छत्तीसगढ़ विधानसभा बजट सत्र में डिजिटल अरेस्ट और सी मार्ट का मुद्दा उठाते ही हुआ जमकर हंगामा, रेकी का आरोप में लगे नारे, 16 कांग्रेस विधायक निलंबित
In the Chhattisgarh Assembly budget session, when the issue of digital arrest and C Mart was raised, there was a huge uproar, slogans were raised alleging Reiki, 16 Congress MLAs suspended.
सी मार्ट का मुद्दा उठाते ही हुआ जमकर हंगामा
विधायक देवेंद्र यादव ने विधानसभा में लोगों के लिए रोजगार का केन्द्र सी-मार्ट का मुददा उठाया. विधायक यादव के सवाल पर सदन में जमकर हंगामा हुआ. प्रश्नकाल में विधायक ने छत्तीसगढ़ के प्रथम सी-मार्ट भिलाई को बंद किए जाने को लेकर सवाल किया. जिस पर कांग्रेस और सत्तादल के विधायकों के बीच जमकर बहस हुई. कांग्रेस और भाजपा दोनों ही दल के विधायकों ने अपने-अपने तर्क दिए और बहस को बढ़ता हुआ देख मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विधायक यादव के सवालों का जवाब दिया.
विधायक देवेन्द्र ने नगर निगम भिलाई के सी-मार्ट के संचालन को लेकर सवाल लगाया गया था. जिसमें उन्होंने निगम भिलाई के अंतर्गत संचालित सी-मार्ट की वर्तमान स्थिति क्या है? क्या उनका संचालन किया जा रहा है? अगर हां तो उनमें किन उत्पादनों का विक्रय किया जा रहा है. अगर बंद है तो उसको पुन: संचालित किया जाएगा या नहीं जानकारी चाही थी.
जिस पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बताया कि नगर पालिक निगम, भिलाई अंतर्गत स्थित सी-मार्ट संचालन एवं संधारण कार्य का कार्यादेश जारी कर दिया गया है. सितंबर.2023 में मेसर्स विनिल इंटरप्राईजेस को दिया गया था. लेकिन एजेंसी द्वारा निर्धारित संचालन एवं संधारण हेतु किराया/ यूजर चार्ज, मुख्य कार्यालय में जमा नहीं किये जाने की वजह से 27 दिसंबर .2024 को किराया/यूजर चार्जेस जमा करने के लिए नोटिस दिया गया है. लेकिन एजेन्सी के द्वारा निर्धारित किराया/यूजर चार्जेस आज तक जमा नही किया गया है. वर्तमान में एजेंसी द्वारा सी-मार्ट का संचालन न किये जाने के कारण बंद है. सी-मार्ट का संचालन शुरु करने के लिए नियमानुसार कार्यवाही चल रही है.
ईडी से डराना बंद करो के लगे नारे, 16 कांग्रेस विधायक निलंबित
छत्तीसगढ़ विधानसभा बजट सत्र के चौथे दिन की सदन शुरु होने के बाद विपक्ष ने हंगामा शुरु कर दिया. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के घर रेकी का आरोप लगाते हुए विपक्षी दलों के विधायकों ने नारे बाजी की. इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह ने विपक्षी विधायकों को नारे बाजी बंद कर प्रश्नकाल शुरू करने की अपील की, लेकिन इसका असर विधायकों पर नहीं पड़ा और वे ईडी से डराना बंद करो के नारे लगाने लगे. जिसके बाद विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह ने कार्यवाही 10 मिनट के लिए स्थगित कर दी. सदन की कार्यवाही फिर से शुरू की गई है.
छत्तीसगढ़ विधानसभा में हंगामा: विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह के आसंदी में आते ही विधायक उमेश पटेल ने कहा कि बीती रात बड़ी घटना हुई है. रमन सिंह ने कहा कि प्रश्नकाल के बाद आपको बात करने का अवसर दिया जाएगा. इस दौरान सत्ता पक्ष के विधायक ने कहा प्रश्नकाल में भाषण नहीं दिया जा सकता. इसके बाद विपक्षी कांग्रेस विधायकों ने हंगामा शुरू कर दिया. सभी कांग्रेस विधायक सदन में खड़े हो गए और पीसीसी चीफ दीपक बैज की रेकी का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी और हंगामा करने लगे.
विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह ने विधायकों को मनाने की कोशिश की. उन्होंने कहा “जो भी विषय है, प्रश्नकाल के समय पूरा समय है, मैं आपको अवसर दूंगा. गंभीरता है इसलिए आपको पूरा अवसर दिया जाएगा.“
विधायक उमेश पटेल ने कहा “पुलिस पीसीसी चीफ दीपक बैज के घर रेकी कर रही है. आप क्या करना चाहते हैं, पुलिस प्रशासन से लोगों को डराना चाहते हैं. ये कहते ही कांग्रेस विधायकों को हंगामा और बढ़ गया.” विधायकों ने कहा “सरकार आपकी है प्रशासन आपका है फिर बात करने से क्यों डर रहे हैं. विधायकों ने कहा कि सरकार के आदेश पर प्रदेश अध्यक्ष के घर रेकी करवाई जा रही है.”
