों के अस्तित्व पर गंभीर संकट - अमितेश शुक्ल

Illegal sand mining and smuggling is rampant with the involvement of BJP members, seriously threatening the existence of rivers - Amitesh Shukla

भाजपाइयों की संलिप्तता से जोरों पर अवैध रेत उत्खनन और तस्करी, नदियों के अस्तित्व पर गंभीर संकट - अमितेश शुक्ल

गरियाबंद : नदियों में अवैध रेत और खनिज उत्खनन पर हाईकोर्ट की तल्खी पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए पूर्व मंत्री अमितेश शुक्ल ने कहा है कि इस सरकार के संरक्षण में ही रेत का अवैध कारोबार पूरे प्रदेश में पनपा है. भारतीय जनता पार्टी की सरकार और सत्ता के संरक्षण में ही गुंडागर्दी के दम पर नदियों को खाली कराने का खुला खेल चल रहा है. असंतुलित दोहन से पर्यावरण संकट उत्पन्न हो गया है. महानदी, अपरा, सबरी नदी सहित छत्तीसगढ़ की 19 नदियों की धाराएं प्रभावित हो रही हैं. न सिर्फ स्थानीय बल्कि अंतरराज्यीय तस्करों का गिरोह बेखौफ होकर आंध्र, तेलंगाना, महाराष्ट्र, झारखंड, उत्तरप्रदेश और उड़ीसा में भी छत्तीसगढ़ से रेत तस्करी कर रहे हैं. बस्तर में वरिष्ठ पत्रकार बप्पी राय सहित 4 पत्रकारों के खिलाफ षडयंत्र कर झूठे केस में फसाने का मामला सर्वविदित है.
पूर्व मंत्री अमितेश शुक्ल ने कहा है कि नियमतः 15 जून से 15 अक्टूबर तक नदियों में उत्खनन बंद रहता है लेकिन इस साल भरी बरसात में भी रेत खदाने निर्बाध संचालित किए जाते रहे. चैन माउंटेन और पनडुब्बी पंप से रेत उत्खनन जारी रहा. पूर्ववर्ती कांग्रेस की सरकार के समय पूरी प्रक्रिया पारदर्शी थी. रेत खदानों की नीलामी के बाद खनिज विकास निगम के नियंत्रण में सभी रेत खदानों में निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरा लगाए गए थे जो भाजपा की सरकार आने के बाद से बंद कर दिए गए. जितने रेत खदान संचालित है उसे तीन गुना ज्यादा अवैध घाट चल रहे हैं. अवैध उत्खनन, अवैध भंडारण और ओवरलोडिंग परिवहन को सरकार का संरक्षण है. छत्तीसगढ़ के तमाम नेशनल हाईवे, राजकीय मार्ग, जिला सड़क और गांव में भी सरकारी जमीनों पर अवैध रेत भंडारण आज भी मौजूद हैं. कांग्रेस ने धमतरी, महासमुंद, बिलासपुर और जांजगीर चांपा सहित प्रदेश के 85 जगह पर अवैध रेत भंडारण के खिलाफ आंदोलन किया. हाई कोर्ट की सख्ती के बावजूद भी सत्ताधारी दल के सांठगांठ से अवैधता का कारोबार पूरे प्रदेश में निर्वाचित रुप से चल रहा है और उसी से ध्यान भटकाने के लिए यह सरकार झूठे दावे कर रही है.
पूर्व मंत्री अमितेश शुक्ल ने कहा कि यह सरकार पूरी तरह से रेत माफिया के कब्जे में है. इस सरकार में तस्करों के हौसले इतने बुलंद हैं कि 12 मई 2025 को बलरामपुर में एक कांस्टेबल को ट्रैक्टर से कुचलकर मार दिया गया. यह भाजपा के मंत्री राम विचार नेताम का क्षेत्र है. राजिम, गरियाबंद, कुरूद और धमतरी में रेत माफिया की दबंगई सर्वविदित है. 16 जून 2025 को बलौदा बाजार में खनिज कर्मचारियों, अधिकारियों को बंधक बनाकर मारपीट किया गया. कांग्रेस इस मुद्दे पर लगातार आक्रामक रही. विधानसभा में भी स्थगन प्रस्ताव लाया गया लेकिन यह सरकार पूरी तरह से सरेंडर मोड़ पर है. कमीशन की काली कमाई में हिस्सेदारी के लालच में यह सरकार अवैध रेत के तस्करों को संरक्षण दे रही है. उच्च न्यायालय की कड़ी फटकार के बावजूद इस सरकार का रवैया शुतुरमुर्ग की तरह है.
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