रायपुर में PM मोदी का अमित शाह, मुख्यमंत्री और राज्यपाल ने किया भव्य स्वागत, गृहमंत्री ने किया DGP/IGP कॉफ्रेंस का उद्घाटन
PM Modi was given a grand welcome in Raipur by Amit Shah, Chief Minister and Governor, Home Minister inaugurated the DGP/IGP conference.
रायपुर : केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ के रायपुर में तीन दिवसीय 60वीं DGsP/IGsP कॉफ्रेंस का उद्घाटन किया. इसी बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी डीजी-आईजी सम्मेलन में शामिल होने दो दिवसीय दौरे पर रायपुर पहुंचे. एयरपोर्ट पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के साथ-साथ पूरे मंत्रिमंडल के सदस्यों ने प्रधानमंत्री का जोरदार स्वागत किया. मुख्यमंत्री, मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने पीएम मोदी को पुष्पगुच्छ देकर उनका अभिनंदन किया.
अपने सम्बोधन में अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में DGP/IGP कॉफ्रेंस समस्याओं के समाधान, चुनौतियों और रणनीतियों से नीति निर्धारण तक, देश की आंतरिक सुरक्षा के समाधान का फोरम बन कर उभरी है. गृह मंत्री ने नक्सलवाद के समूल नाश के खिलाफ उठाए गए मोदी सरकार के एक्शनेबल प्वाइंट का जिक्र करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने विगत 7 वर्षों में 586 फोर्टिफाइड पुलिस स्टेशन बनाकर सुरक्षा घेरे को मजबूत बनाया है और इसी का परिणाम है कि 2014 में नक्सल प्रभावित जिलों की संख्या 126 थी जो आज घटकर सिर्फ 11 रह गई है
डीजी-आईजी सम्मेलन भारत की आंतरिक सुरक्षा, पुलिस सुधार, आतंकवाद-नक्सलवाद निरोधक रणनीति और साइबर सुरक्षा जैसे संवेदनशील मुद्दों की समीक्षा का मुख्य मंच है. इस बार सम्मेलन रायपुर में आयोजित किया जा रहा है. जिससे छत्तीसगढ़ न राष्ट्रीय फोकस में है. सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी के साथ देश के केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद रहेंगे. इनके अलावा देश के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल, इंटेलिजेंस ब्यूरो के अधिकारी, सीबीआई, एनआईए, रॉ, सीआरपीएफ, बीएसएफ, आईटीबीपी, एसएसबी और देशभर के पुलिस महानिदेशक (DGP) और पुलिस महानिरीक्षक (IG) शामिल हो रहे हैं.
प्रधानमंत्री 29 और 30 नवंबर तक चले इस सम्मेलन में सुरक्षा स्थितियों की विस्तृत समीक्षा करेंगे. इस सम्मेलन में नक्सल उन्मूलन, उभरते साइबर अपराध, ड्रोन-आधारित सुरक्षा खतरे, सीमाई सुरक्षा, राज्य पुलिस बलों का आधुनिकीकरण और तकनीकी आधारित कानून-व्यवस्था प्रबंधन पर महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा सकते हैं. पीएम मोदी के आगमन को लेकर रायपुर में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है. शहर के प्रमुख मार्गों पर 2000 से अधिक पुलिस बल की तैनाती की गई है. एयरपोर्ट से लेकर कार्यक्रम स्थल तक सुरक्षा एजेंसियों ने बहुस्तरीय सुरक्षा घेरा बनाया है. डीआरपी, एसएसपी स्तर के अधिकारी, बम डिस्पोजल स्क्वॉड, एटीएस और ड्रोन यूनिट लगातार निगरानी कर रहे हैं.
सम्मेलन स्थल पर सुरक्षा व्यवस्थाओं का नेतृत्व छत्तीसगढ़ पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी कर रहे हैं। शहर में ट्रैफिक मूवमेंट को भी आवश्यकतानुसार व्यवस्थित किया गया है, ताकि किसी तरह की बाधा या असुविधा न हो। छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रधानमंत्री और केंद्रीय टीम के स्वागत के लिए खास प्रोटोकॉल अपनाया है। एयरपोर्ट पर पारंपरिक अंदाज में स्वागत के साथ राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों ने पीएम से मुलाकात कर सम्मेलन की रूपरेखा साझा की। गौरतलब है कि डीजी-आईजी सम्मेलन पहले दिल्ली में हुआ करता था, लेकिन पिछले कुछ वर्षों से इसे अलग-अलग राज्यों में आयोजित किया जा रहा है, ताकि सुरक्षा तंत्र जमीनी अनुभवों को भी समझ सके। रायपुर में सम्मेलन का आयोजन छत्तीसगढ़ के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है, क्योंकि इससे राज्य की सुरक्षा रणनीतियों और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में हो रहे बदलावों को राष्ट्रीय स्तर पर पेश करने का अवसर मिलेगा.
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