एग्रीस्टेक पोर्टल में धान खरीदी पंजीयन न होने समेत किसानों की मांगों को लेकर किसान कांग्रेस ने दिया धरना, सीएम साय के नाम सौंपा ज्ञापन

Kisan Congress staged a sit-in protest over farmers' demands, including the lack of registration for paddy purchases on the AgriStake portal. A memorandum was submitted to CM Sai.

एग्रीस्टेक पोर्टल में धान खरीदी पंजीयन न होने समेत किसानों की मांगों को लेकर किसान कांग्रेस ने दिया धरना, सीएम साय के नाम सौंपा ज्ञापन

दुर्ग : प्रदेश में 15 नवंबर से धान खरीदी शुरु होना तय है. लेकिन अब तक सभी किसानों का पंजीयन नहीं हुआ है. पहले डीएपी और खाद को लेकर परेशान किसान के सामने नया संकट धान बेचने के लिए पंजीयन करना हो गया है. इन्हीं सब समस्या को लेकर किसान कांग्रेस ने दुर्ग जिला ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष राकेश ठाकुर और पूर्व विधायक अरुण वोरा की मौजूदगी में किसान कांग्रेस के जिला अध्यक्ष पुकेश चंद्राकर के नेतृत्व में किसानों ने दुर्ग में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन कर सीएम साय के नाम ज्ञापन दिया.
जिला ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष राकेश ठाकुर ने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार किसानों के साथ धोखेबाजी कर रही है. अब तक एग्रो स्टेक पोर्टल में 65% किसानों का पंजीयन ही नहीं हुआ है. किसान अपनी फसल धान को बेचने के लिए पंजीयन करने के लिए परेशान हो रहे हैं.
भाजपा सरकार और उनके अधिकारी लापरवाह बनकर किसानों को प्रताड़ित कर रहे हैं. भाजपा ने अपने घोषणा पत्र में 3100 रुपए में 21 क्विंटल धान की खरीदी का वादा किया था. पिछले साल भी किसानों को एक मुफ्त पैसे नहीं दिए गए.
पिछले साल में धान के समर्थन मूल्य में 117 रुपए का इजाफा हुआ और इस साल 69 रुपए का समर्थन मूल्य बढ़ा कुल टोटल 186 रुपए को घोषणा के 3100 रु में बढ़ाकर किसानों को देना है. मगर सरकार ना तो समर्थन मूल्य बढ़ा रही है. ना ही किसानों के धान खरीदना चाह रही है.
मोदी सरकार के किसानों के लिए लाए काले कानून को राहुल गांधी के विरोध में वापस तो ले लिए हैं. लेकिन आज भी यह चाहते हैं कि किसानों की की फसल सरकार को खरीदना ना पड़े और मजबूरी में किसान अपनी फसल बिचौलियों को बेचे.
पूर्व विधायक अरुण वोरा ने कहा भाजपा की सरकार कभी किसान हितेषी सरकार नहीं रही. किसानों को पहले मांगी खाद, डीएपी लेना पड़ा. अब पंजीयन की परेशानी हो रही है. पिछले हफ्ते दुर्ग कलेक्ट्रेट में एक किसान द्वारा आत्मदाह का प्रयास किया. ये उदाहरण है सरकार के प्रति किसानों की नाराजगी का.. पूर्व में कांग्रेस के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सरकार आते ही सबसे पहले किसानों का दर्द समझा और किसानों को 75000 करोड़ का कर्ज माफ किया. वर्तमान सरकार अपने उद्योगपति मित्रों को जंगल जमीन, खनिज बेच कर उनको फायदा पहुंचा रही है. धरना का नेतृत्व करने वाले किसान कांग्रेस के जिला अध्यक्ष मुकेश चंद्राकर ने कहा एग्रो स्टेक पोर्टल में शुरु से खामी रही है.
सिर्फ 35% किसानों का धान बेचने के लिए पंजीयन हो पाया है. उन्होंने मांग किया कि  एग्रो स्टेट पोर्टल की खामी को फौरन सुधार किया जाए. उसके पंजीयन की आख़री तारीख को बढ़ाया जाए और उसकी खामी दूर नहीं होती तो पहले की तरह मैन्युअल में किसानों का पंजीयन किया जाए.
अगर इसका समाधान नहीं हुआ तो प्रदेश के अन्नदाता किसान 3100 रु में धान बेचने से वंचित हो जाएंगे. जिला ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष राकेश ठाकुर, पूर्व विधायक अरुण बड़ा वह किसान कांग्रेस के जिला अध्यक्ष पुकेश चंद्राकर और अन्य कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और जनप्रतिनिधि में ज्ञापन सौंपते हुए चेतावनी दी. धान खरीदी के शुरू होने से पहले इसमें सुधार किया जाए और 2 साल के बड़े हुए समर्थन मूल्य को शामिल किया जाए नहीं तो कांग्रेस बड़ा आंदोलन करेगी.
इस धरना प्रदर्शन में रिवेंद्र कुमार यादव, देवेंद्र देशमुख, रिसाली महापौर शशि सिंह टिकेश्वर लाल देशमुख, योग्यता चंद्राकर, राजीव गुप्ता, पहलाद वर्मा, दीपांकर साहू, कृष्ण देवांगन, नंदकुमार सेन, पुष्कर चंद्राकर, ममता यादव, जमुना ठाकुर, सुरेखा श्री गणेश, बालेश्वर साहू, जगदीश प्रसाद, दीपक जामवंत, गजपाल, तरुण बंजारे, ईश्वर साहू, सुखदेव यादव, प्रवक्ता नासिर खोखर, आनंद कपूर ताम्रकार, सुमीत घोष, सौरभ ताम्रकार सहित अन्य कांग्रेसी और किसान मौजूद रहे,
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