शराब दुकान का शटर बंद कर महिलाओं ने किया जोरदार विरोध प्रदर्शन, सड़क पर उतरीं परेशान महिलाएं, हटाने की मांग पर अड़े ग्रामीणों ने खोला मोर्चा
Women protested by closing the shutter of the liquor shop, distressed women took to the streets, villagers adamant on the demand of removal opened a front
जशपुर : छत्तीसगढ़ सरकार 67 नई शराब दुकानें खोलने जा रही है. सरकार के इस फैसले का विरोध आए दिन कहीं ना कहीं देखने को मिल रहा है. इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के गृह जिला जशपुर के पत्थलगांव में देशी- विदेशी शराब दुकान के सामने लोग धरने पर बैठ गए और लंजियापारा से शराब दुकान को हटाने की मांग करते हुए तालेबंदी कर दी. एक हफ्ते पहले भी ग्रामीणों ने विरोध- प्रदर्शन किया था.
मिली जानकारी के मुताब्बिक पत्थलगांव में देशी- विदेशी शराब दुकान के सामने लोग धरने पर बैठ गए. लोग लंजियापारा से शराब दुकान को हटाने की मांग कर रहे हैं. आंदोलनकारियों ने शराब दुकान में तालाबंदी कर दी. जिससे कर्मचारी अंदर फंस गए.
शराब दुकान की वजह से आसपास के लोगो को दिक्कतें हो रही हैं. महिलाओं को खासकर परेशानियों का सामना करना पड़ता है. शराब दुकान नहीं हटाये जाने पर वार्डवासियों ने फिर आंदोलन कर दिया.
पत्थलगांव के लांजिया पारा में महिलाओं ने शराब दुकान पर ऐसा ‘लॉकडाउन’ लगाया कि कर्मचारी भी अंदर फंस गए. सोमवार सुबह 11 बजे, दर्जनों महिलाएं नारेबाजी करती हुई दुकान पर पहुंचीं और शटर बंद कर दिया। प्रदर्शनकारी महिलाएं तब तक हटने को तैयार नहीं जब तक शराब दुकान हटाई न जाए.
एक हफ्ते पहले प्रदर्शन करने के दौरान आश्वासन के नाम पर सिर्फ ‘सात दिन का अल्टीमेटम’ ही मिला। जब सात दिन बीत गए और कुछ नहीं हुआ, तो महिलाओं ने धरना देकर अपना गुस्सा दिखाया.
इस आंदोलन में महिलाओं की भागीदारी विशेष रुप से देखने को मिली. प्रदर्शनकारी महिलाओं का कहना है कि शराब दुकान के चलते क्षेत्र में असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लग जाता है. जिससे महिलाओं और बच्चों को असुरक्षा की भावना बनी रहती है.
महिलाओं का कहना है कि शराब दुकान के कारण महिलाओं को काफी परेशानी होती है. राह से गुजड़ने वाली महिलाओं पर शराब के नशे में धुत शराबियों ने गंदी गंदी कमेंट करते हैं. साथ ही स्कूली बच्चियों को तरह तरह के कमेंट करते हैं. साथ ही शराबियों द्वारा खेतो में शराब का बॉटल फेंक दिए जाने से फसल पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है.
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि प्रशासन को जल्द से जल्द इस मामले में ठोस कदम उठाना चाहिए. वरना विरोध प्रदर्शन और तेज किया जाएगा.
मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार नीलम पिस्दा और पुलिस प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की. उन्होंने कहा कि दुकान हटाने की प्रक्रिया शुरु हो गई है. लेकिन महिलाएं ‘अब नहीं तो कभी नहीं’ के मूड में हैं. पूरा माहौल रोचक बन गया. हालात को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारियों ने आंदोलनकारियों से बातचीत कर समाधान निकालने का आश्वासन दिया.
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