सदन में कांग्रेस विधायकों की नारेबाजी: कांग्रेस विधायकों ने “लोकतंत्र की हत्या नहीं चलेगी, नहीं चलेगी के नारे लगाने लगे. भाजपा की तानाशाही नहीं चलेगी, नहीं चलेगी और ईडी से डराना बंद करो के नारे लगाने लगे.” “एडिशनल वर्मा कौन है” के नारे भी विधायकों ने लगाए.
सदन शुरू होने के बाद कार्यवाही स्थगित: काफी मनाने के बाद भी जब विधायकों की नारेबाजी नहीं रुकी तो विधानसभा अध्यक्ष ने कार्यवाही 10 मिनट के लिए स्थगित कर दी.
16 कांग्रेस विधायक निलंबित: 10 मिनट स्थगित होने के बाद सदन की कार्यवाही शुरू होने के बाद भी कांग्रेस विधायकों की नारेबाजी और हंगामा जारी रहा. जिसके बाद रमन सिंह ने कहा कि प्रश्नकाल पक्ष विपक्ष दोनों के लिए महत्वपूर्ण रहता है. छत्तीसगढ़ विधानसभा में कभी ऐसी परंपरा नहीं रही कि प्रश्नकाल को बाधित किया जाए. इसके बाद अध्यक्ष ने विधायक लता उसेंडी से प्रश्न करने को कहा. लेकिन कांग्रेस विधायकों की नारेबाजी लगातार जारी रही.
नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत सहित सभी कांग्रेस विधायक आसंदी के पास पहुंच गए और नारेबाजी करने लगे. जिसके बाद विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह ने नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत सहित 16 कांग्रेस विधायकों को सदन की कार्यवाही से निलंबित कर दिया और उन्हें सदन से बाहर जाने के लिए कहा. हालांकि कुछ देर बाद रमन सिंह ने निलंबित विधायकों का निलंबन खत्म कर दिया.
साइबर क्राइम में डिजिटल अरेस्ट किए जाने का मामला उठा। भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने साइबर ठगी की रकम के साथ-साथ पीड़ितों को वापस की गई राशि पर गृह मंत्री से सवाल किया। मंत्री विजय शर्मा ने बताया कि 168 करोड़ रुपए की ठगी राशि में से करीब पांच करोड़ 20 लाख रुपए की राशि वापस कराई गई है।
गृहमंत्री विजय शर्मा ने बताया, डिजिटल अरेस्ट के 12 प्रकरण सामने आए हैं. इन सभी प्रकरण में कार्रवाई की गई है। इस पर अजय चंद्राकर ने पूछा कि 1795 बैंक खाते चल रहे हैं। 921 खातों में ठगी की रकम वसूली गई थी लेकिन इन खातों को अब तक बंद नहीं की गई है। इसकी क्या वजह है? गृहमंत्री ने बताया कि ठगी की रकम एक खाते से दूसरे खाते में शिफ्ट किया जाता है। प्रारंभिक खाते को बंद किया जाता है।
इस पर अजय चंद्राकर ने कहा कि 722 सायबर ठगों को चिन्हित किया है। इनमे से करीब तीन सौ के खिलाफ कार्रवाई की गई है। बाकी बचे लोगों के खिलाफ कार्रवाई कब होगी? मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि बीते साल 20 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का डिजिटल ट्रांजिक्शन हुआ है। भारत का डिजिटल ट्रांजिक्शन जर्मनी भी अपना रहा है।
सब्जी बेचने वालों को भी डिजिटल ट्रांजिक्शन से भुगतान किया जा रहा है। विजय शर्मा ने कहा कि डिजिटल ट्रांजिक्शन के साथ-साथ साइबर क्राइम भी बढ़ा है. सायबर क्राइम दुनिया की चिंता है. केंद्र सरकार भी इसकी रोकथाम करने के प्रयास कर रही है. राज्य में जो मामले कार्रवाई के लिए बचे हुए हैं उनके ख़िलाफ़ भी जल्द कार्रवाई होगी।
भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने पूछा कि सायबर क्राइम को रोकने क्या विशेषज्ञता है? गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि सायबर अपराध सिर्फ राज्य का विषय नहीं है. राज्य में नई सरकार बनने के बाद एक सायबर भवन का निर्माण किया गया. आधुनिक डिवाइस लाए गए हैं. भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने सवालों का क्रम जारी रखते हुए पूछा कि उपकरण जुटा लिए गए हैं ये अच्छी बात है, लेकिन उन उपकरणों को चलाने के एक्सपर्ट कितने हैं? सायबर थाना खोलने की घोषणा सदन में हुई थी क्या खुल गया?
गृहमंत्री विजय शर्मा ने बताया कि पाँच संभाग रेंजों में थानों को सायबर थानों में अपग्रेड किया गया ह। सभी थानों में सायबर सेल खोली जा रही है । पाँच एक्सपर्ट इंगेज करने की प्रक्रिया बढ़ाई है। एक्सपर्ट बाहर से नहीं आ सकते। जो मैनपावर हैं उससे ही चिन्हांकित किया जा रहा है. राष्ट्रीय स्तर पर ट्रेनिंग दिलाई जा रही है। इंडियन सायबर क्राइम सेंटर से 129 लोगों को प्रशिक्षित किया गया है.
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